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राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प एक के बाद एक बड़े फैसले ले रहे हैं. उन्होंने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया. राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश के बाद वहां सेना में होने वाली भर्ती में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
ट्रंप सत्ता में आने के बाद लगातार फैसले ले रहे हैं, उन्होंने एक आदेश में उन सैनिकों को भी पुन: बहाल करने का आदेश दिया है, जिन्होंने COVID-19 का टीका लेने से इनकार कर दिया था. साथ ही उन्होंने अमेरिका के लिए अंतरिक्ष-आधारित मिसाइल रक्षा ढाल बनाने के लिए भी प्रावधान किया है.
आदेश का हो रहा विरोध
ट्रांसजेंडर पर प्रतिबंध लगाने की उम्मीद पहले से ही की जा रही थी. ट्रम्प का ये आदेश काफी हद तक भविष्य में लगाने वाले प्रतिबंधों के लिए एक मंच तैयार करेगा. वहीं हेगसेथ को यह बताने का निर्देश दिया गया है कि इस नीति को कैसे लागू किया जाएगा. ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी ट्रांसजेंडर सैनिकों पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की थी, लेकिन यह कई वर्षों तक अदालतों में उलझा रहा और तत्कालीन राष्ट्रपति जो बिडेन ने पदभार संभालने के तुरंत बाद इसे पलट दिया गया.
आदेश के बाद ट्रांसजेंडर सैनिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों ने आदेश का विरोध करने और कानूनी कदम उठाने की बात कही है. लैम्ब्डा लीगल एंड ह्यूमन राइट्स कैम्पेन, जिन्होंने पहली बार ट्रांसजेंडर सैनिकों का प्रतिनिधित्व किया, उसने फिर से इसके खिलाफ लड़ने की कसम खाई.
‘आदेश के खिलाफ मुकदमा करेंगे’
लैम्ब्डा लीगल अटॉर्नी साशा बुचर्ट ने कहा, हम पहले भी यहां आ चुके हैं और सात साल पहले किए गए सरकार द्वारा प्रयास को सफलतापूर्वक रोकने में सक्षम रहे थे. उन्होंने कहा कि ऐसा कदम न केवल क्रूर है, बल्कि यह हमारे देश की सुरक्षा से समझौता करता है, जो विशेष रूप से खतरनाक और गलत है. जैसा हमने तब वादा किया था, वैसा ही अब भी करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि हम इस आदेश के खिलाफ मुकदमा करेंगे.
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