Delhi Assembly Session Today, Delhi Vidhan Sabha Session LIVE Updates: दिल्ली विधानसभा के सत्र का आज तीसरा दिन है। सदन में शराब घोटाले में सीएजी रिपोर्ट को लेकर चर्चा हो सकती है। बीजेपी विधायक मोहन सिंह बिष्ट को डिप्टी स्पीकर नियुक्त करने के लिए प्रस्ताव भी लाया जाएगा। इससे पहले बीजेपी ने सत्र के दौरान लंबित सभी 14 सीएजी रिपोर्ट पेश करने की योजना बनाई थी। इसके अलावा, विपक्षी आम आदमी पार्टी के 21 विधायक सोमवार तक सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं हो सकेंगे। अनुपस्थित रहने की वजह से निलंबन से बचे एकमात्र विधायक अमानतुल्लाह खान आज विधानसभा में आएंगे या नहीं, यह देखने वाली बात होगी। बता दें, तीन दिवसीय विधानसभा सत्र का आज आखिरी दिन था, लेकिन सरकार ने इसे अब 3 मार्च तक बढ़ा दिया है।
दिल्ली विधानसभा में कैग रिपोर्ट पर बहस: दिल्ली में शराब के नियमन और आपूर्ति पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट पर विधानसभा में बहस जारी रहेगी। सीएम गुप्ता द्वारा मंगलवार को पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार, 2021-22 में अब समाप्त हो चुकी आबकारी नीति बनाने और उसे लागू करने में समस्याओं के कारण दिल्ली सरकार को 2,002 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। बहस के अलावा, विधानसभा में नियम 280 के तहत चर्चा होगी, जिससे सदस्य अध्यक्ष की अनुमति से मामले उठा सकेंगे।
Delhi Assembly Session LIVE: डॉ. अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरों पर विवाद
दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने CAG रिपोर्ट पर कहा, “CAG पर गंभीर चर्चा दिल्ली में हुए भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए होनी आवश्यक है। परसों यह रिपोर्ट टेबल हुई थी… जिस पर आगे चर्चा होगी… बहुत ही दिल दहला देने वाली बातें सामने आई थीं, देखते हैं आज क्या-क्या इस विषय पर सामने आता है।”
सीएजी के मुताबिक, साल 2021-22 की नई शराब नीति को शराब के कारोबार में मनमानी रोकने, दिल्ली के सभी इलाकों में शराब की सप्लाई को पुख्ता करने, कारोबार में पारदर्शिता लाने जैसे मक़सद से तैयार किया गया था। सीएजी ने कहा है कि दिल्ली की नई शराब नीति बनाने में इसके लिए बनाई गई एक्सपर्ट कमेटी के सुझावों को अनदेखा कर दिया गया। इस नीति में दिल्ली में शराब के थोक व्यापार का लाइसेंस सरकारी थोक विक्रेताओं की जगह निजी विक्रेताओं को दे किया गया। इन नीति में शराब बेचने वालों को 2 की जगह शराब बिक्री केंद्र के अधिकतम 54 लाइसेंस दिए गए।
सीएजी ने अपनी इस रिपोर्ट में साल 2017 से 21 के बीच दिल्ली की पुरानी शराब नीति से जुड़े कई नियमों के उल्लंघन की बात की है। इसमें आबकारी विभाग की तरफ से लाइसेंस देने में नियमों के उल्लंघन के बारे में बताया गया है। आबकारी विभाग शराब के थोक विक्रेताओं से लेकर खुदरा विक्रेता, होटल, क्लब और रेस्तरां इत्यादि को ज़रूरी शर्तों को पूरा करने के बाद उस साल के लिए लाइसेंस देता है। सीएजी ने अपने ऑडिट में पाया है कि इस प्रक्रिया में दिल्ली एक्साइज़ रूल- 35 का पालन नहीं किया गया, जो कई तरह के लाइसेंस जारी करने पर पाबंदी लगाता है। सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एक्साइज़ डिपार्टमेंट इस दौरान ज़रूरी नियम और शर्तों की जांच के बिना ही लाइसेंस जारी कर रहा था। सीएजी ने शराब की कीमतों को तय करने में पारदर्शिता की कमी, शराब की क्वालिटी कंट्रोल में कमी की तरफ भी अपनी रिपोर्ट में इशारा किया है। इस रिपोर्ट में कमज़ोर रेग्यूलेटरी फंक्शनिंग, एनफ़ोर्समेंट एजेंसी के काम में खामियां भी गिनाई हैं।
