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ऑनलाइन शॉपिंग में जहां एक तरफ एआई (AI) तकनीक लोगों का काम आसान बना रही है, वहीं दूसरी तरफ इसका गलत इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है. खासकर चीन में, जहां खरीदार एआई से बनाई गई नकली तस्वीरों का उपयोग करके सामान खराब दिखाते हैं और बिना वजह रिफंड लेने की कोशिश करते हैं. इससे ऑनलाइन विक्रेताओं को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है.चीन में ऑनलाइन बेचने वाले दुकानदार इन दिनों एक नई परेशानी झेल रहे हैं. कई खरीदार अब असली प्रोडक्ट को खराब दिखाने के लिए AI से नकली तस्वीरें बना रहे हैं, ताकि वे बिना वजह रिफंड पा सकें.
ऑनलाइन सेल में बढ़ी फर्जी तस्वीरों की संख्या
डबल 11 शॉपिंग फेस्टिवल (चीन की बड़ी ऑनलाइन सेल) के दौरान कई विक्रेताओं ने बताया कि खरीदार एआई से एडिट की गई तस्वीरें भेज रहे हैं, जिसमें प्रोडक्ट खराब या टूटे हुए दिखते हैं. बाद में पता चलता है कि तस्वीरें असली नहीं थीं.
एआई से प्रोडक्ट को खराब दिखाया जाता है
कुछ लोग ताजे फलों की फोटो लेते हैं और AI से उसे सड़ा हुआ दिखा देते हैं. एक ग्राहक ने इलेक्ट्रिक टूथब्रश को जंग लगा हुआ दिखाकर रिफंड मांगा.
कपड़ों की दुकान को एक ऐसी तस्वीर मिली जिसमें कपड़े के कॉलर पर धागे ढीले दिख रहे थे, लेकिन जांच में वह AI एडिट निकला.
वीडियो मांगने पर खरीदार पीछे हट गए
एक सिरेमिक मग बेचने वाले ने जब शक होने पर वीडियो मांगा, तो खरीदार ने तुरंत अपना रिफंड रिक्वेस्ट वापस ले लिया। बाद में AI डिटेक्शन से पता चला कि तस्वीर 92% संभावना के साथ AI से बनाई गई थी।
विक्रेताओं के लिए मुश्किलें बढ़ीं
चीन में ऐसे धोखेबाज लोगों को ‘भेड़ कतरने वाले’ ( Sheep shearers) कहा जाता है, जो सामान लौटाए बिना ही सिस्टम की कमियों का फायदा उठाते हैं. विक्रेताओं का कहना है कि रिफंड से जुड़ी नीतियां ज्यातार खरीदारों के पक्ष में रहती हैं, जिससे गलत रिफंड भी मंजूर हो जाते हैं.
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का जवाब
“केवल रिफंड” वाला ऑप्शन हटा दिया गया है. ताओबाओ और टीमॉल ने खरीदारों के लिए एक नया क्रेडिट स्कोर सिस्टम शुरू किया है, ताकि फर्जी दावों पर रोक लग सके. चीन में 1 सितंबर से नया नियम लागू हुआ है, जिसमें हर AI-जेनरेटेड फोटो, वीडियो या कंटेंट को स्पष्ट रूप से AI बताया जाना जरूरी है.
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