मिट्टी के दीयों की बिक्री घटी: दीपावली पर चाइनीज झालरों की मांग भी कम, भारतीय झालरों की बिक्री बढ़ी – Dainik Bhaskar

चमरौआ क्षेत्र में दीपावली के पर्व पर बाजारों में इस बार खरीदारी का रुख बदला हुआ नजर आया। जहां एक ओर मिट्टी के दीयों की बिक्री में कमी देखने को मिली, वहीं चाइनीज झालरों के प्रति भी ग्राहकों का रुझान घटा है। इसके मुकाबले भारतीय झालरों की मांग में बढ़ोत
बाजारों में मिट्टी के दीये बेचने वाले दुकानदारों को इस बार ग्राहकों का पहले जैसा उत्साह देखने को नहीं मिला। पहले दीपावली पर लोग बड़ी संख्या में मिट्टी के दीये खरीदते थे, लेकिन अब उनकी जगह मोमबत्तियों और बिजली से जलने वाली रंग-बिरंगी झालरों ने ले ली है।
दीये खरीदने पहुंचे बुजुर्ग रामप्रसाद ने बताया कि पहले वह हर साल 100 से अधिक मिट्टी के दीये खरीदकर घर ले जाते थे। घर के हर कोने में दीये जलाने की परंपरा थी, लेकिन अब समय के साथ लोगों की पसंद बदल गई है। बाजार में मोमबत्तियां और बिजली से चलने वाली आकर्षक झालरें आसानी से उपलब्ध हैं। ऐसे में अधिकांश लोग इन्हीं से घरों को सजाना पसंद कर रहे हैं।
चाइनीज के बजाय भारतीय झालरों को प्राथमिकता
राजद्वारा के एक दुकानदार ने बताया कि पिछले वर्षों में चाइनीज झालरों की खूब बिक्री होती थी, लेकिन इस बार ग्राहक इन्हें खरीदने में कम रुचि दिखा रहे हैं। उन्होंने बताया कि चाइनीज झालरों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री अपेक्षाकृत कम टिकाऊ होती है। कई बार ये एक बार इस्तेमाल करने के बाद ही खराब हो जाती हैं।
इसके विपरीत भारतीय झालरें थोड़ी महंगी होने के बावजूद अधिक टिकाऊ हैं। इनमें कॉपर का इस्तेमाल होने से ये लंबे समय तक चलती हैं और कई बार उपयोग की जा सकती हैं। इसी वजह से ग्राहक अब गुणवत्ता और टिकाऊपन को ध्यान में रखते हुए भारतीय झालरों को प्राथमिकता दे रहे हैं। बाजारों में खरीदारी का यह बदला रुख इस बार दीपावली पर परंपरा और आधुनिकता के बीच बदलती पसंद को भी दर्शा रहा है।
Copyright © 2025-26 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News