India-US Trade : भारत और अमेरिका के अधिकारियों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए तीन दिवसीय बैठक 23 फरवरी से अमेरिका में शुरू होगी। इस महीने की शुरुआत में भारत और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान जारी कर यह घोषणा की थी कि अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा तय कर ली गई है।
संयुक्त बयान में समझौते की मुख्य रूपरेखा तय की गई। अब इन बिंदुओं को एक औपचारिक कानूनी समझौते में बदला जाएगा, जिस पर दोनों पक्ष हस्ताक्षर करेंगे। इस पर मार्च में हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। अधिकारी ने बताया कि भारतीय और अमेरिकी दल सोमवार से अपनी तीन दिवसीय बैठक शुरू करेंगे। भारतीय दल का नेतृत्व वाणिज्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव एवं मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन करेंगे।
अंतरिम व्यापार समझौते के तहत, दोनों पक्ष आपस में व्यापार किए जाने वाले कई वस्तुओं पर शुल्क रियायतें देंगे। अमेरिका ने घोषणा की है कि वह भारतीय वस्तुओं पर जवाबी शुल्क 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। साथ ही, रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क को पहले ही समाप्त किया जा चुका है।
दूरदृष्टा, जनचेतना के अग्रदूत, वैचारिक स्वतंत्रता के पुरोधा एवं समाजसेवी सरदार दयालसिंह मजीठिया ने 2 फरवरी, 1881 को लाहौर (अब पाकिस्तान) से ‘द ट्रिब्यून’ का प्रकाशन शुरू किया। विभाजन के बाद लाहौर से शिमला व अंबाला होते हुए यह समाचार पत्र अब चंडीगढ़ से प्रकाशित हो रहा है।
‘द ट्रिब्यून’ के सहयोगी प्रकाशनों के रूप में 15 अगस्त, 1978 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दैनिक ट्रिब्यून व पंजाबी ट्रिब्यून की शुरुआत हुई। द ट्रिब्यून प्रकाशन समूह का संचालन एक ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।
हमें दूरदर्शी ट्रस्टियों डॉ. तुलसीदास (प्रेसीडेंट), न्यायमूर्ति डी. के. महाजन, लेफ्टिनेंट जनरल पी. एस. ज्ञानी, एच. आर. भाटिया, डॉ. एम. एस. रंधावा तथा तत्कालीन प्रधान संपादक प्रेम भाटिया का भावपूर्ण स्मरण करना जरूरी लगता है, जिनके प्रयासों से दैनिक ट्रिब्यून अस्तित्व में आया।