राजस्थान में 13 जिले अकालग्रस्त घोषित, आपदा राहत विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार ने किया ऐलान – India TV Hindi

राजस्थान में 13 जिले अकालग्रस्त घोषित कर दिए गए हैं। दरअसल, भजनलाल शर्मा सरकार ने इसकी रिपोर्ट मांगी थी। जिसके बाद आपदा राहत विभाग ने रिपोर्ट सौंपी तो अब 53 तहसीलों को सूखे की चपेट में बताया गया है। इन 13 जिलों में विशेष अभियान चलेगा, जिन्हें अकालग्रस्त माना गया है। जिन जिलों को अकालग्रस्त घोषित किया गया है, उनमें बांसवाड़ा, बाड़मेर, बालोतरा, चूरू, डूंगरपुर, ब्यावर, जैसलमेर, जालौर, जोधपुर, फलौदी, नागौर, पाली और सिरोही शामिल हैं।
गंभीर सूखे की चपेट में राजस्थान की 44 तहसीलें
बता दें कि राजस्थान की 44 तहसीलें गंभीर सूखे की चपेट में हैं। इसमें गढ़ी, अर्थूना, गडरारोड़, चौहटन, बाड़मेर, बायतू, सैड़वा, रामसर, शिव, धनाऊ, बाड़मेर (ग्रामीण), गुढ़ामालानी, कल्याणपुर, पचपदरा, राजगढ़, आसपुर, गलियाकोट, झौथरीपाल, सागवाड़ा, फतेहगढ़, भणियाना, सम, रामगढ़, आहोर, चितलवाना, जसवंतपुरा, बागौड़ा, भीनमाल, रानीवाड़ा, सांचौर, सायला, भाद्राजून, ओसियां, तिवरी, बालेसर, बावड़ी, शेरगढ़, शेखाला, फलौदी, बाप, बापिणी, आऊ, सुमेरपुर और शिवगंज तहसील शामिल हैं।
9 तहसीलें हैं मध्यम सूखे से त्रस्त
वहीं, राजस्थान की 9 तहसीलें मध्यम सूखे से त्रस्त हैं। इनमें बांसवाड़ा की सज्जनगढ़, डूंगरपुर की सीमलवाड़ा, पालदेवल, ओबरी, ब्यावर की रायपुर, जैसलमेर जिले की जैसलमेर, जोधपुर की पीपाड़शहर, फलौदी की सेतरावा और नागौर की खींवसर तहसील शामिल है।
इन वजहों से घोषित किया गया सूखाग्रस्त
जान लें कि दरअसल, बारिश की कमी, सतही जल और भूजल उपलब्धता में कमी, फसलों की कमजोर स्थिति और भारत सरकार की तरफ से तैयार किए गए Drought Monitoring Portal से मिली सूचनाओं आदि को ध्यान में रखते हुए 13 जिलों की तहसीलो को गंभीर एवं मध्यम सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। इससे पहले सितंबर में महाराष्ट्र में CM फडणवीस ने 265 तालुका को सूखा घोषित किया था।
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