डूंगरपुर विधायक बोले-विकास नहीं कर सकते तो मंत्री क्यों बने: स्पीकर ने जताई आपत्ति, कहा- आप सीधे कमेंट नहीं… – Dainik Bhaskar

जिलों के मुद्दे पर स्थगन को अनुमति देकर वापस लेने के मुद्दे पर बुधवार को विधानसभा में हंगामा हुआ। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने शून्यकाल में विपक्ष को मुद्दा उठाने की अनुमति दी थी, लेकिन बाद में फैसला वापस ले लिया। इससे नाराज कांग्रेस विधायकों ने नारेबाज
हालांकि बाद में इस पर बना गतिरोध दूर हो गया। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने जिलों को खत्म करने को लेकर लगे स्थगन प्रस्ताव पर गुरुवार को अनुमति देने की व्यवस्था दी है। स्पीकर ने कहा- नीमकाथाना विधायक सुरेश मोदी और गंगापुर विधायक रामकेश मीणा को बोलने की अनुमति दी जाएगी। इसके बाद मंत्री जवाब देंगे।
स्पीकर ने कहा- न मैं पक्ष के और न विपक्ष के दबाव में हूं, यह साफ कह रहा हूं। इस नाते इस मुद्दे पर मैंने नियमावली को देखा है। एक ही व्यवस्था हो सकती है कि आज जो व्यवस्था हो गई। कल इस स्थगन पर दो सदस्यों को बोलने की अनुमति दी जाएगी।
विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने कहा- अंतर्विरोध मुख्यमंत्री को कमजोर कर रहे हैं। अलग-अलग संभाग पर अलग-अलग मुख्यमंत्री बने हुए हैं। कोटा संभाग के मुख्यमंत्री अलग, बीकानेर और जोधपुर के मुख्यमंत्री के अलग हैं, जयपुर के मुख्यमंत्री अलग हैं।
शर्मा ने पंचायती राज के तबादलों में गड़बड़ियों को लेकर सरकार पर जमकर तंज कसा। उन्होंने कहा- पंचायती राज में तबादलों का यह हाल था कि 1000 तबादलों पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी। हिंदुस्तान में यह रिकॉर्ड बन गया है, इससे ज्यादा शर्म की बात क्या हो सकती है।
हरिमोहन शर्मा ने मंत्री दिलावर से कहा- मैं आपकी बेशर्मी के लिए आपको धन्यवाद देता हूं। मंत्री दिलावर ने कहा कि स्टे का कोई आधार तो होगा। विधानसभा की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
कांग्रेस विधायक घोघरा ने की टिप्पणी, स्पीकर बोले- मंत्री पर टिप्पणी नहीं करोगे वहीं, जनजातीय इलाकों में महिला छात्रावास खोले जाने से जुड़े सवाल पर गणेश घोघरा की मंत्री पर की गई टिप्पणी से हंगामा हो गया। कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा ने कहा- जनजाति विकास विभाग महिला छात्रावास क्यों नहीं खोलना चाहता है।
इस पर जनजाति विकास (TAD) मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा- हमारा विभाग महिला छात्रावास नहीं खोलता है, यह नियमों में नहीं है। अगर आपको लगता है तो सरकार वृद्ध आश्रम चलती है। वहां महिला और पुरुष दोनों रह सकते हैं।
इस पर गणेश घोघरा ने सवाल उठाते हुए कहा कि मंत्री जी, आप फिर TAD मंत्री क्यों बने हैं। जब जनजाति का विकास ही नहीं कर सकते। गणेश घोघरा की टिप्पणी पर स्पीकर ने आपत्ति जताते हुए कहा- आप सीधे कमेंट नहीं कर सकते, आप सवाल पूछ सकते हैं। मंत्री पर टिप्पणी नहीं करोगे।
घोघरा ने कहा- आप स्कूलों में नामांकन क्यों नहीं बढ़ाना चाहते, आप आदिवासियों को हक दिलाना चाहते हो या नहीं। मंत्री ने कहा कि यह नियमों में है कि हम स्कूल ज्यादा नहीं खोल सकते
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