Mahakumbh Live: महंत रवींद्र पुरी ने श्रद्धालुओं से अपील की, कहा- 'कहीं भी स्नान करें, पुण्य प्राप्त होता है' – ABP न्यूज़

Mahakumbh Basant Panchami Snan Live: महाकुंभ के दौरान श्रद्धालु त्रिवेणी संगम घाट पर पावन स्नान के लिए पहुंच रहे हैं. उत्तर प्रदेश सूचना विभाग के अनुसार, आज सुबह 8 बजे तक 41.90 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगा चुके हैं. 1 फरवरी तक 33.61 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगा चुके हैं. वहीं अब बसंत पंचमी पर होने वाले अमृत स्नान की तैयारी भी लगभग पूरी हो गई है. 
सीएम योगी आदित्यनाथ जब शनिवार को प्रयागराज के दौरे पर आए थे तो उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान इन तैयारियों की समीक्षा की है. मौनी अमावस्या से पहले हुए हादसे के बाद अब प्रशासन सतर्क है. सीएम योगी ने व्यवस्थाओं को ‘जीरो एरर’ रखने के निर्देश दिए हैं. किसी भी स्तर पर चूक की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए. 
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जिन सेक्टर्स में कतिपय समस्याएं हैं, वहां सीनियर अधिकारी स्वयं विजिट करें. महाकुंभ को लेकर लोगों में उल्लास है. बहुत दूर-दूर से लोग आ रहे हैं. दो अधिकारी कंट्रोल रूम से व्यवस्था की निगरानी करें, बाकी अधिकारी बॉर्डर, शहर और मेला क्षेत्र में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करें. 2 और 3 फरवरी हमारे लिए चुनौतीपूर्ण होगा.
क्रॉस मूवमेंट को रोकना होगा- सीएम योगी
उन्होंने कहा कि प्रमुख स्नान पर्वों और उसके पहले और बाद में किसी तरह का कोई वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं लागू होगा. उन्होंने क्राउड मैनेजमेंट को और बेहतर बनाने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि हमें सभी स्थलों पर क्रॉस मूवमेंट को रोकना होगा. मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि बसों को तिरछा या बेतरतीब खड़ा नहीं होने दें, इससे जाम की स्थिति पैदा होती है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की आवाजाही बाधित नहीं होनी चाहिए. बसंत पंचमी के दिन सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी चाहिए. बसंत पंचमी को लेकर अभी एक दिन का समय है, सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर विभागीय और अंतर्जनपदीय समन्वय बनाकर आयोजन को सफल बनाएं. 3 फरवरी के अमृत स्नान को हर हाल में सफल बनाना है. जिन जगहों पर भी बैरियर लगाए जाएं, उन्हें मजबूती से स्थापित किया जाए.
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि मान्यता है कि प्रयागराज के पांच कोस को संगम कहा जाता है. उन्होंने कहा कि इसलिए श्रद्धालुओं को फाफामऊ से लेकर अरैल तक कहीं पर भी स्नान करने पर महाकुंभ का पुण्य प्राप्त होता है.
मेला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में पुलिस बल को भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है. वहीं, लखनऊ से आए प्रशासनिक अधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी और आशीष गोयल अपने पिछले अनुभवों को साझा कर मेला प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं. पिछले कुंभ (2019) में गोस्वामी प्रयागराज विकास प्राधिकरण के वीसी थे, जबकि गोयल उस समय प्रयागराज के मंडलायुक्त थे.
बसंत पंचमी स्नान पर्व के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़नी शुरू हो गई है और रविवार को सुबह 12 बजे तक 88.83 लाख लोग गंगा और संगम में डुबकी लगा चुके हैं. वहीं 13 जनवरी से अब तक कुल 33.61 करोड़ से अधिक श्रद्धालु गंगा स्नान कर चुके हैं.
रविवार की सुबह एडीजी भानु भास्कर मेला प्राधिकरण भवन में स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) पहुंचे जहां उन्होंने स्क्रीन पर पूरे मेला क्षेत्र, चौराहों और मेला प्रवेश स्थलों को देखा और घाट से भीड़ खाली कराने के लिए स्वयं लाउडस्पीकर पर निर्देश दिया.
गत मंगलवार देर रात संगम नोज पर घटी भगदड़ की घटना के बाद शनिवार को पहली बार प्रयागराज आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था और अस्पताल जाकर घायलों से मिलकर उनका हालचाल जाना था. इस बीच, मुख्यमंत्री ने बसंत पंचमी स्नान के लिए तैयारियों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को शून्य त्रुटि के साथ स्नान संपन्न कराने के निर्देश दिए थे.

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