शिमला. हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से मंडी जिले में बेहद बुरा हाल है. यहां लगातार बीते 15 घंटे से बारिश हुई है. बारिश की वजह से जिले में स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया गया है. चंडीगढ़ मनाली हाईवे भी बंद हो गया है. यहां पर जगह जगह लैंडस्लाइड हुए हैं. दोपहर 12 बजे तक मिली रिपोर्ट के अनुसार, जिले में चार लोगों की मौत हुई है. जबकि 16 लापता हैं. इसके अलावा, कांगड़ा जिले में भी भारी बारिश के चलते स्कूल कॉलजों को बंद किया गया है. अब मंडी जिला प्रशासन ने रिपोर्ट जारी की है और कुल 18 लोग लापता हैं. जिले में कुल 261 रोड़ बंद हैं. मंडी जिले में अब तक 100 लोगों को रेस्क्यू किया गया है.
जानकारी के अनुसार, मंडी के गोहर में एक ही परिवार के नौ लोग लापता हैं. ये लोग परिवार के साथ बह गए हैं.
कुल्लू जिले में बीती रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते कई सड़कों पर भूस्खलन और जलभराव के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है. आनी उपमंडल के लुहरी क्षेत्र के समीप कारशा गांव में नाले में अचानक आई बाढ़ से एक वाहन के मलबे में दबने की सूचना है. फिलहाल प्रशासन द्वारा स्थिति का जायजा लिया जा रहा है और राहत कार्य शुरू किए जा रहे हैं.
भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर औट-लुहरी नेशनल हाईवे (NH-305) पर देखा जा रहा है. यह प्रमुख मार्ग कई स्थानों पर मलबा और पानी आने से बाधित हो गया है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.बारिश के कारण जिले की अधिकांश नदियां और नाले उफान पर बह रहे हैं. ऐसे में खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने आज कुल्लू जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी-नालों से दूर रहें. साथ ही स्थानीय लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है.प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट पर हैं और लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं.
गौरतलब है कि भारी बारिश के चलते मंडी जिले में चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे बंद हो गया है. यहां पर बड़ी संख्या में लोगों ने गाड़ियों में रात काटी है. सूबे के तीन जिलों मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर में स्कूलों को बंद किया गया है.
हिमाचल प्रदेश के मंडी में पठानकोट के लिए निर्माणाधीन फोरलेन में भारी बारिश के चलते बिजणी में टनल का मुहाना गिर गया. इस दौरान
लोगों और कंस्ट्रक्शन कंपनी के वर्कर्स ने भाग कर अपनी जान बचाई है, जिसका वीडियो तेजी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी के साथ वायरल हो रहा है .
कुल्लू जिले में मौसम विभाग ने 5 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, आनी और बंजार उपमंडलों में भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। ऐसी स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि लोग नदी-नालों के किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में न जाएं, ताकि किसी तरह की जान-माल की हानि न हो। इस संबंध में डीसी कुल्लू तोरल एस. रवीश ने जानकारी दी कि जिले में 5 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नदी-नालों के पास न जाएं और ट्रैकिंग पर भी अकेले न निकलें। मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा की योजना बनाएं। उन्होंने बताया कि इस समय कुल्लू जिले में 21 सड़कों पर यातायात बाधित है, जिनमें से 21 सड़कें आनी डिवीजन, 11 सड़कें बंजार डिवीजन, और 5 सड़कें कुल्लू डिवीजन में आती हैं। डीसी ने बताया कि आनी से रामपुर जाने वाला मुख्य मार्ग बाधित है, वहीं कुल्लू से मंडी की ओर जाने वाली सड़क भी बंद पड़ी है। हालांकि, कुल्लू शहर में फिलहाल किसी बड़ी समस्या की सूचना नहीं है। एनएच-305 पर बंजार से बालीचौकी के बीच कुछ जगह पत्थर गिरने के कारण रास्ता रुक-रुक कर बाधित हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कुल्लू-मंडी सड़क मार्ग को भी जल्द ही बहाल कर दिया जाएगा
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के देहरा उपमंडल में ब्यास नदी उफान पर है। बीते 24 घंटों से लगातार भारी बारिश के चलते खड्ड और नाले भी पूरे उफान पर हैं, जिससे क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है। देहरा ब्यास पुल से भी नदी का पानी आर-पार बह रहा है। राहत की बात यह है कि प्राचीन महालेश्वर मंदिर में अभी पानी नहीं घुसा है, लेकिन लगातार बढ़ता जलस्तर इसके अस्तित्व पर खतरा बन गया है। इधर, बारिश के कारण डाडासीबा से मचकुंड मंदिर होते हुए नंगल घियोरी जाने वाली सड़क पर पानी और मलबा आने से मार्ग अवरुद्ध हो गया। स्थानीय लोगों और पीडब्ल्यूडी विभाग ने मिलकर गाड़ियों को निकालने और रास्ता खोलने का प्रयास किया। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम जारी है, लेकिन लगातार बारिश के चलते फिर से पानी आने का खतरा बना हुआ है।
मंडी ज़िले के करसोग, सराज, धर्मपुर और नाचन क्षेत्रों में बादल फटने और भारी बारिश से हुई तबाही अत्यंत पीड़ादायक है।कई गांवों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और जल शक्ति विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं को भी भारी क्षति पहुँची है।इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के दुःख को शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। प्रदेश सरकार राहत और पुनर्वास कार्यों में पूरी संवेदनशीलता के साथ युद्धस्तर पर जुटी है।ईश्वर से प्रार्थना है कि सभी सुरक्षित रहें और हालात शीघ्र सामान्य हों।
मंडी ज़िले के करसोग, सराज, धर्मपुर और नाचन क्षेत्रों में बादल फटने और भारी बारिश से हुई तबाही अत्यंत पीड़ादायक है।
कई गांवों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और जल शक्ति विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं को भी भारी क्षति पहुँची है।
इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के दुःख को शब्दों… pic.twitter.com/gOfE1GWp2O
— Mukesh Agnihotri (@Agnihotriinc) July 1, 2025

मंडी, 1 जुलाई 2025 (सुबह 11:30 बजे): जिला मंडी में भारी बारिश, बादल फटने और फ्लैश फ्लड के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जिला प्रशासन ने सोमवार को एक विस्तृत रिपोर्ट जारी करते हुए बताया कि अब तक जिलेभर में 4 लोगों की मौत, 16 लोगों के लापता होने और 99 लोगों के सुरक्षित रेस्क्यू की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा 10 मकान, 12 गौशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं और 26 मवेशियों की जान जा चुकी है।
सदर उपमंडल:
पैलेस कॉलोनी में जलभराव के चलते 11 लोगों को राहत शिविर (ब्यास सदन) में शिफ्ट किया गया।
टरना क्षेत्र से लोग सुरक्षित रूप से अपने रिश्तेदारों के घर चले गए हैं।
DIET मंडी में फंसी 29 छात्राओं को सुरक्षित निकालकर मंडी गुरुद्वारा स्थित राहत शिविर में भेजा गया।
सुंदरनगर उपमंडल:
इस क्षेत्र से किसी तरह के नुकसान की रिपोर्ट नहीं है।
गोहर उपमंडल:
सियांज गांव में बादल फटने से दो मकान पूरी तरह बह गए, जिनमें 9 लोग लापता हैं। NDRF टीम कांडा तक पहुंची, लेकिन भूस्खलन के कारण आगे नहीं जा सकी।
बाड़ा गांव में एक मकान गिरने से 6 लोग फंसे थे, जिनमें से 4 को सुरक्षित बचा लिया गया जबकि 2 के शव बरामद कर लिए गए।
वहीं, टिकरी प्रोजेक्ट से 20-25 लोगों को सुरक्षित निकालकर बाड़ा विश्राम गृह में ठहराया गया है।
बसी क्षेत्र में 2 लोग मलबे में फंसे थे, जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया।
तलवाड़ा गांव में एक ही परिवार के 3 सदस्य लापता हैं, जिनमें से एक बच्ची सुरक्षित है।
थुनाग उपमंडल:
यहां अब तक संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप है। SDRF की टीम मौके पर पहुंच गई है।
करसोग उपमंडल:
कुट्टी में नदी किनारे फंसे 7 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है।
पुराना बाजार में 4 लोग लापता हैं और एक शव बरामद हुआ है।
रिक्की क्षेत्र से 7 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
GDC करसोग से 12 छात्राओं और 4 महिलाओं को बचाया गया।
धर्मपुर उपमंडल:
त्रियाम्बला (सेरठी) गांव में 2 मकान और 5 गौशालाएं क्षतिग्रस्त हुईं, जबकि 26 मवेशियों (10 बकरी, 15 खच्चर और 1 गाय) की मौत हुई। जनहानि नहीं हुई है। भद्राणा गांव में 4 मकान और 3 गौशालाएं क्षतिग्रस्त हुईं, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई।
जोगिंदरनगर:
नेरी-कोटला के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया है।
पधर और बल्ह उपमंडल:
यहां से किसी नुकसान की सूचना नहीं है।
बल्लचौकी उपमंडल:
मंगलौर पुल की रिटेनिंग वॉल फ्लैश फ्लड में क्षतिग्रस्त हो गई है, मरम्मत का कार्य जारी है।
NH टनल नंबर 11 और 13 में फंसे यात्रियों को राहत टीमें भोजन और पानी मुहैया करवा रही हैं।
कोटली उपमंडल:
यहां 2 मकान और 4 गौशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं।
जिलेभर में अब तक का आंकड़ा:
मृतक: 4 व्यक्ति. लापता: 16 व्यक्ति, रेस्क्यू किए गए लोग: 99
नष्ट हुए मकान: 10
नष्ट हुई गौशालाएं: 12
मवेशियों की मौत: 26
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं और लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में राहत कार्य में जुटी हैं।
