रिद्धिमान साहा ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से लिया संन्यास, कहा- ख़ूबसूरत सफ़र ख़त्म हो रहा है – BBC News हिंदी

बीते सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि फ़लस्तीनियों को ग़ज़ा से निकाल कर मिस्र और जॉर्डन में बसाया जाना चाहिए.
हिमांशु दुबे
इमेज स्रोत, KHALED DESOUKI/AFP via Getty Images
ग़ज़ा से फ़लस्तीनियों को बाहर निकालने और दूसरी जगह ले जाने के मुद्दे पर मिस्र, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, क़तर, फ़लस्तीनी प्राधिकरण और अरब लीग के विदेश मंत्रियों की मुलाक़ात हुई है.
काहिरा में हुई एक बैठक में इन सभी देशों के विदेश मंत्रियों का कहना है कि वो फ़लस्तीनियों को जबरन ग़ज़ा से बाहर निकालने और कहीं और बसाने के ख़िलाफ़ हैं.
बीते दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि फ़लस्तीनियों को ग़ज़ा से निकाल कर मिस्र और जॉर्डन में बसाया जाना चाहिए.
अब इन देशों के नेताओं का कहना है कि मिस्र और जॉर्डन से ग़ज़ा के लोगों को स्वीकार करने को लेकर जो बात कही गई थी वो सही नहीं. उन्होंने दावा किया है कि इससे इलाक़े की स्थिरता के लिए ख़तरा पैदा हो सकता है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार एक साझा बयान में इन नेताओं ने कहा कि "फ़लस्तिनीयों को विस्थापन के ज़रिए एक जगह से निकालने या उन्हें उनकी ज़मीन से निकालने को बढ़ावा देना" फ़लस्तीनी नागरिकों के "अधिकारों का हनन होगा."
मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतेह अल-सीसी ने कहा कि "फ़लस्तीनी लोगों को उनकी ज़मीन से निकालना अन्याय है और हम इसमें हिस्सा नहीं ले सकते."
इन नेताओं का कहना था कि वो ट्रंप प्रशासन के साथ काम करने को तैयार हैं ताकि मध्य पूर्व में शांति स्थापित की जा सके और दो राष्ट्र सिद्धांत के आधार पर इस मुश्किल का हल निकाला जा सके.
इमेज स्रोत, ANI
भारतीय क्रिकेटर रिद्धिमान साहा ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट्स से संन्यास ले लिया है. शनिवार शाम उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा की.
रिद्धिमान ने एक्स पर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर दो पन्नों का एक पोस्ट लिखा. इसमें उन्होंने लिखा कि एक खूबसूरत सफर अब ख़त्म हो रहा है.
उन्होंने लिखा, "इस बात को 28 साल हो चुके हैं जब मैंने पहली बार 1997 में क्रिकेट के मैदान में कदम रखा था. ये शानदार सफर रहा. मैंने अपने देश, राज्य, ज़िले, क्लब, यूनिवर्सिटी, कॉलेज और स्कूल का प्रतिनिधित्व किया और ये मेरे लिए सम्मान की बात रही."
उन्होंने लिखा, "क्रिकेट ने मुझे खुशियों के पल दिए हैं, ऐसी जीत दी है जिनकी यादों को भूलाया नहीं जा सकता और साथ ही बेशक़ीमती अनुभव दिए हैं. जीवन के उतार-चढ़ाव और जीत और हार ने मुझे वो बनाया जो मैं आज हूं. लेकिन सभी चीज़ें आख़िर में एक अंत तक पहुंचती हैं. मैंने फ़ैसला किया है कि मैं क्रिकेट के हर प्रारूप से संन्यास ले रहा हूं."
भविष्य के बारे में रिद्धिमान ने बताया, "अब मेरे लिए वक्त है एक नए अध्याय का, मैं अपने परिवार और दोस्तों के साथ वक्त बिताना चाहता हूं, उन लम्हों को जीना चाहता हूं जौ मेंने मिस कर दिए. मैं अब मैदान के बाहर की ज़िंदगी को गले लगाना चाहता हूं."
रिद्धिमान ने अपने पोस्ट में बीसीसीआई के साथ-साथ बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन और त्रिपुरा क्रिकेट एसोसिएशन का शुक्रिया अदा किया है.
