Artemis 2 Splash Down Live: बस कुछ देर और… धरती पर उतरेंगे NASA के चंद्रयात्री – AajTak

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अमेरिकी नौसेना का युद्धपोत एस्ट्रोनॉट को लाने के लिए तैनात
13 मिनट का खतरनाक सफर: गर्मी, ब्लैकआउट और पैराशूट
Artemis 2 Splash Down Live: नासा का आर्टेमिस II मिशन अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. 11 अप्रैल की सुबह 5 बजे से 5.37 बजे की अमेरिका के सैन डिएगो के तट के पास समंदर में उतरेगा. चारों अंतरिक्षयात्री चंद्रमा के चारों ओर घूमकर अब सुरक्षित घर लौट रहे हैं. यह मिशन 54 साल बाद इंसानों को चंद्रमा के पास ले जाने वाला पहला क्रूड मिशन है. 

 

ओरियन कैप्सूल का स्प्लैशडाउन शनिवार 11 अप्रैल 2026 की सुबह 5.07 बजे 5.37 बजे के बीच होगा. प्रशांत महासागर में सैन डिएगो (कैलिफोर्निया, अमेरिका) के तट के पास समंदर में उतरेगा. कैप्सूल पैराशूट की मदद से पानी पर उतरेगा. फिर रिकवरी टीम अंतरिक्षयात्रियों को निकालकर शिप पर ले जाएगी. यह स्प्लैशडाउन मिशन का सबसे खतरनाक हिस्सा माना जाता है क्योंकि ओरियन वायुमंडल में 2760 डिग्री सेल्सियस की गर्मी झेलेगा.

 
 
नासा के आर्टेमिस II मिशन के दौरान चार अंतरिक्षयात्री चंद्रमा के चारों ओर घूमकर पृथ्वी की ओर लौट रहे हैं. उनके सुरक्षित वापसी के लिए अमेरिकी नौसेना का एक खास जहाज तैयार खड़ा है. इस जहाज का नाम है USS John P. Murtha (LPD 26). यह जहाज प्रशांत महासागर में यूएस थर्ड फ्लीट में तैनात है. ओरियन स्पेसक्राफ्ट के स्प्लैशडाउन के बाद अंतरिक्षयात्रियों तथा कैप्सूल को रिकवर करने का जिम्मेदार है.
USS John P. Murtha (LPD 26) is underway in the U.S. 3rd Fleet area of operations supporting NASA’s Artemis II mission, standing ready to retrieve the crew and Orion spacecraft following splashdown in the Pacific Ocean. 🚀🌕

Artemis II marks the first crewed mission around the… pic.twitter.com/fVNjMh1F98
वायुमंडल में प्रवेश के बाद पहले दो मिनट में कैप्सूल 2 लाख फीट नीचे गिरेगा. इस दौरान सामने की हवा इतनी दब जाएगी कि तापमान 2760 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा. ओरियन का हीट शील्ड इस गर्मी को झेलने के लिए बना है ताकि अंदर का हिस्सा सुरक्षित रखेगा. इस दौरान 6 मिनट का कम्युनिकेशन ब्लैकआउट भी आएगा यानी अंतरिक्षयात्री मिशन कंट्रोल से बात नहीं कर पाएंगे. 

थ्रस्टर्स की मदद से गति कम होगी और कैप्सूल एक तरफ से दूसरी तरफ रोल करता रहेगा ताकि अतिरिक्त ऊर्जा निकल जाए. 9 मिनट बाद जब गति ध्वनि की गति से कम हो जाएगी, तब 10 मिनट पर ड्रोग पैराशूट खुलेंगे. फिर पायलट पैराशूट और अंत में मुख्य पैराशूट खुलेंगे. ये कैप्सूल को अंतिम 5000 फीट में 27 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से धीरे-धीरे नीचे लाएंगे. कुल मिलाकर ये 13 मिनट में कैप्सूल 2737 किलोमीटर की दूरी तय करेगा.
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