[LIVE] Mahashivratri 2026: आज महाशिवरात्रि पर मंगल-चंद्र ग्रह ने किया गोचर, इन 4 राशियों को होगा महालाभ – News24 Hindi

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Maha Shivratri 2026 Date, Time, Shubh Muhurat Live Updates: सनातन धर्म के लोगों के लिए महाशिवरात्रि के पर्व का महत्व होता है, जिसे शिव-शक्ति के मिलन के रूप में मनाया जाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर शिव जी और माता पार्वती का विवाह हुआ था. साथ ही भगवान शिव ने शिवलिंग के रूप में पहली बार भक्तों को दर्शन दिए थे. इसके अलावा भगवान शिव ने संपूर्ण सृष्टि की रक्षा के लिए विष पिया था, जिससे उनकी कंठ नीली हो गई थी. इसी वजह से शिव जी को नीलकंठ नाम से जाना जाता है.
ऐसे में इस पावन दिन शिव जी और माता पार्वती की पूजा की जाती है. इसी के साथ व्रत और शिवलिंग पर जल चढ़ाके महादेव को खुश करने का प्रयास किया जाता है. द्रिक पंचांग के मुताबिक, इस बार आज 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि का व्रत रखा जा रहा है.
महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर सूर्योदय से पहले जल चढ़ाना शुभ होता है. आज सुबह 7 बजे के आसपास सूर्योदय होगा, जिससे पहले शिवलिंग पर जल चढ़ा सकते हैं. यदि किसी कारण से इस समय शिवलिंग पर जल नहीं चढ़ा पाएंगे तो सुबह 11 बजे तक भी पूजा कर सकते हैं.
महाशिवरात्रि व्रत से जुड़े नियम, उपाय, मंत्र, चालीसा, कथा और अन्य लाइव अपडेट्स के लिए बने रहें News 24 के साथ…
Maha Shivratri 2026 Date, Time, Shubh Muhurat Live Updates: सनातन धर्म के लोगों के लिए महाशिवरात्रि के पर्व का महत्व होता है, जिसे शिव-शक्ति के मिलन के रूप में मनाया जाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर शिव जी और माता पार्वती का विवाह हुआ था. साथ ही भगवान शिव ने शिवलिंग के रूप में पहली बार भक्तों को दर्शन दिए थे. इसके अलावा भगवान शिव ने संपूर्ण सृष्टि की रक्षा के लिए विष पिया था, जिससे उनकी कंठ नीली हो गई थी. इसी वजह से शिव जी को नीलकंठ नाम से जाना जाता है.
ऐसे में इस पावन दिन शिव जी और माता पार्वती की पूजा की जाती है. इसी के साथ व्रत और शिवलिंग पर जल चढ़ाके महादेव को खुश करने का प्रयास किया जाता है. द्रिक पंचांग के मुताबिक, इस बार आज 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि का व्रत रखा जा रहा है.
महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर सूर्योदय से पहले जल चढ़ाना शुभ होता है. आज सुबह 7 बजे के आसपास सूर्योदय होगा, जिससे पहले शिवलिंग पर जल चढ़ा सकते हैं. यदि किसी कारण से इस समय शिवलिंग पर जल नहीं चढ़ा पाएंगे तो सुबह 11 बजे तक भी पूजा कर सकते हैं.
महाशिवरात्रि व्रत से जुड़े नियम, उपाय, मंत्र, चालीसा, कथा और अन्य लाइव अपडेट्स के लिए बने रहें News 24 के साथ…
आज महाशिवरात्रि के पावन दिन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक विधि-विधान से भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया.

#watch | Gorakhpur: Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath performs Rudrabhishek at Gorakhnath Temple on the occasion of Mahashivratri. pic.twitter.com/5pk4Zpddd4
द्रिक पंचांग के अनुसार, आज 15 फरवरी 2026 को मंगल ग्रह का सुबह 12 बजकर 45 मिनट पर धनिष्ठा नक्षत्र में और चंद्र ग्रह का सुबह 12 बजकर 41 मिनट पर मकर राशि में गोचर हुआ है, जिससे मेष राशि, कर्क राशि, कन्या राशि और मकर राशि वालों को लाभ होने की संभावना है.

इन 4 राशियों के राशिफल के बारे में विस्तार से जानने के लिए नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक करें.
Mahashivratri 2026 Rashifal: आज महाशिवरात्रि से शुरू हो गए हैं 4 राशियों के अच्छे दिन, मंगल-चंद्र ने किया गोचर