साथ ही उन्होंने आईपीएल का हिस्सा बनने के मौक़े के लिए आईपीएल परिवार का भी शुक्रिया किया है.
उन्होंने लिखा, "जो रिश्ते और यादें बनी हैं वो हमेशा मेरे साथ रहेंगी."
रिद्धिमान साहा आईपीएल में कोलकाला नाइट राइडर्स, चेन्नई सुपर किंग्स, किंग्स इलेवेन, सनराइज़र्स हैदराबाद और गुजरात टाइटन्स के लिए खेल चुके हैं.
इमेज स्रोत, ARUN SANKAR/AFP via Getty Images
शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में देश का सालाना बजट पेश किया है. बजट के विश्लेषण से पता चलता है कि बीते साल के मुक़ाबले इसमें बच्चों के लिए योजनाओं में अधिक रकम आवंटित की गई.
बच्चों के हकों के लिए काम करने वाले संगठन चाइल्ड राइट्स एंड यू (क्राइ) ने बजट का विश्लेषण किया है और कहा है कि साल 2024-25 के मुक़ाबले इस साल के बजट में बच्चों के लिए आवंटन में थोड़ा इज़ाफ़ा देखा गया है.
संगठन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी पूजा मारवाह का कहना है, "साल 2025-26 के बजट में बच्चों के लिए कुल आवंटन 116,132.5 करोड़ रुपये का है, वहीं साल 2024-25 के बजट में बच्चों के लिए कुल 109,920.95 करोड़ रुपये का आवंटन था. इसका मतलब इस साल के आवंटन में 6,211.55 करोड़ रुपये का इज़ाफ़ा किया गया है."
देखा जाए तो ये इज़ाफ़ा 0.01 फ़ीसद का है, यानी जहां 2024-25 में कुल बजट का 2.28 फीसद हिस्सा बच्चों के लिए था. वहीं इस बार ये 2.29 फीसद है.
वहीं जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) के कुल हिस्से के हिसाब से देखा जाए तो इसमें 0.01 फीसदी की गिरावट देखी गई है. इसके अनुसार साल 2024-25 में बच्चों के लिए 0.34 फ़ीसदी का आवंटन था, जो 2025-26 में घटकर 0.33 फ़ीसद हो गया है.
इमेज स्रोत, NIHARIKA KULKARNI/AFP via Getty Images
किस क्षेत्र में कितना आवंटन?
इमेज स्रोत, Vijayanand Gupta/Hindustan Times via Getty Images
छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित बीजापुर में पुलिस ने एक मुठभेड़ में आठ संदिग्ध माओवादियों के मारे जाना का दावा किया है.
पुलिस ने मारे जाने वाले माओवादियों की संख्या बढ़ने से इनकार नहीं किया है.
पुलिस के एक अधिकारी ने बीबीसी से कहा, "शुक्रवार को डिस्ट्रिक्ट रिज़र्व गार्ड, स्पेशल टॉस्क फोर्स, कोबरा बटालियन और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस की 222 बटालियन की संयुक्त टीम माओवादी ऑपरेशन के लिए निकली थी. जहां गंगालूर थाना के तोड़का इलाके में शनिवार की सुबह संदिग्ध माओवादियों के साथ मुठभेड़ हुई."
पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ स्थल से अभी तक आठ संदिग्ध माओवादियों के शव बरामद किए जा चुके हैं. मुठभेड़ और तलाशी अभियान अब भी जारी है.
पिछले एक महीने में पुलिस ने 50 से अधिक माओवादियों को मुठभेड़ में मारने का दावा किया है.
20-21 जनवरी को सुरक्षाबलों ने गरियाबंद में लगभग 75 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद 16 माओवादियों को मुठभेड़ में मारने का दावा किया था.
इस मुठभेड़ में मारे जाने वालों में सीपीआई माओवादी की सेंट्रल कमेटी के सदस्य और 90 लाख के इनामी चलपति के अलावा नुआपड़ा-गरियाबंद-धमतरी डिवीज़न कमेटी प्रमुख सत्यम गावड़े जैसे माओवादी भी शामिल थे.
इससे पहले 16 जनवरी को छत्तीसगढ़ तेलंगाना की सीमा पर पुजारी कांकेर में पुलिस ने 18 संदिग्ध माओवादियों को मारने का दावा किया था.
