उत्तराखंड के चमोली में एवलांच को आए 24 घंटे से ज्यादा हो गए. अभी भी 22 मजदूर फंसे हुए हैं. 33 मजदूरों का रेस्क्यू कर लिया गया है. बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन प्रोजेक्ट में कुल 57 लोग काम कर रहे थे, जिसमें से दो लोग छुट्टी पर थे. ये सभी एवलांच की चपेट में आ गए. हालांकि 33 लोगों को निकाल लिया गया है लेकिन 22 अभी भी फंसे हुए हैं.
सेना, ITBP, BRO, SDRF और NDRF की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन कर रही है. मौसम चुनौती बना हुआ है. सेना का Mi-17 हेलिकॉप्टर स्टैंड बाय पर है. जैसे ही मौसम ठीक होता हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन तेज हो जाएगा. वहीं, आज सीएम धामी चमोली में ग्राउंड जीरों पर जाएंगे और रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लेंगे.
फंसे मजदूरों को निकालने के लिए जारी है रेस्क्यू अभियान
बचाव अभियान की जानकारी अपडेट करते हुए उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि फंसे हुए मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है. चमोली जिले के ऊंचाई वाले गांव मांड़ा में हिमस्खलन के कारण फंसे कुल 55 बीआरओ (बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन) श्रमिकों में से 33 को बचा लिया गया है, जबकि 22 मजदूर अभी फंसे हुए हैं.
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फंसे हुए मजदूर इन राज्यों से हैं
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी सूची के अनुसार फंसे हुए मजदूर बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर सहित अन्य राज्यों से हैं. सूची में 10 मजदूरों के नाम हैं, लेकिन उनके राज्य का नाम नहीं बताया गया है.
बचाव कार्य का मुख्यमंत्री धामी कर रहे हैं निगरानी
उत्तराखंड के चमोली में हुए हिमस्खलन के बचाव कार्य की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार सीएम आवास से समीक्षा कर रहे हैं. साथ ही वे वहां मौजूद अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं.
ऋषिकेष-बद्रीनाथ हाइवे पर भी गिरा पहाड़ों का मलबा
कर्णप्रयाग के पास ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाइवे पर भी पहाड़ों का मलबा गिर गया. जिससे ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाइवे अवरुद्ध हो गया है. इसका वीडियो भी सामने आया है. जिसमें देखा जा सकता है कि रास्ते पर बड़े-बड़े पत्थर गिरे हुए हैं. हालांकि, पत्थरों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है.