Israel-US Iran War Live: US का दावा- ईरान में मिसाइल प्लांट तबाह, क्या जंग से अमेरिका-इजरायल में पड़ेगी दरार? – ABP News

मिडिल ईस्ट में इजरायल-इरान युद्ध (Israel Iran War) दिन-ब-दिन भड़कता जा रहा है. आज इस जंग का 23 वां दिन है. ऑस्ट्रियाई हवाई युद्ध विश्लेषक और इतिहासकार टॉम कूपर ने अमेरिका और इजरायल के बीच किसी संभावित मतभेद की अटकलों को खारिज किया है. उनका कहना है कि इजरायल को भरोसा है कि उसे अमेरिका का बिना शर्त समर्थन मिलता रहेगा, इसलिए ‘रिफ्ट’ की बातें बेबुनियाद हैं.
कूपर ने बेंजामिन नेतन्याहू के पुराने इंटरव्यू का हवाला देते हुए कहा कि इजरायल का अमेरिकी राजनीति और जनता पर प्रभाव लंबे समय से चर्चा में रहा है, जिससे उसे किसी दबाव का डर नहीं है. ईरान के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इजरायल का आकलन गलत साबित हुआ है और वह ईरान की मिसाइल या परमाणु क्षमताओं को कमजोर करने में सफल नहीं रहा. इसी कारण इजरायल ने अमेरिका से अधिक सीधे हस्तक्षेप की मांग बढ़ाई है. 

युद्ध खत्म करने पर विचार कर रहा अमेरिका- ट्रंप
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिका मध्य पूर्व में अपने सैन्य अभियान को समाप्त करने पर विचार कर रहा है और वह अपने उद्देश्यों के करीब पहुंच चुका है. उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य लक्ष्य ईरान की मिसाइल क्षमता को पूरी तरह कमजोर करना और उसके रक्षा उद्योग ढांचे को नष्ट करना है.
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका ईरान की नौसेना और वायुसेना को खत्म करने के साथ-साथ उसे परमाणु क्षमता हासिल करने से हर हाल में रोकना चाहता है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों जैसे इजरायल, सऊदी अरब, कतर, यूएई, बहरीन और कुवैत की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा.
हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ट्रंप ने कहा कि इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उन देशों को उठानी चाहिए जो इसका उपयोग करते हैं, जबकि जरूरत पड़ने पर अमेरिका सहयोग करेगा. उन्होंने दावा किया कि ईरान के खतरे के खत्म होने के बाद यह एक आसान सैन्य ऑपरेशन होगा.
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) ने व्हाइट हाउस से साफ मैसेज दिया है, ‘मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिक नहीं भेजे जाएंगे.’ वहीं ईरान ने भी जोरदार चेतावनी दे दी है. इरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा, ‘अगर हमारी एनर्जी फैसिलिटी पर फिर हमला हुआ तो जीरो रेस्ट्रेंट रहेगा.’ मतलब कोई रोक-टोक नहीं, पूरा जोर लगाएंगे.
दरअसल ये चेतावनी इजरायल के उस हमले के बाद आई है जिसमें उन्होंने इरान के सबसे बड़े साउथ पार्स गैस फील्ड पर अटैक किया. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Israeli PM Benjamin Netanyahu) ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिम्मेदारी लेते हुए कहा, ‘ये हमला हमने अकेले किया, अमेरिका इसमें शामिल नहीं था.’ उन्होंने ये भी बताया कि ट्रंप ने उनसे कहा है कि अब आगे ऐसे हमले नहीं होना चाहिए. फिलहाल इजरायल रुक गया है.
ईरान ने बड़ा बदला लेने की दी चेतावनी
ईरान का कहना है कि साउथ पार्स पर हमले के जवाब में उन्होंने सिर्फ थोड़ी सी ताकत दिखाई, लेकिन अब अगर फिर एनर्जी साइट्स पर हाथ डाला गया तो पूरी ताकत झोंक देंगे. इरान ने पहले ही कतर के रास लाफान गैस प्लांट पर हमला कर दिया, जिससे कतर का LNG एक्सपोर्ट 17 प्रतिशत तक घट गया है. ये यूरोप और एशिया दोनों को प्रभावित कर रहा है. साथ ही इरान ने हाइफा में इजरायल के ऑयल रिफाइनरी (Oil Refinery Attack) पर भी हमला किया.
डोनाल्ड ट्रंप ने मिलिट्री ट्रूप्स भेजने से किया इनकार
ट्रंप की तरफ से व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में कोई ट्रूप्स नहीं भेज रहा. ऑप्शन्स ओपन हैं, लेकिन सैनिक नहीं. इस बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने अमेरिका के सबसे एडवांस्ड F-35 फाइटर जेट को नुकसान पहुंचा दिया. उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया, हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है.
तेहरान पर फिर हमले, खाड़ी देशों में हड़कंप
मिडिल ईस्ट की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने तेहरान पर ‘मैसिव वेव’ ऑफ हमले शुरू कर दिए हैं. इजरायली एयर फोर्स का कहना है कि टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट किया जा रहा है. तेहरान में कई जगहों पर धमाके हो रहे हैं, धुआं उठ रहा है. ईरान का एयर डिफेंस भी एक्टिव है. इधर खाड़ी देशों में भी तनाव चरम पर है.
कुवैत में मिसाइल और ड्रोन अटैक हो रहा है, उनकी आर्मी एयर डिफेंस से जवाब दे रही है. सऊदी अरब ने पूर्वी इलाके में 5 ड्रोन और उत्तरी अल-जॉफ में एक ड्रोन गिरा दिया. दुबई ने एयर इंटरसेप्शन सफल बताया, कोई घायल नहीं. UAE और बहरीन में भी अलर्ट जारी है, बहरीन में एक वेयरहाउस में आग लग गई.
होर्मुज स्ट्रेट ब्लॉक और दुनिया पर असर
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट ब्लॉक कर दिया है, जिससे तेल-गैस की सप्लाई रुक गई. ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और जापान मिलकर इसे खोलने का प्लान बना रहे हैं, लेकिन इसके लिए सीजफायर जरूरी है. चीन ने भी फर्टिलाइजर एक्सपोर्ट रोक दिया है, जिससे दुनिया भर में खाद की किल्लत बढ़ गई.
ईद-उल-फितर के दिन ईरान ने जेरूशलम में मिसाइल दागी, जोकि अल-अक्सा मस्जिद से कुछ ही मीटर की दूरी पर गिरी. अल-अक्सा मस्जिद दुनिया की दूसरी सबसे पवित्र मस्जिद मानी जाती है. 
बहरीन की सेना ने कहा कि युद्ध के दौरान उसके डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से दागी गई 143 मिसाइलों और 242 ड्रोनों को मार गिराया. 
Source: IOCL
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