इसके अलावा 12 जनवरी को बीजापुर में 5 संदिग्ध माओवादी, 9 जनवरी को सुकमा-बीजापुर में 3 संदिग्ध माओवादी और 4 जनवरी को 5 संदिग्ध माओवादियों के मुठभेड़ में मारे जाने का दावा पुलिस ने किया है.
इमेज स्रोत, ANI
पिछले साल भर से छत्तीसगढ़ में माओवादियों के ख़िलाफ़ सुरक्षाबलों का ऑपरेशन लगातार जारी है.
छत्तीसगढ़ में 2020 से 2023 के चार सालों में 141 माओवादी मारे गये थे.
लेकिन राज्य में भाजपा की सत्ता आने के बाद अकेले 2024 में सुरक्षाबलों ने 223 माओवादियों को मुठभेड़ में मारने का दावा किया.
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षाबल के जवानों के साहस की सराहना की है और कहा है कि नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत लगातार कार्रवाई चल रही है.
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त
सामग्री् उपलब्ध नहीं है
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार आठवीं बार पेश किया देश का आम बजट.
बजट की किन घोषणाओं ने बटोरी सुर्खियां और टैक्स से किस वर्ग को मिली कितनी राहत?
सुनिए बीबीसी का न्यूज़ पॉडकास्ट 'दिनभर- पूरा दिन, पूरी ख़बर' मोहन लाल शर्मा और प्रेरणा के साथ.
इमेज स्रोत, BANARAS KHAN/AFP via Getty Images
पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि देश के दक्षिण-पश्चिम बलूचिस्तान प्रांत में अलग-अलग घटनाओं में कुल 41 लोगों की मौत हो गई है.
सेना के अनुसार इन घटनाओं में 18 सैनिकों और 23 विद्रोहियों की मौत हुई है.
सेना ने इसे आतंकवाद की कायराना हरकत करार दिया है.
पहली घटना बलूचिस्तान के कलात ज़िले के मंगोचार शहर के नज़दीक हुई जहां सुरक्षाबल विद्रोहियों के बनाए रोडब्लॉक को हटाने की कोशिश कर रहे थे. इस घटना में अधिकांश मौतें हुई हैं.
आईएसपीआर के मुताबिक़ इस घटना में सुरक्षाबलों ने 12 "आतंकवादियों" को मारा है. वहीं इस दौरान 18 सैनिक भी मारे गए हैं.
इस हमले की ज़िम्मेदारी एक बलोच विद्रोही समूह ने ली है.
अधिकारियों के अनुसार इसके अलावा बलूचिस्तान प्रांत में हुई एक और घटना में सुरक्षाबलों ने 11 विद्रोहियों को मारा है.
इमेज स्रोत, Getty Images
प्राकृतिक संपदा से भरा पाकिस्तान के इस प्रांत की सीमा ईरान और अफ़ग़ानिस्तान से सटती है. यहां बलूच समूहों और इस्लामी विद्रोहियों के बीच दशकों से तनाव है.
विद्रोहियों का कहना है कि उन्हें राजनीतिक स्वायत्तता और यहां की प्राकृतिक संपदा पर अपना नियंत्रण चाहिए. वो बीते वक्त में यहां सुरक्षाबलों पर हमलों को अंजाम देते रहे हैं.
विद्रोही इस इलाक़े में चल रही परियोजनाओं में काम करने वाले चीनी नागरिकों पर भी हमले करते रहे हैं.
पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ़ अली जरदारी, गृह मंत्री मोहसिन नक़वी और बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफ़राज बुगती ने सुरक्षाबलों पर हमले की निंदा की है.
इमेज स्रोत, AFP via Getty Images
इसराइल और हमास के बीच युद्धविराम के तहत शनिवार को हमास ने अपने कब्ज़े में मौजूद तीन बंधकों को आज़ाद किया है.
इनमें 34 साल के यार्डेन बिबास, 53 साल के ओफ़र कालडेरॉन और 65 साल के कीथ सीगल शामिल हैं.
यार्डेन बिबास को शनिवार सवेरे ग़ज़ा के दक्षिणी शहर ख़ान यूनिस में छोड़ा गया. उनके दोनों बेटों (पांच साल के एरियल और दो साल के कफ़िर) को भी हमास ने सात अक्तूबर 2023 को बंधक बना लिया था. उनकी पत्नी और उनके दोनों बेटे अभी भी हमास की कैद में हैं.
