पाकिस्तानी सैनिकों ने नियंत्रण रेखा (LOC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया और जम्मू-कश्मीर के पांच सीमावर्ती जिलों में बिना उकसावे के गोलीबारी की जिसका भारतीय सेना ने माकूल जवाब दिया. अधिकारियों ने शुक्रवार (2 मई, 2025) को बताया कि यह लगातार आठवीं रात थी जब पाकिस्तान ने एलओसी के पास गोलीबारी की. यह गोलीबारी ऐसे समय में की जा रही है जब 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ गया है.
एलओसी और आईबी के पास रहने वाले आम नागरिकों ने अपने सामुदायिक और निजी बंकरों की सफाई शुरू कर दी है, ताकि गोलाबारी बढ़ने की स्थिति में वे वहां शरण ले सकें. जम्मू में एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा, ‘एक और दो मई की दरमियानी रात पाकिस्तानी सैन्य चौकियों की तरफ से जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामूला, पुंछ, नौशेरा और अखनूर क्षेत्रों के सामने स्थित एलओसी पर बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी की गई.’
उन्होंने बताया कि भारतीय सैनिकों ने इसका माकूल जवाब दिया. पाकिस्तान ने शुरुआत में उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा और बारामूला जिलों में एलओसी के पास कई चौकियों पर बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी की फिर पुंछ सेक्टर और जम्मू क्षेत्र के अखनूर सेक्टर में भी संघर्ष विराम का उल्लंघन किया.
इसके पश्चात राजौरी जिले के सुंदरबनी और नौशेरा सेक्टर में एलओसी के पास स्थित कई चौकियों पर छोटे हथियारों से गोलीबारी कर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया. जम्मू जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर परगवाल सेक्टर में गोलीबारी की गई.
भारत और पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच हाल में हॉटलाइन बातचीत में भारत ने पाकिस्तान को आगाह किया था, इसके बावजूद गोलीबारी रुक नहीं कर रही है. पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित करने के कुछ घंटों के उपरांत 24 अप्रैल की रात से पाकिस्तानी सैनिक एलओसी पर विभिन्न स्थानों पर बिना उकसावे के गोलीबारी कर रहे हैं.
एलओसी और आईबी के निकट रहने वाले आम नागरिकों ने गोलाबारी बढ़ने की स्थिति में अपने सामुदायिक और निजी बंकरों को साफ करना शुरू कर दिया है ताकि उन्हें रहने लायक बनाया जा सके. केंद्र सरकार ने 2017 में 14,460 निजी और सामुदायिक बंकरों के निर्माण को मंजूरी दी थी. अधिकारियों ने बताया कि सांबा, कठुआ, जम्मू, पुंछ और राजौरी जिले में 8,600 से अधिक सामुदायिक और निजी बंकर बनाए गए हैं. अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जहां आर एस पुरा और अरनिया सेक्टर में फसलों की कटाई पूरी हो चुकी है वहीं कठुआ, सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में यह अब भी जारी है.
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