सीएजी की जिस रिपोर्ट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हंगामा मचा हुआ है वह साल 2017-18 से 2020-21 के बीच का लेखा-जोखा है। इसी दौरान नवंबर 2021 के बाद दिल्ली में शराब नीति में बदलाव किए गए थे, जिसे 1 सितंबर 2022 को वापस ले लिया गया था। सीएजी ने अपने ऑडिट में दिल्ली में एक्साइज़ विभाग के अधीन शराब की सप्लाई में कई अनियमितताओं के बारे बताया है। सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में एक्साइज़ विभाग के कामकाज पर कई सवाल भी खड़े किए हैं और इससे क़रीब 2027 करोड़ रुपये के नुक़सान का अनुमान लगाया है। दिल्ली में शराब नीति का मुद्दा लंबे समय से एक राजनीतिक मुद्दा रहा है और इस पर बीजेपी ने उस वक़्त की आम आदमी पार्टी की सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इस मामले की प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी और सीबीआई ने भी जांच की है और आप के कई नेताओं को गिरफ़्तार भी किया गया था। हालांकि आम आदमी पार्टी लगातार किसी भी भ्रष्टाचार से इनकार करती रही है।
सीएजी के मुताबिक, दिल्ली को आबकारी विभाग से मिलने वाले कर राजस्व का एक बड़ा हिस्सा हासिल होता है, जो कुल टैक्स रेवेन्यू का क़रीब 14% है। दिल्ली में शराब की सप्लाई और इसकी बिक्री में कई स्तर पर लोग शामिल होते हैं। इसकी शुरुआत शराब बनाने वाले से होती है, जो दिल्ली के बाहर हैं। वहां से शराब दिल्ली के थोक विक्रेताओं के पास आती है। इसके बाद शराब अलग-अलग कॉरपोरेशन वेंडर्स, निजी वेंडर्स, होटल, क्लब और रेस्तरां के ज़रिए उपभोक्ताओं तक पहुंचती है। दिल्ली को शराब से एक्साइज़ ड्यूटी, लाइसेंस फ़ी, परमिट फ़ी, आयात-निर्यात शुल्क वगैरह के तौर पर राजस्व मिलता है।
सीएजी की रिपोर्ट पेश होने के बाद आम आदमी पार्टी दिल्ली की पूर्व कांग्रेस सरकार की शराब नीति को राजस्व में नुक़सान के लिए दोषी ठहरा रही है तो वहीं, बीजेपी एक बार फिर से राज्य की पिछली आप सरकार को घेर रही है।
कैग रिपोर्ट दिल्ली की उसी शराब नीति से जुड़ी हुई है, जिसमें हुए कथित घोटाले के आरोप में आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को जेल भी जाना पड़ा था।
Delhi Assembly Session LIVE: भाजपा और आप के बीच राजनीतिक घमासान जारी है । विपक्ष की नेता आतिशी ने सीएम कार्यालय से डॉ. बीआर अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें हटाने का विरोध किया। इस बीच, भाजपा विधायक सतीश उपाध्याय ने आप पर मालवीय नगर के एक पार्क में शहीद भगत सिंह की प्रतिमा की स्थिति की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उपाध्याय ने दावा किया कि प्रतिमा पिछले तीन सालों से टूटी हुई है, लेकिन आप के पूर्व विधायक सोमनाथ भारती ने कोई कार्रवाई नहीं की।