India-Israel FTA : भारत-इजराइल के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर अगले दौर की बातचीत मई में, खुलेगी निवेश की राह – Dainik Tribune

India-Israel FTA : वाणिज्य मंत्रालय ने वीरवार को कहा कि भारत और इजराइल के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर अगले दौर की बातचीत मई में होगी। दोनों पक्षों ने यहां चार दिवसीय बातचीत का पहला चरण पूरा किया।
मंत्रालय ने कहा कि दोनों देश वस्तुओं-सेवाओं के व्यापार, स्वच्छता और पादप-स्वच्छता उपायों, व्यापार में तकनीकी बाधाओं, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं, बौद्धिक संपदा अधिकारों, डिजिटल व्यापार व अन्य महत्वपूर्ण अध्यायों सहित कई क्षेत्रों पर बातचीत कर रहे हैं। दोनों पक्ष इस दौरान डिजिटल माध्यम से बातचीत जारी रखने पर भी सहमत हुए।

आमने-सामने की वार्ता का अगला चरण मई, 2026 में इजराइल में होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इजराइल की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान, 25 फरवरी को यरुशलम में नेसेट (संसद) के विशेष पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए, दोनों देशों के बीच व्यापार की अपार संभावनाओं को साकार करने के लिए एक महत्वाकांक्षी एफटीए को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने का आह्वान किया। दोनों पक्षों ने मशीनरी, रसायन, वस्त्र, कृषि, चिकित्सा उपकरण और उन्नत प्रौद्योगिकी सहित प्रमुख क्षेत्रों में मौजूद अपार संभावनाओं को चिन्हित किया है।

पिछले वर्ष नवंबर में, दोनों देशों ने समझौते के लिए औपचारिक रूप से बातचीत शुरू करने को नियम एवं शर्तों (टीओआर) पर हस्ताक्षर किए। इस तरह के समझौतों में, दोनों पक्ष अपने बीच व्यापार वाली अधिकतम वस्तुओं पर आयात शुल्क में काफी कमी करते हैं या उसे समाप्त कर देते हैं। इसके अलावा, वे सेवाओं और निवेश में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नियमों में ढील देते हैं।
दूरदृष्टा, जनचेतना के अग्रदूत, वैचारिक स्वतंत्रता के पुरोधा एवं समाजसेवी सरदार दयालसिंह मजीठिया ने 2 फरवरी, 1881 को लाहौर (अब पाकिस्तान) से ‘द ट्रिब्यून’ का प्रकाशन शुरू किया। विभाजन के बाद लाहौर से शिमला व अंबाला होते हुए यह समाचार पत्र अब चंडीगढ़ से प्रकाशित हो रहा है।

‘द ट्रिब्यून’ के सहयोगी प्रकाशनों के रूप में 15 अगस्त, 1978 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दैनिक ट्रिब्यून व पंजाबी ट्रिब्यून की शुरुआत हुई। द ट्रिब्यून प्रकाशन समूह का संचालन एक ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।

हमें दूरदर्शी ट्रस्टियों डॉ. तुलसीदास (प्रेसीडेंट), न्यायमूर्ति डी. के. महाजन, लेफ्टिनेंट जनरल पी. एस. ज्ञानी, एच. आर. भाटिया, डॉ. एम. एस. रंधावा तथा तत्कालीन प्रधान संपादक प्रेम भाटिया का भावपूर्ण स्मरण करना जरूरी लगता है, जिनके प्रयासों से दैनिक ट्रिब्यून अस्तित्व में आया।

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