भारत में होने वाले 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने साफ संकेत दिए हैं कि इस बार दो देसी खेलों को भी गेम्स में शामिल किया जा सकता है. अहमदाबाद में होने वाले इस मेगा इवेंट के लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. हाल ही में कॉमनवेल्थ गेम्स का एक डेलिगेशन भारत आया था, जिसने तैयारियों का जायजा लिया.
बैठक के बाद खेल मंत्री ने बताया कि भारत के पारंपरिक खेल- कबड्डी, मल्लखंब, खो-खो और योग में से दो को 2030 गेम्स में शामिल किया जा सकता है. इससे भारतीय खेलों को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलेगी.
सबसे बड़ी बात ये है कि क्रिकेट और हॉकी की वापसी लगभग तय मानी जा रही है. क्रिकेट और हॉकी को इस बार गेम्स में जरूर शामिल किया जाएगा, जबकि ग्लासगो संस्करण में ये दोनों खेल बाहर कर दिए गए थे.
कुल इतने खेल हो सकते हैं शामिल
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 17 खेल होने की संभावना है. इसमें एथलेटिक्स, स्विमिंग, टेबल टेनिस, वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग जैसे बड़े खेल पहले ही कन्फर्म हो चुके हैं. भारत 20 साल बाद फिर से कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा. इससे पहले देश ने 2010 में कॉमनवेल्थ का सफल आयोजन किया था.
सरकार इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए 23 मंत्रालयों के साथ मिलकर काम कर रही है. साथ ही, देशभर में एक बड़ा अभियान चलाने की भी तैयारी है, जिसमें बड़े खिलाड़ी और युवा नेता शामिल होंगे. इसके अलावा भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी की रेस में भी शामिल है. अगर यह मौका मिलता है, तो उसी मॉडल पर तैयारी की जाएगी.
कुल मिलाकर, 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स भारत के लिए सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि अपनी खेल ताकत और सांस्कृतिक पहचान दुनिया को दिखाने का बड़ा मौका बनने जा रहा है.