ओफ़र कालडेरॉन फ्रांसीसी मूल के इसराइली नागरिक हैं. उन्हें भी हमास ने दक्षिणी शहर ख़ान यूनिस में आज़ाद किया. ओफ़र और उनके दोनों बच्चों एरेज़ और शहर को हमास के लड़ाकों ने निर ओज़ के पास बंधक बनाया था. नवंबर 2023 में हुए अस्थायी युद्धविराम के बाद उनके दोनों बच्चों को हमास ने आज़ाद कर दिया था.
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उनकी रिहाई का स्वागत किया है.
इमेज स्रोत, IDF/Handout via REUTERS
कीथ सीगल अमेरिकी मूल के इसराइली नागरिक हैं. उन्हें और उनकी पत्नी आड्रिएन (उन्हें अविवा नाम से भी जाना जाता है) को हमास के लड़ाकों ने कफ़्र अज़ा में उनके घर से बंधक बना लिया था. नवंबर 2023 में के युद्धविराम समझौते के तहत आड्रिएन को आज़ाद किया गया था.
कीथ के परिवार ने एक बयान जारी कर कहा है कि "484 दिनों के लंबे इंतज़ार, दहशत भरे दिन और रातों और पिता की चिंता के बाद, अब हम एक बार फिर सांस ले सकते हैं."
इमेज स्रोत, Doaa Albaz/Anadolu via Getty Images
शनिवार को फ़लस्तीनी गुट हमास ने ग़ज़ा में संघर्षविराम समझौते के तहत तीन और इसराइली बंधकों को आज़ाद कर दिया है.
इनमें 34 साल के यार्डेन बिबास, 53 साल के ओफ़र कालडेरॉन और 65 साल के कीथ सीगल शामिल हैं.
इन तीनों को हमास ने रेड क्रॉस को सौंप दिया है. इन तीन बंधकों को इसराइली जेलों में बंद 183 फ़लस्तीनी कैदियों के बदले आज़ाद किया गया है.
इसराइली बंधकों को आज़ाद किए जाने के बाद इसराइल के कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक और ग़ज़ा पट्टी में इन कैदियों को आज़ाद किया गया.
इन्हें 19 जनवरी को हमास और इसराइल के बीच में हुए युद्धविराम के तहत छोड़ा गया है.
इस समझौते के तहत छह सप्ताह के पहले चरण में कुल 33 बंधकों को रिहा किया जाना है.
इमेज स्रोत, REUTERS/Ronen Zvulun
युद्धविराम लागू होने के बाद अब तक कुल 18 इसराइली बंधकों को आज़ाद किया गया है.
माना जा रहा है कि इसके बाद अब हमास के कब्ज़े में 79 बंधक हैं. हालांकि इसराइल का मानना है कि इनमें से केवल 45 जीवित हैं.
युद्धविराम के दूसरे चरण में बाकी बचे बंधकों को रिहा किया जाएगा.
जिसके बाद तीसरे चरण के दौरान उन बंधकों के शव या अवशेष इसराइल को सौंपे जाएंगे जिनकी मौत हो चुकी है.
इमेज स्रोत, ANI
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बजट पर नाराज़गी जताई है और कहा है कि बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पंजाब को निराश किया है.
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, "वो पंजाब के साथ खड़े नहीं होते, वो पंजाब को हमेशा निराश करते हैं."
इस पर विस्तार से बोलते हुए उन्होंने कहा, "मुद्दा कोई भी हो बीजेपी की सरकार पंजाब को निराश करती है. बजट में खेती पर ध्यान देने के लिए जो सेंटर्स बनाए जा रहे हैं, वो पंजाब को नहीं मिल रहे, वो बिहार को मिल रहे हैं. जिन 100 जिलों की बात की गई है उनमें पंजाब का एक भी जिला नहीं है. ये पंजाब के किसान के साथ बड़ा धोखा है."
हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "हमने पराली जलाने की बात की थी और कहा था कि हम इस मुद्दे का समाधान करना चाहते हैं. लेकिन इस मुद्दे पर हमें सरकार से कोई समाधान नहीं मिला. हमने फसलों में विवधता की बात की थी. हम चाहते हैं कि किसान विविध तरह की फसलें उगाएं क्योंकि हमें पंजाब का पानी बचाना है. लेकिन इस मामले में भी हमें बुरी तरह निराश दिया गया है."
"जितनी मांगें हमने दी थी उसमें से एक भी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया. हमने एक रेलवे ट्रैक और दो वंदे भारत ट्रेनें मांगी थी, उसमें भी हमें निराश किया गया. जिस भी मुद्दे की बात करें, पंजाब को निराश किया गया है. मुझे लगती है कि बीजेपी पंजाब से नफरत करती है."
शनिवार को संसद में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की तरह कम उत्पादन वाले 100 जिलों में उत्पादकता बढ़ाने को लेकर काम करने की बात की थी.
साथ ही कहा गया है कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत सरकार तीन दालों – तूर, उड़द और मसूर की अधिकतम खरीद करेगी. दाल उत्पादन के मामले में पंजाब काफी पीछे है.
इमेज स्रोत, ANI
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के संसद में बजट पेश करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इसे 'फ़ोर्स मल्टीप्लायर' बताया है और उम्मीद जताई है कि इससे विकसित भारत की दिशा में बढ़ने में मदद मिलेगी.
लेकिन विपक्ष ने बजट को लेकर निराशा जताई है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा कि ये बड़े घावों पर बैंड-एड लगाने जैसा है.
राहुल गांधी ने लिखा, "बुलेट से बने घाव पर सरकार ने बैंड-एड लगाया है. वैश्विक अनिश्चितता के बीच आर्थिक संकट से बचने के लिए बड़े बदलाव की ज़रूरत थी. लेकिन सरकार के पास आईडियाज़ ही नहीं है."
वहीं समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि इसमें किसान संगठनों की मांग को नजरंदाज किया गया.
उन्होंने कहा, "ऐसा दिखता है कि वोकल को राहत मिली है लेकिन लोकल को क्या मिला? किसानों को क्या मिला? न्यूनतम समर्थन मूल्य के बारे में कोई ज़िक्र नहीं हुआ, कर्ज़ माफ़ी की बात नहीं हुई."
"प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना में जो सुधार लाने थे, उसकी कोई घोषणा नहीं हुई. किसान संगठनों की मांगों और खेती किसानी पर स्टैंडिंग कमिटी की जो सिफारिशें हैं, उन्हें पूरी तरह से नजरंदाज किया गया है."
"मनरेगा के आवंटन में पिछले साल के मुक़ाबले कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. एमएसएमई की बात तो सरकार करती है, लेकिन वो जीएसटी की जटिल व्यवस्था के बीच उलझा पड़ा है. जीएसटी में सुधार लाने की ज़रूरत है, उस बारे में वित्त मंत्री ने कुछ नहीं कहा है."
उन्होंने माना कि सरकार ने बजट में कुछ राहत दी है.
साथ ही उन्होंने सवाल उठाया, "सरकार ने राहत तो दी है, लेकिन इससे खपत पर क्या असर पड़ेगा. कंज़प्शन, जो रुका हुआ है वो कितनी गति पकड़ेगा ये वक्त ही बताएगा. निजी निवेशकों के लिए सरकार ने कोई राहत नहीं दी है."
इमेज स्रोत, ANI
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा मेंबजट 2025 पेश किया. इस बजट पर कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम और टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रतिक्रिया दी.
कार्ति चिदंबरम तमिलनाडु के शिवगंगा से लोकसभा सांसद हैं. उन्होंने कहा, ''वित्त मंत्री ने कुछ अस्पष्ट प्रस्ताव किए हैं. ठोस कुछ भी नहीं है. पिछले बजटों में बड़े-बड़े वादे किए गए थे लेकिन कुछ नहीं हुआ.''
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, ''बिहार के लिए जो बातें हुई हैं, वो अच्छी लगीं. साथ-साथ यह भी महसूस होता है कि चुनाव की घड़ी है. कहीं वो सोचकर तो चुनावी बजट पेश नहीं किया गया है.''
शत्रुघ्न सिन्हा पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से टीएमसी के लोकसभा सांसद हैं.
इस बार बजट में यह घोषणा की गई कि नई टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा.
