Haryana Politics: हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान 5 विधायकों पर लगे क्रॉस वोटिंग के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है. अनुशासन समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट हाईकमान को सौंपने की तैयारी कर ली है. जिसमें मोहम्मद इसराइल और मोहम्मद इलियास ने नोटिस का जवाब नहीं दिया, जबकि अन्य तीन ने आरोपों को नकारा है, आइए विस्तार से जानें.
Trending Photos
Haryana News: हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान कथित क्रॉस वोटिंग के आरोपों को लेकर कांग्रेस पार्टी के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. इस मामले में पार्टी की अनुशासन समिति ने चंडीगढ़ में बैठक कर पांच विधायकों के खिलाफ मिली शिकायतों पर विस्तार से चर्चा की है. अब समिति अपनी रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को भेजने जा रही है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
क्या है पूरा मामला?
अनुशासनात्मक समिति के अध्यक्ष धर्मपाल मलिक ने बताया कि जिन पांच विधायकों को नोटिस जारी किए गए थे, उनमें से दो मोहम्मद इज़राइल और मोहम्मद इलियास ने अभी तक अपना जवाब दाखिल नहीं किया है. इस बीच, शेष तीन विधायकों ने समिति के समक्ष अपना पक्ष रखा है और क्रॉस-वोटिंग के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है.समिति ने इस मामले पर विपक्ष के नेता और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ भी विचार-विमर्श किया है. हालांकि, समिति के आंतरिक विचार-विमर्श और निष्कर्षों को सार्वजनिक नहीं किया गया है.अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पूरी रिपोर्ट और सिफारिशें पार्टी नेतृत्व को भेजी जाएंगी, जो इस पर अंतिम निर्णय लेगा.
क्या है अनुशासन समिति की रिपोर्ट?
सूत्रों के अनुसार, अनुशासन समिति की रिपोर्ट अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को सौंपी जाएगी. इसके बाद ही तय होगा कि संबंधित विधायकों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी. इस मामले में शैली चौधरी और रेनू बाला भी समिति के सामने पेश हुईं और उन्होंने अपना जवाब दर्ज कराया है.
इन पांच विधायकों पर लगे थे आरोप
गौरतलब है कि 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के पांच विधायकों मोहम्मद इसराइल, मोहम्मद इलियास, शैली चौधरी, रेनू बाला और जरनैल सिंह पर क्रॉस वोटिंग के आरोप लगे थे. इसके बाद पार्टी ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था.
ये भी पढें- हरियाणा के पूर्व CM भूपेंद्र सिंह हुड्डा को AJL प्लॉट मामले में मिली क्लीन चिट
अब सभी की नजर कांग्रेस हाईकमान के फैसले पर टिकी है. माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई भी हो सकती है, जिससे पार्टी में अनुशासन बनाए रखने का संदेश दिया जाएगा.
Thank you
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts.