जंग लड़ने को तैयार हैं हम…सोनभद्र में मॉक ड्रिल के जरिए जांची जाएगी सुरक्षा (Photo- Social Media)
Sonbhadra News: सोनभद्र । भारत-पाकिस्तान के बीच बने जंग जैसे हालात के बीच, सोनभद्र में भी बुधवार को सुरक्षा-बचाव की तैयारियां जांची जाएगी। इसके जरिए जहां, जागरूकता-प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं, थाना स्तर पर भी, लोगों की जागरूकता के लिए मॉक ड्रिल-प्रशिक्षक जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सामरिक महत्व वाले स्थलों, औद्योगिक इकाइयों में भी सुरक्षा स्थिति, आपात हालात से निबटने की तैयारियां खास मॉक ड्रिल के जरिए जांची जाएगी। चुर्क स्थित कॉलेज में बुधवार को मॉक ड्रिल को लेकर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
जिलाधिकारी बीएन सिंह और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा की मौजूदगी में पुलिस लाइन सभागार में इसको लेकर बैठक हुई। इस दौरान जहां मॉक ड्रिल के आयोजन को लेकर बनाए गए प्लान, की गई तैयारियों की स्थिति जांची गई। वहीं, इसको लेकर संबंधितों को जरूरी निर्देश दिए गए। सुरक्षा और आपात स्थिति से निबटने की तैयारियों-पूर्वाभ्यास से जुड़ी तैयारियों में प्रशासन और पुलिस के साथ ही औद्योगिक सुरक्षा इकाइयों के के बीच बेहतर तालमेेल बना रहा, इस पर विशेष जोर दिया गया।
इस दौरान प्रशासनिक अमले, पुलिस विभाग के साथ ही अग्निशमन सेवा, स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका, शिक्षा विभाग, पीडब्ल्यूडी, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, रेड क्रॉस सोसाइटी और अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के बीच मॉक ड्रिल, आपदा प्रबंधन और युद्ध जैसे हालात में, सजग और सुरक्षित रहने को लेकर किए जाने वाले पूर्वाभ्यास को लेकर रणनीति बनाई गई। सभी विभागों के बीच उत्तरदायित्वों के स्पष्ट विभाजन, आपसी समन्वय, जरूरी संसाधन की उपलब्धता, एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन, प्राथमिक चिकित्सा सेवा जैसे प्रबंध अलर्ट स्थिति में रखने की बात कही गई। साथ ही, आम नागरिकों को भी मॉक ड्रिल के बारे में सूचना देते हुए, जागरूक करने के लिए कहा गया ताकि लोगों में किसी तरह के दबाव-भ्रम की स्थिति न बनने पाए।
डीएम बीन सिंह ने कहा कि सुरक्षित रहने के लिए जरूरी है कि सजगता-सतर्कता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि आपदा की घड़ी में सजगता ही सुरक्षा है। सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने, मॉक ड्रिल को वास्तविक आपात स्थिति जैसा मानकर अभ्यास करने की हिदायत दी। कहा कि इसे प्रभावी बनाने के लिए स्कूल, कॉलेज के साथ बाजार क्षेत्रों को भी इस मॉक ड्रिल से जोड़ा जाए।
एसपी अशोक कुमार मीणा ने कहा कि मॉक ड्रिल एक सरसरी प्रक्रिया नहीं बल्कि गंभीर हालातों में सतर्क और सुरक्षित रखने के लिए एक गंभीर प्रशिक्षण प्रक्रिया है। कहा कि इसके जरिए यातायात, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की समुचित व्यवस्था की तैयारियां तो जांची ही जाएगी। सभी थाना प्रभारी अपने क्षेत्र में मॉक ड्रिल से पहले लोगों को सूचित करते हुए जागरूक करेंगे और उनसे अफवाहों से बचने की अपील करेंगे।
मॉक ड्रिल के दौरान जहां युद्ध जैसे हालात उत्पन्न होने पर परिस्थितियों का सामना किस तरह से करना है, इसके लिए मॉक ड्रिल यानी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन बुधवार की सुबह नौ बजे से 11 बजे तक किया जाएगा। इस दौरान जहां सायरन बजाकर नागरिकों को संभावित हवाई हमले की सूचना दी जाएगी। वहीं नगर के प्रमुख स्थानों पर मॉक सायरन सिस्टम का परीक्षण किया जाएगा। जन-जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थानों पर हवाई हमले की स्थिति में स्वयं को कैसे सुरक्षित रखें, इसके लिए जमीन पर लेटना, खिड़कियाँ बंद करना, सिर पर तकिया या बैग रखने की जानकारी दी जाएगी।
ब्लैकआउट व्यवस्था की स्थिति बनने की दशा में कैसे अलर्ट रहें, इसके लिए निर्धारित समय पर पूरे जिले की बिजली बंद कर दी जाएगी ताकि रात में दुश्मन को कोई लक्ष्य न दिखे। महत्वपूर्ण भवनों/कार्यालयों की सुरक्षा जिला मुख्यालय, थाना, अस्पताल, और टेलीफोन एक्सचेंज आदि स्थानों की सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। इस दौरान मीडिया प्लेटफार्म पर सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रानिक्स मीडिया किसी प्रकार से नकारात्मक खबरों का प्रसारण न करे, इयसका विशेष ख्याल रखा जाएगा। महत्वपूर्ण स्थानों की पहचान छिपाने के लिए नकली छावनियां तैयार करने, निकासी योजना तैयार करने, घनी बस्तियों से नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, रेस्क्यू एवं प्राथमिक उपचार अभ्यास/सिविल डिफेन्स, रेड क्रॉस, एनसीसी, एनएसएस, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य विभाग द्वारा बचाव कार्यों का प्रदर्शन, घायल नागरिकों को त्वरित प्राथमिक चिकित्सा पहुँचाने की प्रक्रिया का अभ्यास मॉक ड्रिल के जरिए कराया जाएगा।
पुलिस और प्रशासनिक अमले को जरूरी तैयारियों का निर्देश देने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवाइयों और चिकित्सा दल के साथ तैनात रहने की हिदायत दी गई। अग्निशमन विभाग को सूचना मिलते ही समय पर पहुंचने की योजना तैयार रखने का निर्देश दिया गया। नगर पालिका को मॉक ड्रिल स्थल पर साफ-सफाई, पानी व टॉयलेट जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई। इस दौरान सीडीओ जागृति अवस्थी, एडीएम सहदेव मिश्र, सीएमओ डा. अश्वनी कुमार, एएसपी मुख्यालय कालू सिंह, डीपीआरओ नमिता शरण, सभी एसडीएम, सभी सीओ, सीआईएसएफ कमांडेंट, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय सिंह सहित अन्य की मौजूदगी बनी रही।