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गाजियाबाद में पुलिस अब नई सोच और प्रणाली के साथ काम करेगी. नए पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ के नेतृत्व में जिले में नई बीट पुलिसिंग और शिष्टाचार नीति लागू की गई है. इसका उद्देश्य न सिर्फ अपराध नियंत्रण है, बल्कि आम लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा भी बढ़ाना है.
अब पुलिस फरियादियों से सम्मानजनक भाषा में आप कहकर बात करेगी. बच्चों को थाने में टॉफी देकर स्वागत किया जाएगा, जिससे पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आए. भ्रष्टाचार पर सख्ती से रोक के निर्देश दिए गए हैं.
पुलिस फरियादियों से करेगी सम्मान से बात
जिले को 2096 बीट्स में बांटा गया है, हर बीट में महिला और पुरुष पुलिसकर्मी तैनात होंगे, जिनमें 10–15% महिला भागीदारी सुनिश्चित की गई है. इन पर 717 उपनिरीक्षक निगरानी करेंगे. इससे न सिर्फ अपराधों पर काबू पाया जाएगा, बल्कि जनता से संवाद भी मजबूत होगा.
सिटीजन चार्टर के तहत पुलिस वेरिफिकेशन, किरायेदार सत्यापन और पासपोर्ट जांच जैसी सेवाओं के लिए 5 से 15 दिन की समय सीमा तय की गई है. देरी या भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई होगी. एक फीडबैक सेल भी बनाया गया है.
महिला सुरक्षा के लिए 20 पिंक बूथ
महिला सुरक्षा के लिए 20 पिंक बूथ, महिला थाना, 1090 हेल्पलाइन और परिवार परामर्श केंद्र जैसी सुविधाएं पहले से हैं. साइंटिफिक जांच को प्राथमिकता दी गई है और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा. कमिश्नर ने कहा कि गाजियाबाद पुलिस अब और अधिक जमीनी, संवेदनशील और पारदर्शी होगी.
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