Trending Photos
Jind News: जींद गांव की बहु-बेटियों में शिक्षा की अलख जगाने और उन्हें जीवन में आगे बढ़ाने के जिला जींद के गांव जुलानी की एक बुजर्ग महिला रामरति ने अनोखी पहल करते की शुरुआत की है. बुजर्ग महिला रामरति ने अपने पैतृक आवास को नए स्वरूप में बदलते हुए उसमें सभी तमाम आधुनीक सुविधाएं मुहैया करवाते हुए एक नई लाइबे्ररी बना दी और उसे गांव की बहु-बेटियों को समृपित कर दिया की. अब गांव की बहु-बेटियों को इसके लिए शहर में नहीं भटकना पड़ेगा और अपने घर के नजदीक ही वें अपनी शिक्षा एंव प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी बगैर किसी रूकावट के पढ़ सकेंगी. गांव की बहु-बेटियां उन्हें दादी रामरति के नाम से पुकारती हैं और ग्रामीण भी उनकी इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए इस लाइब्रेरी के नजदीक किसी को शोर-शराबा नहीं करने देते कि ताकि गांव की सभी बहु-बेटियां बेहतर माहौल में शिक्षा ग्रहण कर सकें.
दादी रामरति का कहना है कि बेटियों के लिए लाइब्रेरी बनाई है. यह सिर्फ बहु व बेटी के लिए है. लाईब्रेरी बनाने का कारण यह है कि अगर बच्चों को घर में पढ़ने का माहौल न मिले तो यहां आएं और पढ़ाई कर फिर अपने घर चले जाएं. उन्होंने कहा कि कई बार गांव में ऐसा होता है कि बेटियों को तो भेज देते हैं, लेकिन बहुओं को नहीं भेज पाते तो इस लाइब्रेरी में बहुएं भी आकर पढ़ाई कर सकेंगी और उन्हें घर से दूर भी जाना नहीं पड़ेगा.
उनका कहना है कि गांव में ही उन्हें शैक्षणिक माहौल मिलेगा. गांव में पहले बहु व बेटी बाहर जाने में झिझकती थी. अब लाइब्रेरी में आने से उनकी झिझक दूर होगी. इसी सोच को लेकर अपना पुराना मकान तोड़कर बिल्डिंग बनाई और यहां लाइब्रेरी बना दी. यहां लाइटिंग और सारी सुविधाएं बहु व बेटियों के लिए कर दी गई है. दादा खेडा के नाम से यह सौंप दी है. जल्द से जल्द बच्चे तैयारी कर अच्छी पोस्टों पर जाएं. बहु व बेटियां कामयाब होंगी तो उनका सपना साकार होगा. लड़की एक परिवार को नहीं दो परिवारों को सुधारती है. वो मायके व ससुराल को भी संभालती है. बस बेटियों के सपने को साकार करने में यह लाइब्रेरी अहम भूमिका निभाए.
यहां शिक्षा ग्रहण करने वाली बहु-बेटियों ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वो दादी रामरति को धन्यवाद करना चाहती हैं कि उन्होंने लाइब्रेरी के लिए अपनी जमीन दी और फिर लाइब्रेरी भी बनवाई. हम लड़कियों के भविष्य के बारे में सोचा. इस लाइब्रेरी में बहुत अच्छी सुविधाएं हैं.
उन्होंने कहा कि पहले पढ़ने के लिए जींद जाना पड़ता था. दादी रामरति ने जुलानी में ही लाइब्रेरी खुलवा दी है. यहां बेटियों को बहुत अच्छी सुविधा मिल रही है. 36 से 40 बेटियां पढ़ रही हैं और तैयारी कर रही हैं. उन्होने कहा कि बहुत अच्छी लाइब्रेरी है. यहां जुलानी में ही बहु व बेटियों को लाइब्रेरी की सुविधा मिल गई है. पहले उन्हें शहर की तरफ जाना पड़ता था. अब उन्हें गांव में ही लाइब्रेरी की सुविधा मिल रही है. इस लाइब्रेरी में वो बैठ कर कई तरह की तैयारियां कर रही हैं
दादी ने हमारे भविष्य को देखते हुए यह लाइब्रेरी खोली है. उन्हें हम जरूर कुछ बन कर दिखाएंगे. गांव वालों ने भी इस बारे में सोचा. यहां सब सुविधा उपलब्ध है. बहु-बेटियों की लाइब्रेरी है और यहां पूरा ख्याल रखा जाता है. यहां वाईफाई की भी सुविधा है.
ये भी पढ़ें: अनिल विज के साथ हुआ हादसा, दोनों पैर हुए फ्रैक्चर, जानें क्या है मामला
Input: गुलशन चावला
दिल्ली एनसीआर की नवीनतम अपडेट्स के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहाँ पढ़ें Delhi-NCR News in Hindi और पाएं Delhi-NCR latest News in Hindi हर पल की जानकारी । दिल्ली एनसीआर की हर ख़बर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार। जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!
Thank you
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts.