अप्रैल का महीना शुरू हो गया है और पहली ही तारीख को कई बड़े बदलाव भी लागू हो गए हैं. इनमें एक झटका देने वाला सबसे बड़ा चेंज हवाई यात्रियों से जुड़ा है. दरअसल, हवाई ईंधन यानी एयर टर्बाइन फ्यूल के दाम बढ़े (ATF Price Hike) हैं और ये बीते 1 मार्च के भाव से डबल हो गए हैं. एटीएफ की कीमत में ये 100 फीसदी का इजाफा हवाई सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर बोझ बढ़ाने वाला साबित हो सकता है और एयरलाइंस कंपनियां एयर टिकट प्राइस बढ़ा सकती हैं.
पहली बार 2 लाख रुपये के पार ATF
ATF Price पहली बार 2 लाख रुपये के स्तर के पार निकला है. 1 अप्रैल 2026 से लागू नई कीमतों पर नजर डालें, तो दिल्ली में जेट फ्यूल की कीमतें दोगुनी से भी ज्यादा बढ़कर रिकॉर्ड 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर हो गई हैं.
चार महानगरों में एटीएफ की कीमत (प्रति किलोलीटर)
होर्मुज टेंशन, तेल संकट का असर
अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म होने के फिलहाल ट्रंप की ओर से संकेत जरूर मिल रहे हैं. लेकिन बीते 28 फरवरी से चल रहे इस युद्ध की वजह से होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से दुनिया के तमाम देशों में तेल-गैस का संकट गहरा गया. दुनिया की कुल खपत का करीब 20 फीसदी तेल इसी समुद्री रूट से आता-जाता है. अप्रैल की पहली तारीख को जेट फ्यूल के दाम में 100% बढ़ोतरी के पीछे भी यही नजर नजर आ रही है.
एयर टिकट हो सकते हैं महंगे
ATF के महंगा होने से सीधा असर कंपनी की ऑपरेशनल कॉस्ट पर देखने को मिलेगा. एयरलाइन के कुल परिचालन खर्च का करीब 40 फीसदी एटीएफ पर होता है और इसके दाम में बढ़ोतरी से एयरलाइंस की लागत बढ़ जाती है. ऐसे में इसकी भरपाई का बोझ हवाई यात्रियों के टिकट की कीमतों में इजाफा करते किया जा सकता है. सीधे शब्दों में कहें, तो आने वाले दिनों में Air Ticket महंगा हो सकता है.
सरकार का आया बयान
एटीएफ की कीमतों में 100 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी किए जाने के बाद पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर बयान जारी किया गया है. इसमें मिनिस्ट्री ने कहा है कि भारत में ATF की कीमतें 2001 में नियंत्रण मुक्त कर दी गई थीं. तब से ये अंतरराष्ट्रीय मानकों के एक फ़ॉर्मूले के आधार पर हर महीने की पहली तारीख को बदलती हैं. अप्रैल की पहली तारीख को एयर टर्बाइन फ्यूल प्राइस में ये तगड़ा इजाफा अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच Hormuz Strait बंद होने से पैदा हुए एनर्जी क्राइसिस के चलते देखने को मिला है.
ATF prices in India were deregulated in 2001 and are revised on monthly basis based on a formula of international benchmarks. Due to the closure of Strait of Hormuz and extraordinary situation in global energy markets, price of ATF for domestic markets was expected to increase by…
मंत्रालय की ओर से बयान में ये भी साफ किया गया है कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भारी बढ़ोतरी से घरेलू यात्रा लागत को बचाने के लिए पेट्रोलियम मिनिस्ट्री और PSU ऑयल मार्केटंग कंपनियों ने एविएशन मिनिस्ट्री के परामर्श से, एयरलाइनों पर केवल 25% (केवल 15 रुपये/लीटर) की आंशिक और चरणबद्ध बढ़ोतरी ही लागू की है. विदेशी मार्गों पर ATF की कीमतों में पूरी बढ़ोतरी का भुगतान करना होगा, जो दुनिया के अन्य हिस्सों में उनके द्वारा किए जाने वाले भुगतान के अनुरूप होगा.
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