Sambhal News: संभल के सौ गुनहगार, पत्थरबाजों और दंगाइयों के चेहरे बेनकाब, पहचान बताने वालों को मिलेगा इना… – Zee News Hindi

Sambhal Violence: संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा में राज्य सरकार की रवैया काफी कठोर दिख रही है. सार्वजनिक संपत्ति के हुए नुकसान की भरपाई के लिए उपद्रवियों के पोस्टर लगाने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा की है.  दंगाइयों की पहचान के लिए प्रशासन ने 100 से अधिक उपद्रवियों की तस्वीरें जारी की हैं.
 
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Sambhal Violence News: उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में संभल में हुई हिंसा के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है. हिंसा में शामिल पत्थरबाजों और उपद्रवियों की पहचान कर उनके पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे.

क्या है मामला?
संभल के मोहल्ला कोट पूर्वी स्थित जामा मस्जिद में अदालत के आदेश पर बीते रविवार को सर्वेक्षण का कार्य चल रहा था. इस दौरान हिंसा भड़क उठी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और कम से कम 25 लोग घायल हुए. इस हिंसा में सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव हुआ, और कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया.

11 एफआईआर दर्ज, 27 गिरफ्तार, 74 की पहचान पूरी
कमिश्नर मुरादाबाद आँजन्य कुमार सिंह ने जानकारी दी कि संभल हिंसा मामलों में 11 एफआईआर दर्ज की गई हैं. इनमें 7 पुलिस की तरफ से और 4 मृतकों के परिजनों की ओर से दर्ज की गई हैं. अब तक 27 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 3 महिलाएं और 3 नाबालिग शामिल हैं. 74 संदिग्धों की पहचान हो चुकी है, जिनके खिलाफ गिरफ्तारी की कार्यवाही जारी है. वीडियो और फोटो के माध्यम से पब्लिक की मदद लेकर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है.

 
एफआईआर और गिरफ्तारियां
अब तक पुलिस ने इस मामले में सात मुकदमे दर्ज किए हैं. इन मुकदमों में संभल के समाजवादी पार्टी सांसद जियाउर रहमान बर्क और विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल का भी नाम शामिल है. पुलिस ने हिंसा में शामिल 100 दंगाइयों की पहचान की है, जिनमें से 27 को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं. हालांकि, छह नाबालिगों की तस्वीरें जारी नहीं की गई हैं, लेकिन उन पर भी विधिक कार्रवाई जारी है.

पोस्टर अभियान और कानून व्यवस्था
सरकार की योजना के तहत दंगाइयों के पोस्टर चौराहों पर लगाए जाएंगे. इसके साथ ही सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई हिंसा में शामिल दोषियों से की जाएगी. यह कदम वर्ष 2020 के सीएए विरोध प्रदर्शन के दौरान लागू की गई नीति के अनुरूप है.
स्थिति पर नजर
हिंसा के बाद संभल में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई. स्कूल बंद हैं और बाहरी लोगों के प्रवेश पर पाबंदी है. पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है. मामले की जांच जारी है, और योगी सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं.
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