पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के चौथे चरण की शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीआरई-4) को लेकर हो रही देरी को लेकर राज्य की राजनीति गरम हो गई है। इस बीच, विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने गुरुवार को कहा कि टीआरई-4 में विलंब कर एनडीए सरकार लाखों युवाओं के जीवन से खिलवाड़ बंद करे। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि 17 महीनों की महागठबंधन सरकार में शिक्षा विभाग को राजद कोटे में लेकर सर्वप्रथम युद्ध स्तर पर शिक्षा विभाग में टीआरई-1 और 2 अंतर्गत निर्धारित समय सीमा के अंदर बिना किसी पेपरलीक, संपूर्ण पारदर्शिता के साथ रिकॉर्ड 2,20,000 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देकर नियुक्ति कराई गई थी।
नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा। बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीतीश कुमार अब राज्यसभा के सदस्य चुने गए हैं और इसके तहत एक निर्धारित प्रक्रिया होती है, जिसके अनुसार उन्हें शपथ लेनी होगी। इसी प्रक्रिया के तहत उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। रामकृपाल यादव ने कहा कि अब आगे क्या होगा, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। उन्होंने बताया कि एनडीए विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद विधायक दल से नए नेता का चयन किया जाएगा और वही व्यक्ति बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेगा।
पटना: तेज प्रताप यादव से जब पूछा गया कि क्या नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार अपने पिता के बाद सत्ता संभाल सकते हैं, तो तेज प्रताप यादव ने कहा, ‘वह इसके लिए बहुत अनुभवहीन हैं। वह उम्र में मुझसे बड़े हो सकते हैं, लेकिन राजनीति में अनुभव मायने रखता है।’ वर्तमान में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए चर्चा में होने पर यादव ने कहा, ‘अगर वह मुख्यमंत्री बनते हैं तो ठीक है। उन्हें मेरा समर्थन रहेगा।’ तेज प्रताप यादव ने NDA सरकार की कथित विफलताओं को लेकर अपने छोटे भाई तेजस्वी के सोशल मीडिया अभियान पर भी असहमति जताई। उन्होंने कहा, ‘हम सभी बिहार में पैदा हुए और यहीं पले-बढ़े हैं। हमें अपने गृह राज्य के बारे में हमेशा अच्छी बात करनी चाहिए, जो भले गरीब दिखता हो, लेकिन यहां दिल के अमीर लोग रहते हैं।’
जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने अपने छोटे भाई और राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा बिहार को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को बिहार की छवि धूमिल नहीं करनी चाहिए। पटना में तेजप्रताप यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि तेजस्वी हमारे छोटे भाई हैं, लेकिन उन्हें अपने बयानों पर ध्यान देना चाहिए। उन्हें बिहार की छवि खराब करने वाले बयानों से बचना चाहिए। उन्होंने तेजस्वी यादव के केरल में दिए गए उस बयान पर नाराजगी जताई, जिसमें उन्होंने बिहार को ‘गरीब राज्य’ बताया था।
पटना: बिहार में राजनीतिक हलचल को लेकर पूर्व सांसद डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि हम लोग नीतीश कुमार के फैसले के साथ हैं, लेकिन मेरी व्यक्तिगत राय में ये उचित निर्णय नहीं है। नीतीश कुमार ने जयप्रकाश नारायण, कर्पूरी ठाकुर, और लोहिया की विरासत को आगे बढ़ाने में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि मैं पहले दिन से कह रहा हूं कि जदयू को मजबूती देने के लिए और लोगों में अगर किसी को विश्वास है तो वह निशांत कुमार हैं। वह युवा हैं; 20 साल सत्ता में रहने के बाद भी अहंकार उन्हें छू नहीं सका। पैसे का कोई आकर्षण नहीं, कपड़े का कोई शौक नहीं है। युवा होते हुए जो आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ा हुआ है, वह एक साफ व्यक्ति है।
पटना: बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर पूछे गए सवाल पर विजय चौधरी कहा, ‘जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे, तो तब एनडीए में शामिल सभी दल के नेता बैठेंगे और आपस में बातचीत कर निर्णय होगा। इसके बाद सरकार का गठन होगा। यह एक सीधी प्रक्रिया है।’ मुख्यमंत्री पद की रेस को लेकर उन्होंने मजाकिया अंदाज में पत्रकारों से कहा, ‘जिनको-जिनको आप लोग रेस में लगा देते हैं, वे सभी मुख्यमंत्रियों की रेस में हैं।’
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित होने और विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दिए जाने के बाद से ही प्रदेश में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर भी चर्चा का बाजार गर्म है। इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले प्रदेश के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को साफ कर दिया कि एनडीए की बैठक में नई सरकार के गठन को लेकर फॉर्मूला तय होगा।
बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने बुधवार को कहा कि जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद यदि भाजपा के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बनते हैं, तो उन्हें उनका “समर्थन” रहेगा। तेज प्रताप यादव ने यहां प्रेसवार्ता में नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए कहा, “शराबबंदी नीति विफल होने के कारण वह दिल्ली भाग रहे हैं।” तेज प्रताप यादव ने अपने पिता लालू प्रसाद के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से निष्कासित किये जाने के बाद जनशक्ति जनता दल का गठन किया था।