Cars Of Iran: करोड़ों डॉलर की वो ऑटो इंडस्ट्री, जो दुनिया की नजर से है गायब, ईरान में इन कारों का है जलवा – AajTak

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ईरान इस वक्त युद्ध को लेकर चर्चा में है. मगर ईरान में बहुत कुछ ऐसा भी जिसके बारे में लोग नहीं जानते हैं. ऐसा ही कुछ उनकी कार इंडस्ट्री के साथ है, जो साल में करोड़ों डॉलर का कारोबार करती है. ईरान की कार इंडस्ट्री की शुरुआत मशहूर इंडस्ट्रियलिस्ट अहमद खयामी ने की थी. उन्होंने Iran Khodro की नींव रखी थी. (Photo: ITG)
आज जब पॉपुलर कारमेकर्स की बात होती है, तो लोगों के जेहन में फोर्ड, टोयोटा, फॉक्सवैगन, Mercedes-Benz, BMW और मारुति सुजुकी जैसे नाम आते हैं. अगर ईरान की पॉपुलर कार्स पर चर्चा की जाए, तो शायद ही किसी को वहां के कार ब्रांड्स के बारे में पता होगा. सवाल है कि ईरान में कौन-सी कार पॉपुलर हैं. (Photo: AFP)
ईरान में भी कई कार कंपनियां मौजूद हैं, जो वहां के लिए कारों की मैन्युफैक्चरिंग भी करती हैं. रिपोर्ट्स की मानें, तो Iran Khodro, SAIPA और Pars Khodro जैसे नाम ईरान में पॉपुलर हैं. इन तीनों कंपनियों ने पिछले साल मार्च से दिसंबर के बीच 6,43,000 कार्स प्रोड्यूस की हैं. (Photo: AFP)
ये आंकड़े दिखाते हैं कि ईरान की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री अच्छी-खासी है. वहां ना सिर्फ लोकल ब्रांड्स की कार्स पॉपुलर हैं, बल्कि कुछ ग्लोबल ब्रांड्स भी लोकल पार्टनर्स के साथ मिलकर अपनी कार बेचते हैं. (Photo: AFP)
Iran Khodro 
ये ईरान की सबसे बड़ी कार मेकर है. इस कंपनी को IKCO के नाम से भी जाना जाता है. इस कंपनी की शुरुआत Renault और Peugeot कार्स की मैन्युफैक्चरिंग के साथ हुई थी. कंपनी की सबसे पॉपुलर कार Paykan सेडान रही है. हालांकि ये कार 2005 में डिस्कंटीन्यू हो गई थी. (Photo:Wiki/Fabien Dany)
ये कार ब्रिटिश रूट्स ग्रुप की Hillman Hunter पर बेस्ड थी. इस कार को Samand से रिप्लेस किया गया था, जो Peugeot 405 प्लेटफॉर्म पर तैयार की गई है. लेटेस्ट मॉडल्स की बात करें, तो 2024 IKCO Reera मॉडर्न लुक के साथ आती है. ये कार इलेक्ट्रिक और ICE दोनों ही ऑप्शन में आती है. (Photo: ahmadkhayami.com)
SAIPA 
ये ईरान की दूसरी सबसे बड़ी कार कंपनी है और बजट कार्स के लिए जानी जाती है. कंपनी की शुरुआत 1965 में हुई थी. उस वक्त इसका नाम SAIPAC होता था, जो ईरान में Citroën ऑटोमोबाइल की प्रोडक्शन करती थी. 1975 में जब Citroën ने ईरानी मार्केट छोड़ा, तो इस कंपनी का नाम बदलकर SAIPA हो गया. (Photo: AFP)
इसका सबसे पॉपुलर मॉडल Tiba था, जो अब डिस्कंटीन्यू हो चुका है. अब कंपनी Saina और Quik जैसे मॉडल्स को बेचती है. ये सभी Kia Pride बेहतर वर्जन हैं. Pars Khodro भी इसी कंपनी का हिस्सा है. ये कंपनी पहले रेनो और निसान के साथ मिलकर गाड़ियां बनाया करती थी. (Photo: Reuters)
ईरान में बिकने वाली ज्यादातर कार्स पुरानी Peugeot और Renault कार्स की तरह दिखती है. इसकी वजह ईरानी मार्केट में फ्रेंच कंपनी की शुरुआती एंट्री है. इन कंपनियों ने ईरान में किसी दूसरे प्लेयर्स के मुकाबले पहले एंट्री की थी, लेकिन 1979 में हुई क्रांति और ईरान-इराक युद्ध के बाद इन कंपनियों ने ईरानी मार्केट छोड़ दिया. इसकी एक बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध भी है. (Photo: Reuters)
ईरान की कार इंडस्ट्री को खड़ा करने का श्रेय मशहूर इंडस्ट्रियलिस्ट अहमद खयामी को जाता है. उन्होंने ही ईरानी कार कंपनी Iran Khodro की नींव रखी थी. पहले इसका नाम ईरान नेशनल था. अहमद खयामी ने ब्रिटेन की Rootes Arrow की पॉपुलर Hillman Hunter के राइट्स लिए थे. इस मॉडल पर ही ईरानी की सबसे पॉपुलर कार Paykan सेडान बेस्ड थी. (Photo: ahmadkhayami.com)
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