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ओम जय शिव ओंकारा॥
एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे।
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखत त्रिभुवन जन मोहे॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
अक्षमाला वनमाला मुण्डमालाधारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघंबर अंगे।
सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
कर के मध्य कमण्डल चक्र त्रिशूलधारी।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।
भांग धतूरे का भोजन, भस्मी में वासा॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।
शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी, मनवान्छित फल पावे॥
ओम जय शिव ओंकारा॥ स्वामी ओम जय शिव ओंकारा॥
|| दोहा ||
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।
कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान।।
|| चौपाई ||
जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला।।
भाल चन्द्रमा सोहत नीके। कानन कुण्डल नागफनी के।।
अंग गौर शिर गंग बहाये। मुण्डमाल तन क्षार लगाये।।
वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे। छवि को देखि नाग मुनि मोहे।।
मैना मातु की ह्वै दुलारी। बाम अंग सोहत छवि न्यारी।।
कर त्रिशूल सोहत छबि भारी। करत सदा शत्रुन क्षयकारी।।
नन्दि गणेश सोहैं तहं कैसे। सागर मध्य कमल हैं जैसे।।
कार्तिक श्याम और गणराऊ। या छवि को कहि जात न काऊ।।
देवन जबहीं जाय पुकारा। तबहीं प्रभु आपु निधारा।।
किया उपद्रव तारक भारी। देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी।।
तुरत षडानन आप पठायउ। लवनिमेष महं मारि गिरायउ।।
आप जलंधर असुर संहारा। सुयश तुम्हार विदित संसारा।।
त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई। सबहिं कृपा कर लीन बचाई।।
किया प्रहलाद सेन सहाई। इन्द्र त्राहि-त्राहि प्रभु आई।।
अकथ अनादि भेद नहिं पावै। वेद पुराण कहैं नहिं आवे।।
प्रकटी उदधि मंथन में ज्वाला। जरत सुरासुर भए विहाला।।
कीन्ही दया तहं करी सहाई। नीलकण्ठ तब नाम कहाई।।
पूजन रामचन्द्र जब कीन्हा। जीत के लंक विभीषण दीन्हा।।
सहस कमल में हो रहे धारी। कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी।।
एक कमल प्रभु राखेउ जोई। कमल नयन पूजन चहं सोई।।
कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर। भए प्रसन्न दिए इच्छित वर।।
जय जय जय अनन्त अविनाशी। करत कृपा सब के घटवासी।।
दुष्ट सकल नित मोहि सतावै। भ्रमत रहौं मोहि चैन न आवै।।
त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो। येहि अवसर मोहि आन उबारो।।
यदि आप जानना चाहते हैं कि शिव चालीसा क्या होता है तो उसके लिए नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक करें.
Shiv Chalisa | शिव चालीसा: जय गिरिजा पति दीन दयाला… Shiv Chalisa Lyrics in Hindi
महाशिवरात्रि के व्रत में अनाज और तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए. साथ ही चाय, कॉफी और शराब पीने से बचें.
आज महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर अहमदाबाद के मिनी सोमनाथ मंदिर में शिवलिंग की पूजा करने के बाद भव्य आरती हुई.

#watch | Gujarat | Aarti is being performed at the Mini Somnath Temple in Ahmedabad on the occasion of #mahashivratri2026 pic.twitter.com/o7dQ1Un4X3
महाशिवरात्रि (mahashivratri ke vrat me kya khaye) के दिन सात्विक भोजन के दौरान सूखे मेवे, साबूदाने की खीर, सिंघाड़े के आटे की पूरी, सिंघाड़े के आटे का हलवा, समा के चावल, शकरकंद, लौकी का हलवा, लौकी की सब्जी, साबूदाने की खिचड़ी, कुट्टू के आटे की पूरी, कुट्टू के आटे का चीला, कद्दू की सब्जी, दही, आलू, मखाने की खीर, देसी घी, गुड़, घर के मसाले, सेंधा नमक, पानी, नींबू पानी और दूध आदि का सेवन किया जा सकता है.
महाशिवरात्रि के दिन व्रत में सेब, केला, अनार, अंगूर, संतरा, पपीता, तरबूज, खरबूजा, अमरूद, नाशपाती, आम, चीकू, बेर, कीवी, नारियल, अनानास, सीताफल और जामुन जैसे ताजे फल खाए जा सकते हैं.

यदि आप जानना चाहते हैं कि महाशिवरात्रि के व्रत में और कौन-कौन से फल खा सकते हैं तो उसके लिए नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक करें.
Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि के व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं? जानें सुबह से लेकर रात की पूजा तक के नियम

(Image Credit- News24 Graphics)
यदि आप महादेव की कृपा से परिपूर्ण मैसेज, कोट्स और फोटोज के बारे में और जानना चाहते हैं तो उसके लिए नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक करें.
[LIVE] Happy Mahashivratri 2026 Wishes: शिव-शक्ति के पावन मिलन महाशिवरात्रि की अनंत शुभकामनाएं भेजिए इन भक्तिमय संदेशों के साथ
महाशिवरात्रि के व्रत का पारण कल 16 फरवरी 2026 को सुबह 06 बजकर 59 मिनट से दोपहर 03 बजकर 24 मिनट के बीच करना शुभ रहेगा.
नई दिल्ली के कनॉट प्लेस क्षेत्र में बाबा विश्वेश्वर नाथ महादेव मंदिर स्थित है, जिसे प्राचीन और प्रसिद्ध शिव मंदिर माना जाता है. आज महाशिवरात्रि के मौके पर शिव-पार्वती की पूजा और शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए सुबह से ही मंदिर में भक्तजन पहुंच रहे हैं.
(Image Credit- ANI)
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है.News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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