MP News: गोटेगांव में श्रीमद्भागवत कथा यज्ञ में शामिल हुये CM मोहन यादव, सनातन संस्कृति और संस्कारों पर दिया जोर – Asianet News Hindi

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश सरकार सनातन संस्कृति, भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं और देश की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ समाज को नशे और दूसरी सामाजिक बुराइयों से मुक्त बनाना भी है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा यज्ञ के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर पूज्य गोपीठाधीश्वर महंत बिपिन बिहारी दास महाराज उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने महाराजश्री के दर्शन कर उनका आशीर्वाद भी प्राप्त किया। डॉ. यादव ने कहा कि श्रीमद्भागवत पुराण में चारों वेदों, 18 पुराणों और उपनिषदों का सार समाहित है। भागवत कथा मनुष्य को जीवन, मृत्यु, कर्म और सदाचार का वास्तविक अर्थ समझाती है। धर्म और अध्यात्म की इस परंपरा से जुड़ना सभी के लिए सौभाग्य की बात है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सामाजिक बुराइयों को दूर करने और धार्मिक वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश के 19 धार्मिक नगरों में शराबबंदी का निर्णय लिया है। सरकार चाहती है कि समाज को व्यसन से मुक्त बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता के बाद अब वर्ष 2029 तक ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया गया है। इसका उद्देश्य खासतौर पर युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सरकार के प्रयासों के साथ लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। नशे से दूर रहकर ही युवाओं को बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मनुष्य को परमात्मा से मिला जीवन और सांसें अच्छे कर्मों तथा श्रेष्ठ संस्कारों के लिए इस्तेमाल करनी चाहिए। जन्म और मृत्यु परमात्मा की व्यवस्था का हिस्सा हैं। भारतीय संस्कृति हमें जीवन के कर्तव्यों को समझने और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं का गौरव दुनियाभर में स्थापित हो रहा है। श्रीमद्भागवत कथा जैसे धार्मिक आयोजन लोगों को अपनी संस्कृति से जोड़ने और जीवन में सदाचार अपनाने की प्रेरणा देते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता के 18 अध्याय मनुष्य को कर्म, कर्तव्य और जीवन को श्रेष्ठ दिशा में ले जाने की सीख देते हैं। इसी विचार के साथ प्रदेश में गीता जयंती को व्यापक स्तर पर मनाने की पहल की गई है। सरकार ने गांवों के साथ नगरीय निकायों में भी गीता भवन बनाने का संकल्प लिया है। इन भवनों में धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियों के आयोजन के लिए स्थायी स्थान उपलब्ध हो सकेगा। इससे लोगों को अपनी परंपराओं से जुड़ने और सामूहिक आयोजनों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां नर्मदा की परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नर्मदा मिशन के माध्यम से परिक्रमा पथ का विकास किया जा रहा है। इस योजना के तहत परिक्रमावासियों के लिए विश्राम स्थल विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा घाटों का उन्नयन और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी काम होगा। मां नर्मदा के जल की शुद्धता बनाए रखने के लिए जल शुद्धीकरण की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान जरूरी सुविधाएं मिलें और नदी की स्वच्छता भी बनी रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद में एक वृंदावन गांव विकसित करने की पहल की गई है। इन गांवों में देसी गोवंश के संरक्षण और संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि साहीवाल, गिर और स्थानीय नस्ल की गायों के पालन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इसके साथ ही किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत देसी गाय पालने वाले पशुपालकों को हर महीने एक हजार रुपये की सहायता देने की पहल भी की जा रही है। सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से गोपालन को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही प्राकृतिक खेती और दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा सकेगा। इससे किसानों और पशुपालकों के लिए आय के अवसर मजबूत करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े मध्य प्रदेश के विभिन्न स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना तथा श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के साथ महाकाल महालोक, ओरछा, चित्रकूट, ओंकारेश्वर, महेश्वर और अमरकंटक जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास पर भी काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन स्थलों का विकास होने से श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक कुरीतियों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जीवन में किसी भी बड़े पद या जिम्मेदारी पर पहुंचने के बाद लोगों को अपने संस्कार नहीं भूलने चाहिए। उन्होंने सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने की जरूरत बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने दोनों बच्चों का विवाह भी सामूहिक विवाह के माध्यम से किया है। मुख्यमंत्री ने लोगों से विवाह समारोहों में अनावश्यक दिखावे से बचने और मृत्यु भोज जैसी सामाजिक कुरीतियों को प्रोत्साहित नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए जरूरी है कि लोग अपनी परंपराओं और संस्कारों को बनाए रखते हुए अनावश्यक खर्चों से बचें।
कार्यक्रम में मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गोटेगांव आगमन पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जालम सिंह पटेल (मुन्ना भैया) और मणिनागेंद्र सिंह फाउंडेशन की पूरी टीम के प्रयासों से इस भव्य धार्मिक आयोजन का शुभारंभ हुआ है। मंत्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोजन के पहले दिन गोटेगांव पहुंचकर सभी को अनुग्रहित किया। उन्होंने अपने परिवार और गोटेगांव के नागरिकों की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। उल्लेखनीय है कि यह श्रीमद्भागवत कथा यज्ञ स्वर्गीय माताजी और स्वर्गीय मणिनागेंद्र सिंह (मोनू भैया) की पुण्यस्मृति में आयोजित किया जा रहा है।
मंत्री पटेल ने कथाव्यास पूज्य बिपिन बिहारी दास महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी कथा केवल धार्मिक प्रवचन तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और गौरवशाली परंपराओं की पुनर्स्थापना का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि महाराजश्री समाज के सामने ऐसे सच रखते हैं, जो लोगों को हंसाने के साथ-साथ आत्मचिंतन के लिए भी प्रेरित करते हैं। मंत्री ने परमपूज्य श्रीश्री बाबा श्रीजी की वाणी का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्य को प्रमाण की नहीं, परिणाम की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा कि बिपिन बिहारी दास महाराज जिस निष्ठा और संकल्प के साथ भागवत कथा का वाचन कर रहे हैं, वह सभी के लिए प्रेरणादायी है। मंत्री पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इतिहास और आध्यात्मिक विषयों के गहन ज्ञान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की इस आयोजन में उपस्थिति सभी के लिए गौरव और प्रसन्नता का विषय है।
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