Yamunanagar News: यमुनानगर में भारतीय किसान यूनियन जिलाध्यक्ष संजू गुन्दियाना ने बताया कि 2024 को मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर गाड़ियों के ठहराव की मांग को लेकर ग्रामीणों के द्वारा शांति प्रिया तरीके से धरना प्रदर्शन किया गया था, जिसको लेकर नोटिस जारी किया गया.
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Yamunanagar News: यमुनानगर के बराड़ा में मंगलवार को रेलवे पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन के नेताओं के घर की दीवार पर नोटिस चस्पा किया. यह कार्रवाई 22 फरवरी 2024 को मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए धरना-प्रदर्शन से जुड़े मामले में की गई है, जिसमें किसानों ने ट्रैक पर बैठकर धरना प्रदर्शन किया था.
रेलवे पुलिस बराड़ा द्वारा भारतीय किसान यूनियन यमुनानगर जिलाध्यक्ष संजू गुन्दियाना के घर पर नोटिस चिपकाया गया, जिसमें 10 अप्रैल को पुलिस जांच में शामिल होने के लिए कहा गया. किसान यूनियन जिला प्रधान संजू गुन्दियाना ने पुलिस द्वारा चिपकाए नोटिस को फाड़ते हुए कहा कि वह जांच में शामिल नहीं होंगे.
यमुनानगर में भारतीय किसान यूनियन जिलाध्यक्ष संजू गुन्दियाना ने बताया कि 2024 को मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर गाड़ियों के ठहराव की मांग को लेकर ग्रामीणों के द्वारा शांति प्रिया तरीके से धरना प्रदर्शन किया गया था. उन्होंने बताया कि 2019-20 में जब देश में कोरोना नाम की बीमारी आई उस वक्त लॉकडाउन लगाया गया और पैसेंजर ट्रेनें बंद कर दी गई थी. पैसेंजर ट्रेनें बंद होने के कारण ग्रामीणों के काम धंधे जो शहर में जाकर करते हैं, मजदूरी करते हैं, नौकरी करते हैं और बहुत से बच्चे पढ़ने के लिए स्कूल कॉलेज में मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन से अंबाला सहारनपुर और यमुनानगर के लिए जाते हैं. उन सभी का जाना बंद हो गया था. कोरोना के कुछ ठीक होने के बाद भी पैसेंजर गाड़ियां रेलवे के द्वारा नहीं चलाई गई. ग्रामीणों के द्वारा लगातार 1 साल तक डीआरएम उत्तर रेलवे अंबाला के दफ्तरों के चक्कर लगाए गए. हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भी मांग पत्र दिया, कुरुक्षेत्र से तत्कालीन सांसद नायब सैनी को भी ट्रेनों के ठहराव को लेकर मांग पत्र दिए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. मजबूर होकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया.
किसान ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान मौके पर रेलवे विभाग से एआरएम हनुमान प्रसाद ग्रामीणों को आश्वासन देने के लिए मौके पर पहुंचे और दो दिन में ट्रेने रुकने का आश्वासन दिया. ग्रामीणों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी, इसको लेकर भी आश्वासन दिया था. इसी पर ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त किया. लेकिन अधिकारियों के द्वारा वादा खिलाफी की गई. और आज तीन साल बाद पुलिस विभाग द्वारा मुकदमा दर्ज कर नोटिस दीवार पर चिपकाए गए.
उन्होंने कहा कि हम चेतावनी देना चाहते हैं कि सरकार ने अगर कोई कार्रवाएई की तो दोबारा मुकदमा रद्द करवाने के लिए ग्रामीण रेलवे ट्रैक को जाम करेंगे. उन्होंने स्पष्ट कि वह किसी पुलिस जांच में शामिल नहीं होंगे.
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Input: Kulwant Singh
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