फरीदाबाद के सेक्टर 21-C में कुत्ते को पार्किंग में शौच (पॉटी) कराने को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। इसके बाद गुस्साए पड़ोसी ने लाइसेंसी पिस्टल से सिंगापुर की एक सॉफ्टवेयर कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) परमजीत धनखड़ की गोलियां मारकर हत्या कर दी। इस दौरान मुख्य आरोपी मोहन शर्मा उर्फ मोनू ने परमजीत पर करीब 14 राउंड फायर किए। इनमें से 9 गोलियां उन्हें लगीं, जिससे उनकी मौत हो गई। आरोपी ने परमजीत के बेटे पर भी फायर किए, मगर उसने कार के पीछे छिपकर अपनी जान बचाई।
घटना की जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने मौके से एक पिस्टल, दो मैगजीन और करीब 100 गोलियां बरामद की हैं। वारदात के बाद आरोपी परिवार सहित मौके से फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। सिंगापुर में रहने वाले धनखड़, अपने परिवार के साथ दिवाली मनाने के लिए 5 नवंबर को ही भारत आए थे और उन्हें 24 नवंबर को अपने भतीजे की शादी में भी शामिल होना था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, परमजीत और मोनू शर्मा सेक्टर-21सी की एक ही बिल्डिंग में रहते थे। परमजीत पहली मंजिल पर रहते थे, जबकि मोनू शर्मा का फ्लैट तीसरी मंजिल पर था। दोनों के बीच पिछले करीब तीन-चार महीने से कुत्ते को पार्किंग में शौच कराने को लेकर विवाद चल रहा था। परमजीत पार्किंग में कुत्ते को शौच कराने का विरोध करते थे।
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परमजीत के बहनोई राजीव कुमार व पारिवारिक मित्र गांव कुशक बड़ौली से सरपंच गजराज ने बताया कि 22 अक्तूबर को मोनू ने परमजीत के पार्किंग के गेट पर लातें मारी थीं, जिससे गेट को नुकसान हुआ था। उस दौरान परमजीत सिंगापुर में थे, तब उनकी पत्नी और बच्चों ने इसे लेकर किसी तरह के विवाद नहीं किया। इसी बीच 5 नवंबर को परमजीत वापस अपने घर लौट आए।
शुक्रवार सुबह परमजीत जिम गए हुए थे। इसी दौरान उनके 18 वर्षीय बेटे शौर्य की मुलाकात पार्किंग में मोनू शर्मा से हो गई। शौर्य ने उससे कहा कि अंकल वो उनका गेट ठीक करवा दें। आरोप है कि मोनू ने शौर्य और उसके परिवार के लिए अपशब्द कहे। जो सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गए। एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार शर्मा ने उससे कहा, ‘मैं पिल्लों से बात नहीं करता, अपने पिता को भेजो।’ इसके बाद शौर्य ने अपने पिता को फोन कर सारी बात बता दी।
परमजीत ने इसकी शिकायत अनखीर पुलिस चौकी में की थी, मगर वहां भी मोनू उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगा। हालांकि अधिकारियों ने मोनू की इस धमकी को खोखला मानते हुए, कथित तौर पर दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश की।
पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार शनिवार रात करीब 8.30 बजे मोनू घर पहुंचा और उसने परमजीत के घर की घंटी बजाई। परमजीत ने बालकनी से झांककर देखा तो नीचे मोनू खड़ा था। उसने परमजीत से नीचे पार्किंग में बुलाया और इसके बाद झगड़ा शुरू करते हुए कहा, ‘क्या तुमने कभी देखा है कि कोई विधवा कैसी दिखती है? तुम्हें भगवान पर बहुत भरोसा है न तो चलो, मैं तुम्हें सीधे उन्हीं के पास भेज देता हूं।’
आरोप है कि उनके नीचे आते ही मोनू ने परमजीत से झगड़ा करना शुरू कर दिया और अपनी जेब से पिस्टल निकाल कर परमजीत पर फायर करने शुरू कर दिए। शौर्य पर भी उसने तीन फायर किए, मगर उसने वहीं खड़ी गाड़ी के पीछे छिपकर अपनी जान बचाई। परमजीत को 9 गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौत हो गई।
उधर सूरजकुंड SHO प्रहलाद सिंह ने बताया, ‘मृतक परमजीत के बेटे शौर्य की शिकायत के आधार पर, मोनू शर्मा उर्फ मोहन, उसकी पत्नी दिव्या, बेटे मयंक, बेटी नैना और भाई हेतराम के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। हमने मुख्य आरोपी मोनू शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ कर रहे हैं।’
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मकान नंबर 641 के पास शर्मा का एक प्लॉट है, जहां वह अक्सर रात में अपने दोस्तों के साथ हंगामा करता था। एक सूत्र ने बताया, ‘उसकी आदत थी कि वह देर रात तक तेज आवाज में संगीत बजाता था और हवा में गोलियां चलाता था। उसके पास कई लग्जरी गाड़ियां भी थीं, जिन्हें वह सेक्टर की सड़कों पर बहुत तेज रफ्तार से और तेज आवाज वाले इंजन के साथ दौड़ाता था।’ उन्होंने बताया कि सेक्टर के निवासी उसके बर्ताव से बहुत परेशान थे, लेकिन वे कुछ बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे।
रिपोर्ट- अमित भाटिया
सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।
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