बजट 2025: भारत की आज़ादी से अब तक इसमें क्या-क्या हुआ बदलाव
इमेज स्रोत, Getty Images
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 के बजट प्रस्तावों को निवेश को बढ़ाने वाला बताया है.
उन्होंने इसे 'फ़ोर्स मल्टीप्लायर' बताया है. उन्होंने कहा कि ये बजट निवेश, बचत, उपभोग और ग्रोथ को बढ़ाएगा.
उन्होंने कहा कि ये बजट पूरी तरह इस बात पर केंद्रित है कि सरकार का खजाना नहीं बल्कि लोगों की जेब भरी जाए.
उन्होंने कहा, '' बजट में इस बात का प्रावधान किया गया है कि लोगों की बचत कैसे बढ़े और और देश का विकास कैसे हो.''
पीएम मोदी ने कहा, '' बजट में आर्थिक सुधारों की काफी मजबूत नींव रखी गई है. न्य़ूक्लियर एनर्जी सेक्टर में प्राइवेट सेक्टर को बढ़ावा देने का फै़सला ऐतिहासिक है.इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को बढ़ावा दिया जा रहा है जो भारत की बुनियाद और मजबूत करेगा.''
नमस्कार!
अभी तक बीबीसी संवाददाता हिमांशु दुबेआप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.
अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी हिंदी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें नीचे दिए लिंक्स पर क्लिक करके आप पढ़ सकते हैं.
बजट 2025ः 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं
डोनाल्ड ट्रंप के लगाए अमेरिकी टैरिफ़ से बचने के लिए चीनी कंपनियां क्या कर रही हैं?
हर्षित राणा के लिए कौन-सा नियम बना मौक़ा जो इंग्लैंड की टीम को लग रहा है ग़लत
रात में नींद न आने पर क्या नहीं करना चाहिए?
इमेज स्रोत, Getty Images
साल 2002 के गुजरात दंगों में मारे गए पूर्व कांग्रेस सांसद एहसान जाफ़री की पत्नी ज़किया जाफ़री का निधन हो गया है.
2002 के दंगों में गुलबर्ग सोसायटी हत्याकांड में अहसान जाफ़री सहित 69 लोग मारे गए थे. ज़किया जाफ़री के बेटे तनवीर ने बीबीसी से हुई बातचीत में मां के निधन की पुष्टि की है.
तनवीर ने बताया, “वो मेरी बहन के साथ रहने के लिए सूरत से अहमदाबाद आ चुकी थीं. वो उम्र संबंधित बीमारियों से जूझ रही थीं. हालांकि, शनिवार सुबह उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. डॉक्टर को घर बुलाया गया था. सुबह साढ़े ग्यारह बजे डॉक्टर ने उनको मृत घोषित किया. उनकी अंतिम क्रिया अहमदाबाद में होगी.”
ज़किया जाफ़री ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी समेत 63 लोगों के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी का गठन किया था.
बजट 2025: 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं
इमेज स्रोत, Getty Images
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में बजट 2025 पेश कर दिया.
इस बार बजट में यह घोषणा की गई कि नई टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा.
सरकार के इस क़दम पर बैंक बाज़ार डॉट कॉम के सीईओ आदिल शेट्टी ने कहा, "इस बार के बजट में पेश किए गए आय कर से जुड़े सुधार पिछले एक दशक में किए गए सबसे बड़े सुधारों में से एक है."
उन्होंने कहा, “इसमें राजकोषीय घाटे से समझौता किए बगैर लोगों के हाथ में ज़्यादा पैसा पहुंचाने के लिए इसे सरल और तर्कसंगत बनाया गया है.”
“सबसे महत्वपूर्ण बदलाव महंगाई के अनुरूप टैक्स स्लैब में संशोधन है. पिछले कुछ सालों से आय कर देने वालों की ओर से लगातार यह मांग उठाई जाती रही है.”
शेट्टी ने कहा, “हाथ में ज़्यादा नकदी का मतलब ख़र्च में वृद्धि होगी, इससे ख़पत भी बढ़ेगी. यह बात आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी.”
बजट 2025: 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं
इमेज स्रोत, ANI
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आम बजट के बाद पत्रकारों से कहा है कि बजट के आंकड़ों से ज़्यादा ज़रूरी कुंभ मेले में कितनी जानें गई हैं, वो आंकड़ें जानना ज़रूरी है.
