गुरुग्राम के आईएमटी मानेसर में वेतन वृद्धि और बेहतर सुविधाओं की मांग को लेकर 10 से अधिक कंपनियों के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच मात्र 11 हजार रुपये में गुजारा करना मुश्किल है इसलिए न्यूनतम वेतन लागू किया जाए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से वीडियो बनाने पर कर्मचारियों के साथ तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। फिलहाल प्रशासन और प्रबंधन के बीच बातचीत जारी है लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया है।
आईएमटी मानेसर औद्योगिक क्षेत्र में अब 10 से ज्यादा अन्य कंपनियों के कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। सेलरी बढ़ाने और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग को लेकर सैकड़ों कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी सड़कों पर उतर आए हैं। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल हैं, जो कंपनी गेट के बाहर धरने पर बैठी हैं।
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से शोषण का शिकार हैं। कई बड़ी कंपनियों के कर्मचारी भी इस आंदोलन में शामिल हो गए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से उनकी सैलरी में कोई वृद्धि नहीं की गई है जबकि महंगाई आसमान छू रही है।
श्रमिक नेताओं के अनुसार, 11 हजार रुपये में गुजारा करना अब संभव नहीं है। उनकी मांग है कि सरकार की ओर से घोषित संशोधित न्यूनतम वेतन को तुरंत लागू किया जाए। ओवरटाइम भुगतान, सुरक्षा उपकरण और नौकरियों को स्थायी करने की मांगें भी वर्षों से लंबित हैं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मानेसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदर्शन के दौरान उस समय तनाव बढ़ गया जब पुलिसकर्मियों ने आंदोलनकारी कर्मचारियों का वीडियो बनाना शुरू किया। वीडियो बनाने से नाराज कर्मचारियों ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की और मोबाइल छीनने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। कर्मचारियों को समझाया जा रहा है।
वेतन बढ़ोतरी को लेकर जारी इस खींचतान का सीधा असर औद्योगिक उत्पादन पर पड़ रहा है। कई कंपनियों के कर्मचारी मानेसर तहसील परिसर में भी धरने पर बैठे हैं। प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के बीच कई दौर की वार्ता हुई है लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया है। एसडीएम कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच बीच-बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं। कर्मचारियों के बढ़ते असंतोष ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यहां से पूरे उत्तर भारत का ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर प्रभावित होता है।
कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
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