मौसम में अचानक आए बदलाव ने पूरे बिहार में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। शुक्रवार से लेकर शनिवार तक आंधी, भारी बारिश, ओलावृष्टि और बिजली कड़कने का सिलसिला जारी रहा। खराब मौसम की वजह से कई जिलों में भारी नुकसान हुआ। बिजली गिरने से छह लोगों की जान चली गई और कम से कम दस अन्य घायल हो गए। पटना, बगहा, बेतिया, बांका, गोपालगंज, रक्सौल और खगड़िया समेत कई जिलों में बारिश हुई है। पटना में भारी बारिश के साथ ओले भी गिरे, जबकि रक्सौल में जलभराव की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बिजली गिरने से पेड़, संपत्ति और खेतों को भी नुकसान पहुंचा है।
नीतीश कुमार सरकार में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने शनिवार को यह स्पष्ट कर दिया कि बिहार में पंचायत चुनाव तय समय पर ही होंगे और परिसीमन प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। मंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रमुख और उप-प्रमुख के पदों के लिए चुनाव मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार ही होंगे, ठीक वैसे ही जैसे पिछले चुनाव हुए थे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 2026 के पंचायत चुनावों के लिए एक नया आरक्षण रोस्टर लागू किया जाएगा। गया में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, ‘मौजूदा व्यवस्था लगभग एक दशक से चली आ रही है, और इस बदलाव का मकसद समाज के सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है।’ गया जिले के अपने दौरे के दौरान, मंत्री ने टंकुप्पा ब्लॉक के अंतर्गत बरसाउना गांव में एक विवादित पंचायत सरकार भवन के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया।
बिहार के सारण जिले में एक लड़की से बलात्कार और हत्या के आरोप में पांच युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बताया जा रहा है कि लड़की का आरोपियों में से एक के साथ प्रेम संबंध था। यह घटना जिले के डेरनी थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘11 मार्च को शाम करीब पौने पांच बजे डेरनी के थाना प्रभारी (एसएचओ) को सूचना मिली कि एक नाबालिग लड़की अपने घर से पांच मीटर दूर एक कुएं में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पायी गई है। जब पुलिस मौके पर पहुंची तब उसने देखा कि उसके परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने शव को कुएं से बाहर निकाल कर पास में ही रख दिया था।’
असम समेत देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित में चुनाव की घोषणा हो चुकी है, जिसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। प्रियंका गांधी को असम का प्रभारी बनाया गया है, जिसके बावजूद वहां कांग्रेस नेता पार्टी छोड़ रहे हैं। इस बीच बिहार सरकार के कृषि मंत्री और भाजपा नेता रामकृपाल यादव ने शनिवार को कांग्रेस पर निशाना साधा। रामकृपाल यादव ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के अंदर कुछ नहीं बचा है। पार्टी पूरी तरह से डूब चुकी है। कांग्रेस खत्म हो चुकी है। ऐसे में अब कांग्रेस में कोई नहीं रहेगा। लोग अपना भविष्य खतरे में क्यों डालेंगे? कांग्रेसी कार्यकर्ता और विधायक सतर्क हो गए, जिसके कारण वे पार्टी छोड़ रहे हैं।
जन सुरज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शनिवार को दावा किया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना पद छोड़ रहे हैं क्योंकि केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)ने पिछले साल विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के लिए ‘तैयार किया गया जनादेश’ हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और अब ‘अपना हिस्सा पाने’ को तत्पर है। किशोर ने ईद के अवसर पर यहां आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए दोहराया कि जनता दल यूनाइटेड (जदयू) प्रमुख कुमार राज्य पर शासन करने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से अयोग्य हैं।