उन्होंने कहा कि सरकार खोए लोगों का आंकड़ा दे, क्योंकि खोया-पाया केंद्र में लोग भटक रहे हैं, लोग अपने परिजनों की तस्वीरों को लेकर भटक रहे हैं, लेकिन उनको ढूंढने का काम नहीं किया जा रहा है.
अखिलेश यादव ने दावा किया है कि सरकार ने कुंभ मेले की भगदड़ में मारे गए लोगों के झूठे आंकड़े जारी किए हैं. सरकार ने 17 घंटे बाद आंकड़े दिए थे.
उन्होंने कहा कि भगदड़ की घटना को 100 घंटे से ज़्यादा हो गए हैं, लोगों को सरकार स्नान नहीं करा पाई है.
कुंभ में भगदड़ से हुई मौतों पर प्रशासन ने तोड़ी चुप्पी, बताया 30 लोगों की हुई मौत; हादसे की वजह भी बताई
इमेज स्रोत, Getty Images
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में बजट 2025 पेश किया. उन्होंने बताया कि नई टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा.
मतलब, अब 75 हज़ार रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ सैलरीड क्लास की 12.75 लाख रुपये की इनकम टैक्स फ्री हो जाएगी.
इसका मतलब यह हुआ कि सभी तरह के आयकर देने वालों को टैक्स स्लैब्स में मिला फ़ायदा.
बजट 2025: भारत की आज़ादी से अब तक इसमें क्या-क्या हुआ बदलाव
इमेज स्रोत, Getty Images
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शनिवार को लोकसभा में बजट 2025 पेश कर रही हैं. उन्होंने बताया कि नई टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं
वित्तमंत्री ने कहा, जीवन रक्षक दवाओं के दाम घटेंगे. कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं के दाम घटाने के लिए कस्टम ड्यूटी घटाई गई. 6 जीवनरक्षक दवाओं और कैंसर की 36 दवाएं टैक्स फ़्री की गईं.
उन्होंने बताया कि कस्टम से 7 टैरिफ़ रेट हटाए जाएंगे. 57 दवाओं को नि:शुल्क दवा के अंतर्गत शामिल किया जाएगा.
इससे पहले, वित्त मंत्री ने बजट भाषण की शुरुआत में कहा, “हमारी अर्थव्यस्था सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है. पिछले दस वर्षों में हमारे विकास कार्यों के ट्रैक रिकॉर्ड और ढांचागत सुधारों ने वैश्विक स्तर पर सभी का ध्यान खींचा है.”
यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट है. जबकि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार आठवां आम बजट पेश कर रही हैं.
बजट 2025: भारत की आज़ादी से अब तक इसमें क्या-क्या हुआ बदलाव
इमेज स्रोत, ANI
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि नया इनकम टैक्स बिल अगले हफ्ते आएगा.
इसके अलावा बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा 74 फीसदी से बढ़ाकर 100 फीसदी किया जाएगा.
वित्त मंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने की घोषणा की है. इसे तीन लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जाएगा.
स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक रूप से मदद करने के लिए 30 हज़ार रुपये का क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा. इसे यूपीआई से जोड़ा जाएगा.
बच्चों में वैज्ञानिक सोच में विकास के लिए स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना की जाएगी. अगले 5 साल में देशभर में ऐसी 50 हज़ार लैब बनाई जाएगी.
सक्षम आंगनवाड़ी पोषण 2.0 में पोषण के लिए उचित राशि जारी की जाएगी. इसके अंतर्गत 8 करोड़ बच्चों को लाभ मिलेगा. इसके साथ ही 1 करोड़ गर्भवती को लाभ मिलेगा.
बजट में गिग वर्कर्स को लेकर बड़ी घोषणा की गई है. अब गिग वर्कर्स ई श्रम पोर्टल पर अपना पंजीकरण कर सकेंगे. इसमें उनको आईडी कार्ड जारी किया जाएगा. इसके साथ ही पीएम जन आरोग्य योजना के अतंर्गत स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा.
बजट 2025: भारत की आज़ादी से अब तक इसमें क्या-क्या हुआ बदलाव
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
© 2025 BBC. बाहरी साइटों की सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है. बाहरी साइटों का लिंक देने की हमारी नीति के बारे में पढ़ें.

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News