दिल्ली मार्च शुरू होने के करीब ढाई घंटे बाद किसान शंभू बॉर्डर से पीछे हट गए हैं। किसान नेता सरवन सिंह ने कहा कि हमारे काफी नेता घायल हुए हैं। ऐसे में हमने जत्थे को वापस बुला लिया।
पंधेर ने कहा कि हरियाणा पुलिस से हमारी बातचीत हुई। उन्होंने हमसे मांग पत्र मांगा। इसके बाद हमने मांग पत्र सौंपा। केंद्र सरकार को वार्ता के लिए एक दिन का समय दिया है। अगर केंद्र सरकार वार्ता करेगी तो ठीक नहीं तो परसों यानी 8 दिसंबर को दोपहर 12 बजे 101 किसानों का जत्था दिल्ली कूच करेगा।
पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर पिछले 9 महीने से कैंप लगाकर बैठे किसानों ने दोपहर एक बजे 101 किसानों का जत्था दिल्ली रवाना किया था। इसके बाद किसानों ने बैरिकेड और कंटीले तार उखाड़ दिए। इस पर हरियाणा पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी और आंसू गैस के गोले छोड़े, 7 किसान घायल हुए हैं।
कहां, क्या इंतजाम हैं
खनौरी बॉर्डर- 13 कंपनियां पुलिस, एक-एक कंपनी CRPF और BSF की तैनात की गई है। कुल करीब डेढ़ हजार से ज्यादा कर्मचारी तैनात हैं। 3 JCB, वाटर कैनन व्हीकल, 3 वज्र वाहन, 20 रोडवेज बसें और पुलिस की 7 बसें खड़ी की गई हैं। 30 किमी के एरिया में 3 जगह यानी थ्री लेवल बैरिकेडिंग की गई है।
शंभू बॉर्डर- 3 लेयर बैरिकेडिंग है। हरियाणा पुलिस ने सीमेंट की पक्की दीवार बना रखी है। पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स तैनात है। पुल के नीचे पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के करीब 1 हजार जवान तैनात हैं। वज्र वाहन और एंबुलेंस भी मौजूद हैं।
किसानों के दिल्ली मार्च की पल-पल की खबर जानने के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
Copyright © 2024-25 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.