मंडी में 30 जून का का आंकड़ाः रेड अलर्ट के चलते मंडी जिला में हुई बारिश ने 4 करोड़ 22 लाख की संपत्ति को तबाह कर दिया। बीते 24 घंटों में हुई भारी बारिश से मंडी जिला की 198 सड़कें बंद पड़ी हैं जिनकी बहाली का कार्य जारी है। एडीसी मंडी गुरसिमर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर कई स्थानों पर भूस्खलन और पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आई थी जिस कारण आंशिक रूप से यातायात प्रभावित हुआ था लेकिन उसे तुरंत प्रभाव से बहाल कर दिया गया था। औट के पास ज्यादा लैंडस्लाइड होने के कारण वहां पर अभी भी वन-वे मूवमेंट ही बहाल हो पाई है। मंडी जिला में सभी छोटी-बड़ी सड़कों को मिलाकर 198 सड़कें यातायात के लिए प्रभावित हुई हैं जिनकी बहाली का कार्य जारी है। इसमें सबसे ज्यादा सड़कें धर्मपुर उपमंडल की हैं जिनकी संख्या 47 हैं। हर जगह मशीनरी तैनात कर दी गई है और बहाली का काम जारी है। जिला भर में 4 करोड़ 22 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है जिसमें से अकेले 3 करोड़ 80 लाख का नुकसान शामिल है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते सीएम सुक्खू ने प्रतिक्रिया दी है. सीएम ने कहा कि करसोग, धर्मपुर, मंडी सदर, नाचन और सराज क्षेत्रों में बारिश और बादल फटने की घटनाओं के कारण जान-माल के नुक़सान के समाचार अत्यंत पीड़ादायक तथा चिंताजनक हैं. इस दुःखद घड़ी में, मैं प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करने के साथ ही उन्हें आश्वस्त करता हूँ कि राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. सीएम ने कहा कि मैं ज़िला प्रशासन के निरन्तर संपर्क में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार समीक्षा कर रहा हूँ, ताकि ज़रूरतमंदों तक त्वरित और प्रभावी सहायता सुनिश्चित की जा सके. प्रदेशवासियों से मेरा विनम्र अनुरोध है कि प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करें.
मंडी में जारी भारी बरसात से हुए नुकसान पर प्रशासन ने जारी की रिपोर्ट
बीते 24 घंटों में भारी बारिश से जिला में एक व्यक्ति की मौत
18 अभी तक लापता, 39 को किया गया रेस्क्यू, राहत एवं बचाव कार्य जारी
करसोग में हुई है व्यक्ति की मौत, 4 लोगों की तलाश का कार्य है जारी
गोहर उपमंडल के स्यांज में 9 लोग लापता
सराज क्षेत्र के बाड़ा में 2 तो तलवाड़ा में 3 लोग लापता
बाड़ा में 4 तो तलवाडा में 1 बच्ची को किया गया रेस्क्यू
मंडी शहर के विभिन्न स्थानों से 11 लोगों को किया गया रेस्क्यू
डीसी मंडी अपूर्व देवगन बाडा और तलवाडा सहित क्षेत्र के दौरे पर
ले रहे हैं हालातों का जायजा, खुद जा रहे हैं मौके पर
राहत एवं बचाव कार्य में जुटी एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें.
हिमाचल में भारी बारिश से तबाही, 10 दिनों में मौत का आंकड़ा पहुंचा 44, बीते कल से शाम तक का है आंकड़ा
250 से ज्यादा सड़कें बंद, 600 से ज्यादा ट्रांसफार्मर और 100 से ज्यादा जलापूर्ति की योजनाएं प्रभावित, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से दी गई जानकारी. 30 जून शाम तक का आंकड़ा.
हिमाचल प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि ज़िला मंडी के करसोग और सराज में पिछली रात भारी नुक़सान हुआ है, हम विभाग के अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं।
हर तरह की सहायता और सहयोग प्रदान किया जाएगा.
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ में फंसे ब्लाह गांव (जिला हमीरपुर) के सभी ग्रामीणों को हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू किया गया. लगातार हो रही भारी बारिश के कारण ब्लाह गांव, जिला हमीरपुर में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए थे, जिससे कई स्थानीय निवासी फंस गए थे. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 4th IRBn जंगल बेरी की पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और एक त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. दुर्गम और जोखिमपूर्ण हालात के बावजूद पुलिस कर्मियों ने साहस और समर्पण के साथ सभी फंसे लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता पाई.
इंडिगो की तरफ से ट्रेवल एडवायजरीः धर्मशाला में आज भारी बारिश और कम दृश्यता के कारण उड़ानों के समय में बदलाव हो सकता है. हम आपसे अनुरोध करते हैं कि अपनी उड़ान की स्थिति की वास्तविक समय में जानकारी हमारी वेबसाइट या ऐप के माध्यम से जांचें। यदि आपकी उड़ान प्रभावित होती है, तो आप आसानी से हमारी वेबसाइट पर जाकर लचीले रीबुकिंग विकल्प चुन सकते हैं या रिफंड का दावा कर सकते हैं.