ख़बरों की शुरूआत पड़ोसी पाकिस्तान से..जिसके माथे पर इंटरनेशनल भिखारी का ठप्पा लग गया है। ..दुनिया के कुछ देशों ने पाकिस्तान को साफ़ कह दिया है कि कुछ काम भी कर लिया करो…चले आते हो मांगने…भिखारी कहीं के ! जी हां, पाकिस्तान..उर्फ़ आतंकिस्तान…उर्फ़ भिखारिस्तान के लिये अब भीख के दरवाज़े भी बंद हो गये हैं। ..और ये मैं नहीं कह रही, खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने बताया है कि पाकिस्तान के दोस्त मुल्कों ने उसके कटोरे में अब कुछ भी नहीं डालने का मन बना लिया।..किसी को भिखारी कहीं के..बोलना बहुत खराब लगता है, लेकिन पाकिस्तान के सो कॉल्ड मित्र देशों ने शहबाज़ शरीफ़ और आसिम मुनीर को यही बोलकर ज़लील किया है- भिखारी कहीं के। …और इन देशों ने पाकिस्तान के लिये कंडीशन्स भी लगा दी हैं कि अब कटोरा फैलाने से कुछ नहीं मिलेगा, अब जो भी मिलेगा, उसके बदले में कुछ देना भी पड़ेगा..।
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