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संभाजी नगर में शिवसेना मंत्री संजय शिरसाट ने मीडिया से बातचीत में वित्त मंत्री अजित पवार पर गहरी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री पवार के इस कदम से सामाजिक न्याय विभाग प्रभावित हुआ है, जिससे पिछड़े वर्गों को सहायता मिलने में मुश्किलें होंगी. शिरसाट का कहना है कि इस फैसले से 413 करोड़ रुपये समाज कल्याण विभाग से हटाकर दूसरी जगह आवंटित कर दिए गए हैं.
शिरसाट ने जोर देकर कहा कि यह पहली बार नहीं है जब अजित पवार ने ऐसे फैसले लिए हैं जो पिछड़े वर्गों के कल्याण को प्रभावित करते हैं. शिवसेना मंत्री शिरसाट ने आरोप लगाया कि इस साल के बजट में भी सामाजिक न्याय विभाग के आवंटन में 7000 करोड़ की कटौती की गई थी. इस मुद्दे को गंभीर मानते हुए शिरसाट ने कहा कि वह और उनकी पार्टी के प्रमुख एकनाथ शिंदे इस मामले को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष उठाएंगे.
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महायुति में तालमेल की कमी की संभावना
यह हालिया विवाद भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में चल रही महायुति सरकार के भीतर शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के बीच आंतरिक तनावों को और बढ़ा सकता है. संजय शिरसाट की नाराजगी इस बात का संकेत है कि महायुति के भीतर अलग-अलग दलों के बीच तालमेल की कमी हो सकती है.
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ऐसे फैसले कमजोर वर्गों के अधिकारों से समझौता करते हैं!
एकनाथ शिंदे गुट के मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि यह समय है जब सरकार को पिछड़े वर्गों के कल्याण के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता दिखानी होगी. सामाजिक न्याय विभाग का काम कमजोर वर्गों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करना है, और ऐसे फैसले उनके अधिकारों से समझौता करते हैं.
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