Bihar MLC Election Result 2026 LIVE: बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर काउंटिंग शुरू, पटना में CCTV को लेकर बवाल – Jagran

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए मतगणना शुरू हो गई है, जिसमें 150 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा। इस लाइव ब्लॉग में पल-पल की अपडेट दी जा रही है।
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार में MLC Election 2026 के रिजल्ट आने वाले हैं। इसी के साथ उन 150 प्रत्याशियों (स्नातक कोटे में 90 और शिक्षक कोटे में 60) के भाग्य का निर्णय हो जाएगा। बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए मतगणना शुरू हो गई है। 

इस रिजल्ट से मोकामा विधायक अनंत सिंह की प्रतिष्ठा भी जुड़ी है, क्योंकि पटना स्नातक सीट से जदयू प्रत्याशी नीरज सिंह का विरोध करने पर उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। उन्होंने जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया था।  
दैनिक जागरण के इस लाइव ब्लॉग में हम Bihar MLC Election Result 2026  की पल-पल की अपडेट दे रहे हैं, तो बने रहें हमारे साथ।
जनसुराज प्रत्याशी ने कहा कि एक तो काउंटिंग सेंटर में गंदगी है, ना ही सीसीटीवी कैमरा लगा है। हम चुनाव आयोग को मेल करने जा रहे हैं। अनुज सिंह को काउंटिंग सेंटर के अंदर जाने पर भी रोकने की कोशिश की गई। कांग्रेस प्रत्याशी डॉक्टर संजय सिंह धरने पर बैठ गए हैं। 
अनुज सिंह ने मतगणना सेंटर की व्यवस्था पर उठाए सवाल, कहा- शिकायत करने जा रहा हूं https://t.co/ibDGBTj8Gf
कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना प्रक्रिया जिला स्कूल परिसर स्थित बिहार विद्यालय परीक्षा समिति कैंपस में शुरू हो गई है। मतगणना के लिए 14 टेबल लगाए गए हैं। मतपेटियों को स्ट्रांग रूम से निकालकर वोटों की छंटनी का काम शुरू हो गया है। संबंधित अधिकारी मत पत्रों की छंटनी कर निर्धारित टेबल पर पहुंचाएंगे। इसके बाद वोटों की गिनती शुरू होगी। इस प्रक्रिया में 2 से 3 घंटे लगने की संभावना है।
इस बीच सहायक निर्वाचन अधिकारी सह जिलाधिकारी अंशुल कुमार मतगणना स्थल पर पहुंच कर निर्देश दे रहे हैं। मतगणना स्थल के चारों तरफ सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मतगणना स्थल तक आने की सभी मार्ग को सील किया गया है। सभी मार्ग पर पुलिस बल एवं दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त किए गए हैं। मतगणना में शामिल अधिकारी एवं पास धारी को ही अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है।
पटना स्नातक एमएलसी सीट पर जेडीयू के मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार और जन सुराज समर्थित अनुज सिंह के बीच मुकाबले पर खास नजर है। अनुज सिंह को मोकामा के विधायक अनंत सिंह का समर्थन मिला है। इसकी वजह से अनंत सिंह को जदयू की सदस्यता भी खोनी पड़ी है। मतगणना से पहले अनुज सिंह ने इस सीट पर 5,000 वोटों से जीत का दावा भी किया था।
मुजफ्फरपुर के तिरहुत स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए वोटों की गिनती एमआईटी परिसर में शुरू हो गई है।


#WATCH मुजफ्फरपुर (बिहार): तिरहुत स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए वोटों की गिनती एमआईटी परिसर में शुरू होगी। https://t.co/YVVbS12YSC
विधान परिषद का चुनाव साधारण बहुमत से नहीं, बल्कि आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली और एकल संक्रमणीय मत (Single Transferable Vote – STV) के आधार पर होता है।
मतदाता अपने मतपत्र पर अपनी पसंद के अनुसार प्रत्याशियों के नाम पर 1, 2, 3 जैसी वरीयता (Preference) दर्ज करते हैं। सबसे पहले पहली वरीयता (1st Preference) के वोटों की गिनती की जाती है। यदि कोई प्रत्याशी पहली ही गिनती में कुल पड़े वैध वोटों का 50% + 1 वोट प्राप्त कर लेता है, तो उसे तुरंत विजेता घोषित कर दिया जाता है।
यदि पहली वरीयता में कोई उम्मीदवार कोटा हासिल नहीं कर पाता, तो सबसे कम वोट पाने वाले प्रत्याशी को दौड़ से बाहर कर दिया जाता है और उसके मतपत्रों पर दर्ज दूसरी वरीयता (2nd Preference) के वोटों को बाकी बचे उम्मीदवारों में बांट दिया जाता है। यह प्रक्रिया तब तक चलती रहती है, जब तक कोई उम्मीदवार आवश्यक कोटा (50% + 1) हासिल न कर ले।
बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। इसमें शिक्षकों ने स्नातक वालों को काफी पीछे छोड़ दिया। स्नातक क्षेत्रों में औसत 53.42% और शिक्षक क्षेत्रों में 82.85% मतदान दर्ज किया गया था। सारण (शिक्षक) क्षेत्र में सर्वाधिक (89.05%) वोटिंग हुई। तिरहुत (स्नातक) क्षेत्र में सबसे कम (48.51%) मतदान हुआ।

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सभी निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित प्रमंडलीय मुख्यालय वाले शहर में मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। पहले प्रथम वरीयता के मतों की गिनती होगी। उस आधार पर निर्णय नहीं होने की स्थिति में द्वितीय वरीयता के मत गिने जाएंगे। जीत-हार के निर्णय तक यह क्रम आगे बढ़ता रहेगा।
8 बजे से मतगणना की शुरुआत होगी और आशा है कि पहले शिक्षक कोटे की सीटोंं के परिणाम सार्वजनिक हों। कारण यह कि इन सीटों पर मतदाता अपेक्षाकृत कम हैं। हालांकि, मतदान में वे स्नातकों की तुलना में काफी आगे रहे हैं।

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