Budget 2025 Expectations live : ट्रेन टिकट में छूट होगी बहाल, फिर बदल सकते हैं कैपिटल गेंस टैक्‍स के नियम – News18 हिंदी

Live
Budget 2025 Expectations live : आम बजट कल पेश होगा. आज वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगी. देश के हर सेक्टर और सेगमेंट की नजरें बजट पर टिकी हुई हैं. उम्‍मीद की जा रही है कि बजट में वित्‍त मंत्री वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए रेल किराए में पहले मिलने वाली छूट को फिर से बहार करेंगी.
Budget 2025 Expectations live : वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण कल देश का केंद्रीय बजट पेश करेंगी. बजट से पहले आज आर्थिक सर्वेक्षण पेश होगा. आर्थिक सर्वेक्षण देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति, विकास दर और प्रमुख आर्थिक चुनौतियों का विश्लेषण करने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है. उम्‍मीद की जा रही है कि बजट में कोरोना काल से पहले रेल किराए में वरिष्‍ठ नागरिकों को मिलने वाली छूट को फिर से बहाल किया जाएगा. इसके अलावा कैपिटल गेन टैक्‍स के नियमों में बदलाव किए जाने के भी आसार हैं.
साल 2019 के अंत तक भारतीय रेलवे मेल, एक्सप्रेस, राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी ट्रेनों की टिकट बुकिंग पर सीनियर सिटीजन को छूट देती थी. 60 साल या उससे अधिक उम्र के पुरुषों को टिकट पर 40% और 58 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को 50% की छूट मिलती थी. कोविड-19 महामारी के दौरान 2020 में सरकार ने रेलवे टिकट पर मिलने वाली छूट को बंद कर दिया. महामारी खत्म होने के बाद भी यह सुविधा दोबारा शुरू नहीं की गई. सीनियर सिटीजन काफी समय से इसे बहाल करने की मांग कर रहे हैं.
पिछले बजट में कैपिटल गेन टैक्‍स के नियमों में सरकार ने बदलाव कर दिया था. ये बदलाव लोगों को ज्‍यादा रास नहीं आए. इसलिए इस बार के बजट में एक बार फिर कैपिटल गेन टैक्‍स के रूल बदलने की संभावना है. जब कभी आप कोई प्रॉपर्टी, शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड्स की यूनिट्स बेचते हैं तो आपको प्रॉफिट या लॉस होता है. ज्यादातर बार आपको प्रॉफिट होता है. सरकार इस प्रॉफिट का एक हिस्सा आपसे ले लेती है. इस प्रॉफिट पर वह जो टैक्स लगाती है, उसे कैपिटल गेन टैक्स कहा जाता है. कैपिटल गेन टैक्स दो तरह का होता है-शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन.
आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) के दो खंड होते हैं. पहले हिस्से में अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन, सरकार की वित्तीय स्थिति से जुड़े डेटा और फिस्कल ट्रेंड की जानकारी होती है. दूसरे भाग में सामाजिक-आर्थिक मसलों का विश्लेषण होता है. जैसे-शिक्षा, गरीबी, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, मानव संसाधन आदि से जुड़ी जानकारियां होती है.
इकोनॉमिक सर्वे वित्त मंत्रालय तैयार करता है. मंत्रालय का इकोनॉमिक अफेयर्स विभाग की इकोनॉमिक डिवीजन की इसे तैयार करने की जिम्‍मेदारी होती है. यह डिवीजन सरकार के मुख्‍य आर्थिक सलाहकार की निगरानी में इस महत्‍वपूर्ण दस्‍तावेज को तैयार करती है.
आज आर्थिक सर्वेक्षण पेश होगा. वित्‍त मंत्री इसे पेश करेंगी. देश के लिए इकोनॉमिक सर्वेक्षण काफी अहम होता है, क्‍योंकि इससे देश की अर्थव्‍यवस्‍था की दशा और दिशा के बारे में पता चलता है. इस देश के मुख्‍य आर्थिक सलाहकार की देखरेख में तैयार किया जाता है. इकोनॉमिक सर्वे में पिछले वित्‍त वर्ष के आर्थिक डेटा की जानकारी होती है.आर्थिक सर्वेक्षण पिछले एक वर्ष में अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करता है और संभावित समाधान भी सुझाता है. इसके माध्यम से सरकार को यह समझने में मदद मिलती है कि विकास दर, महंगाई, बेरोजगारी और वित्तीय घाटे जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए किन नीतियों को अपनाया जाना चाहिए.

शादी के बाद जिंदगी हुई नर्क, पति के खिलाफ जाकर की फिल्म, हीरो संग दिया KISS…
देखें इस महीने NCR में होने वाले पीयूष मिश्रा से लेकर अरिजीत सिंह तक के इवेंट
पुराने और नए फैशन का खूबसूरत संगम, दुल्हन की सुंदरता में लगाए चार चांद
दोनों आंखों से देख नहीं सकता ये बैल, फिर भी मालिक की सबसे बड़ी ताकत
इन भाइयों ने बंजर जमीन को उपजाऊ में बदल डाला,उगा रहे गन्ने! जानिए उनका सीक्रेट
लाइव ब्लॉग
4 minutes ago
22 minutes ago
12 hours ago
18 hours ago

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News