Feedback
आजकल रात में ही शादी-विवाह का ट्रेंड है. उत्तर भारत में अधिकतर लोग रात में ही शादियां करना पसंद करते हैं. रात में शादी के आयोजन को लेकर एक पक्ष का मानना है कि पहले शादियां सिर्फ दिन में हुआ करती थीं, लेकिन मुगल आक्रांताओं की प्रताड़नाओं की वजह हिंदू धर्म के लोगों ने रात में शादियां करनी शुरू की थीं. जबकि हिंदू धर्म में रात में विवाह ठीक नहीं बताया गया है. अब क्या वाकई हिंदुओं के यहां विवाह रात के समय सिर्फ मुगलों की वजह से शुरू हुए या सनातनी शास्त्रों से इसका कोई जुड़ाव है, इसको लेकर आजतक डिजिटल की टीम ने पंडित अरुणेश शर्मा से बातचीत की है.
पंडित अरुणेश शर्मा ने बताया कि यह बात सत्य है कि हिंदुओं में विवाह कभी रात में नहीं होने चाहिए. पंडित अरुणेश शर्मा कहते हैं कि अगर कोई हिंदू शादी रात में की जा रही है तो यह शास्त्रों के उलट है. पंडित जी के अनुसार, हिंदू धर्म से जुड़े शास्त्रों में शादी के लिए ब्रह्म मुहूर्त से लेकर गोधुली मुहूर्त तक का समय सबसे शुभ होता है. ब्रह्म मुहूर्त यानी सूर्य उगने से थोड़ा सा पहले यह शुभ समय शुरू होता है और गोधुली मुहूर्त यानी शाम को सूर्य डूबने के कुछ समय बाद यह शुभ समय समाप्त हो जाता है. पंडित अरुणेश शर्मा कहते हैं कि शास्त्रों के अनुसार तो इसी समय में शादी कर लेनी चाहिए.
हालांकि, अब तो मुगल राज नहीं है लेकिन फिर भी विवाह रात में क्यों कराए जाते हैं. इसपर जवाब देते हुए पंडित अरुणेश शर्मा ने कहा कि मुगलों के समय दिन के समय में विदेशी आक्रांताओं के हमलों का डर रहता था जिस वजह से रात के समय में शादियां कर दी जाती थीं.
पंडित अरुणेश जी कहते हैं कि, अब समय के साथ लोगों की लाइफस्टाइल भी बदल गई है. अब अपने समय के हिसाब से चलना पसंद करते हैं. वहीं शुभ मुहूर्त भी अब समय को देखते हुए रात व दिन, दोनों के निकाले जाते हैं. इसलिए काफी लोग रात का मुहूर्त निकलवाकर कार्यक्रम आयोजित करते हैं.
रात में शादी का चलन पहले मजबूरी, अब दिखावा
पंडित अरुणेश शर्मा कहते हैं कि रात के समय हिंदू शादियां पहले के समय मजबूरी तो अब लोगों के लिए दिखावे और मौज का कारण बन गई हैं. लोग खुद के और मेहमानों के आराम के हिसाब से विवाह कार्यक्रम तय करते हैं. रात में शादी करने की वजह से कई और भी कार्य शास्त्रों के उलट होते हैं, जिनपर कोई ध्यान तक नहीं देता है.
पंडित अरुणेश शर्मा के अनुसार, रात के समय हिंदुओं को कई कार्य नहीं करने चाहिए. अब चाहे वह कार्य नाखून काटने का हो या साफ-सफाई का. इसके बावजूद लोग जब रात में विवाह करते हैं तो इन छोटी-छोटी चीजों पर कोई भी ध्यान नहीं देता है. सभी लोग बिना कुछ सोचे ही इन चीजों पर ध्यान नहीं देते हैं. जबकि यह सब करने से बचाव करना चाहिए.
Copyright © 2025 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू