Prayagraj Mahakumbh Mela Stampede News LIVE: महाकुंभ मेले में बुधवार तड़के संगम नोज पर मची भगदड़ की वजह से अब तक तीस लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। हादसे पर बुधवार शाम मीडिया से बात करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि उपचार के बाद बहुत सारे लोग अपने परिजनों के साथ घर जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि बहुत ज्यादा प्रेशर प्रयागराज में होने के कारण मार्ग चोक थे। प्रशासन उन्हें खुलवाने में लगा रहा।
सीएम योगी ने बताया कि सरकार ने घटना के न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जस्टिस हर्ष कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय न्यायिक जांच कमेटी इस मामले को देखेगी। कमेटी में जस्टिस हर्ष कुमार के अलावा पूर्व डीजी वीके गुप्ता और रिटायर्ड IAS वीके सिंह को शामिल किया गया है। सीएम योगी ने कहा कि पुलिस भी इस हादसे की जांच करेगी। सीएम योगी की तरफ से पीड़ित परिवारों को 25 लाख रुपये की मदद का ऐलान किया गया है।
इससे पहले महाकुंभ मेले के DIG वैभव कृष्ण ने बताया कि महाकुंभ में रात 1 से 2 बजे के बीच हुई भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। इनमें से 25 की पहचान की जा चुकी है। डीआइजी महाकुंभ वैभव कृष्ण ने बताया कि हादसे के बाद 90 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रयागराज महाकुंभ में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद आयोजन स्थल पर व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए कुंभ 2019 के समय प्रयागराज में तैनात रहे दो वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों समेत पांच विशेष सचिव स्तर तथा पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को तैनात किया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बुधवार देर शाम की गई बैठक में इस संबंध में निर्देश दिया गया जिसके अनुपालन में कुंभ 2019 के समय प्रयागराज में बतौर मंडलायुक्त सेवा दे चुके आशीष गोयल और इलाहाबाद विकास प्राधिकरण (एडीए) के उपाध्यक्ष रहे भानु गोस्वामी की तैनाती की जा रही है। उन्होंने बताया कि विशेष सचिव स्तर के पांच-पांच अधिकारियों को भी भेजा जा रहा है जो 12 फरवरी तक प्रयागराज में उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में सहयोग देंगे। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त, पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को भी तैनात किया जाएगा।
महाकुंभ मेले में कैसे मची भगदड़? – डीआइजी कुंभ मेला वैभव कृष्ण ने बताया कि मौनी अमावस्या स्नान के समय ब्रह्म मुहूर्त से पहले रात 1 से 2 बजे के बीच अखाड़े के रास्ते पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिसकी वजह से दूसरी तरफ के बैरिकेड टूट गए। इस तरफ की भीड़ दूसरी तरफ चली गई और ब्रह्म मुहूर्त का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं को कुचलने लगी… प्रशासन ने तुरंत बचाव अभियान चलाया और एंबुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया और 90 घायलों को अस्पताल पहुंचाया। दुर्भाग्य से, उनमें से 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि इनमें से 25 की पहचान हो चुकी है, जबकि पांच की पहचान होनी बाकी है। इनमें से कुछ दूसरे राज्यों से भी हैं… चार कर्नाटक से, एक असम से, एक गुजरात से… कुछ घायल श्रद्धालुओं को उनके रिश्तेदार ले गए हैं। 36 घायलों का स्थानीय मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 1920 जारी किया है। यहां पढ़िए विस्तृत खबर
PM Modi on Maha Kumbh Stampede । Rahul Gandhi on Maha Kumbh Stampede
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डीजीपी प्रशांत कुमार, मुख्य सचिव मनोज कुमार, मेला अधिकारी विजय किरण आनंद और डीआईजी वैभव कृष्ण ने संगम पर महाकुंभ भगदड़ स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और सुरक्षा उपायों की समीक्षा की।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, महाकुंभ में मची भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों को सही मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं दिए जा रहे हैं। परिजनों ने अधिकारियों पर भारी कुप्रबंधन का आरोप लगाया है।
इंडिगो ने प्रयागराज के लिए अपनी उड़ानों की संख्या में बढ़ोतरी की है और महाकुंभ के मद्देनजर बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सीटिंग क्षमता भी बढ़ा दी है।
डीआईजी महाकुंभ, वैभव कृष्ण ने कहा कि हम वसंत पंचमी पर होने वाले अमृत स्नान और तीर्थयात्रियों की आवाजाही के लिए व्यवस्था कर रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, ड्यूटी बढ़ाई जा रही है। हमने सभी पुलों को फिर से खोल दिया है क्योंकि भीड़ कम हो गई है। वसंत पंचमी से पहले, हम अपने जोनल प्लान के अनुसार काम करेंगे। जिस तरह 29 जनवरी को किसी भी वीआईपी मूवमेंट की अनुमति नहीं थी, उसी तरह 3 फरवरी को भी किसी वीआईपी मूवमेंट की अनुमति नहीं दी जाएगी। हमारे कर्मचारी भीड़ प्रबंधन के लिए तैयार हैं।
प्रयागराज से कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने शहर के एक अस्पताल में महाकुंभ भगदड़ में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों के अथक प्रयासों की प्रशंसा की और मरीजों की निरंतर देखभाल पर संतोष व्यक्त किया।
डीआईजी महाकुंभ वैभव कृष्ण ने कहा कि वे वसंत पंचमी पर ‘अमृत स्नान’ के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर रहे हैं।
डीजीपी प्रशांत कुमार और मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह प्रयागराज पहुंचे, जहां वे मौनी अमावस्या (29 जनवरी) के अवसर पर हुई भगदड़ का निरीक्षण करेंगे, जिसमें 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी।
महाकुंभ भगदड़ पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी और सरकार द्वारा किए गए इंतजाम प्रचार के अनुरूप नहीं थे। मृतकों और लापता लोगों की सूची जारी की जानी चाहिए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि सरकार लोगों को आमंत्रित कर रही थी। सरकार को ऐसा नहीं करना चाहिए। यह एक अभूतपूर्व कदम था। श्रद्धालु खुद महाकुंभ में आते हैं। जिन लोगों को आमंत्रित किया गया था, वे इस तरह की दुर्घटना का शिकार नहीं हुए। जिन लोगों को आमंत्रित नहीं किया गया था और जो पूरी आस्था के साथ आए थे, वे पीड़ित थे। बीजेपी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती। यूपी सरकार दोनों जिम्मेदार हैं। मैं पीड़ितों से मिलने नहीं जाऊंगा क्योंकि अगर मैं जाऊंगा तो भाजपा मुझ पर मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाएगी।”
एएनआई से बात करते हुए प्रयागराज में कुंभ मेले में भगदड़ में मारे गए गोंडा के ननकन कोरी के भतीजे ने उन घटनाओं को याद किया जिनके कारण यह त्रासदी हुई।
सर्वदलीय बैठक में भाग लेने के बाद कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि उन्होंने महाकुंभ में कुप्रबंधन का मुद्दा उठाया। कांग्रेस ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय जनता पार्टी अपने संवैधानिक मूल्यों की हत्या कर रही है और कहा कि इंडिया ब्लॉक इस मुद्दे को उठाता रहेगा।
एएसपी अनिल सोनकर ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि प्रयागराज जाने वाले तीर्थयात्रियों के वाहनों को आगे की अराजकता से बचने के लिए मौनी अमावस्या पर चाकघाट में मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सीमा पर रोक दिया गया था।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने महाकुंभ भगदड़ की जांच की मांग की है। वहीं समाजवादी पार्टी के कई नेता भी सवाल खड़े किए गए हैं।
ड्रोन से त्रिवेणी संगम की तरफ जा रहे श्रद्धालुओं पर पैनी नजर रखी जा रही है, तीर्थयात्रियों का लगातार आना जारी है। अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ में काम कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेले में भगदड़ में मारे गए चार श्रद्धालुओं के शव गुरुवार शाम को दिल्ली से बेलगावी लाए जाएंगे। मरने वाले लोगों में ज्योति दीपक हटरवाथ (44), उनकी बेटी मेघा दीपक हटरवाथ (24), अरुण खोपर्डे (61) और महादेवी हेमंत भवनूर (48) शामिल हैं।
झारखंड के एक परिवार ने बुधवार को दावा किया कि प्रयागराज में चल रहे कुंभ मेले में उनका खोया हुआ सदस्य मिल गया है, जिससे 27 वर्षों की तलाश खत्म हो गई।
महाकुंभ के लिए प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की संख्या में भारतीय रेलवे में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है। उच्च मांग को पूरा करने के लिए रेलवे नेटवर्क ने अपनी सेवाओं में बढ़ोतरी की है।
महाकुंभ में भगदड़ में 30 लोगों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पिछले 48 घंटों से लगातार इस पर नजर रखे हुए हैं। मुख्यमंत्री लगातार वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में रहे और अपडेट लेते रहे।
प्रयागराज में बुधवार सुबह महाकुंभ भगदड़ में जान गंवाने वाली मां और बेटी के घर पर परिवार के सदस्य यूपी के बलिया में इकट्ठा हुए हैं। इस दुखद घटना में मां और बेटी सहित उनके जिले के चार लोग मारे गए। कुल 30 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।
महाकुंभ भगदड़ के मद्देनजर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुख्य सचिव और रीवा संभाग के आयुक्त से बात की। उन्होंने उत्तर प्रदेश से लगते राज्य के बॉर्डर पर महाकुंभ के श्रद्धालुओं के लिए सही व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
एएनआई से बात करते हुए श्रद्धालुओं में से एक प्रमोद तंवर ने कहा, “हमने आज पवित्र स्नान किया। हम कल यहां आए थे, लेकिन यहां बहुत भीड़ थी। अब भीड़ बढ़ने लगी है। योगी जी और मोदी जी द्वारा किए गए इंतजाम बहुत अच्छे हैं। सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा है।”
आज सुबह 8 बजे तक 55 लाख से ज़्यादा लोगों ने लगाई डुबकी। यूपी सरकार के मुताबिक 29 जनवरी तक 27 करोड़ से ज़्यादा लोग पवित्र डुबकी लगा चुके हैं।
दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागम के रूप में प्रचारित महाकुंभ मेला 2025 13 जनवरी को शुरू हुआ और तब से यह भारत में सोशल मीडिया पर सबसे चर्चित आयोजनों में से एक बन गया है।
त्रिवेणी के घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगा रहे हैं। आज सुबह 8 बजे तक 55 लाख से ज़्यादा लोगों ने पवित्र डुबकी लगाई है; यूपी सरकार के मुताबिक 29 जनवरी तक 27 करोड़ से ज़्यादा लोगों ने पवित्र डुबकी लगाई है।
वकील विशाल तिवारी ने महाकुंभ भगदड़ को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की है जिसमें 30 लोग मारे गए थे।
जनहित याचिका में राज्य सरकारों के लिए निर्देश, नीतियां और नियमन की मांग की गई है ताकि ऐसी भगदड़ें रोकी जा सकें।
महाकुंभ में मची भगदड़ में मरने वाले 30 लोगों में एक मां और बेटी भी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश के बलिया में भगदड़ में चार लोगों की मौत हो गई। एएनआई से बात करते हुए मृतक के एक रिश्तेदार ने कहा, “मेरे बड़े भाई, उनकी पत्नी, उनकी बेटी और मेरी मां प्रयागराज गए थे। भगदड़ के दौरान मेरी भतीजी और भाई की पत्नी की मौत हो गई। मेरे भाई ने सुबह फोन करके बताया।”
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने महाकुंभ भगदड़ पर बोलते हुए कहा कि वह भगवान से प्रार्थना करेंगे कि भगदड़ में मारे गए श्रद्धालुओं की आत्मा को शांति मिले। यादव ने कहा, “मैं उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। (महाकुंभ में) व्यवस्थाओं में जो भी कमी है, उसे दूर किया जाना चाहिए।”
महाकुंभ में हुई भगदड़ पर बोलते हुए सपा नेता एसटी हसन ने कहा कि जो कुछ हुआ वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है, हालांकि इस पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि “उन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए जिनकी लापरवाही के कारण यह घटना हुई।” हसन ने कहा, “जब उन्हें पता था कि आज वहां भारी भीड़ होगी, तो उचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई? व्यवस्थाओं में कुछ कमी थी और इसी वजह से यह हुआ। हमने दुनिया के सामने खराब प्रतिष्ठा अर्जित की। इसे माफ नहीं किया जा सकता।”
महाकुंभ में मची भगदड़ पर मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने कहा, “कल मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम स्नान के दौरान एक दुखद घटना घटी। बहुत से लोगों की जान चली गई। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। मुझे जानकारी मिली है कि मृतकों में 3 लोग मध्य प्रदेश के थे। मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि आप जहां भी हैं, सुरक्षित रहें।
महाकुंभ नो व्हीकल क्षेत्र रहेगा, जबकि सभी ‘वीवीआईपी’ पास 4 फरवरी तक रद्द कर दिए गए हैं। यह फैसला मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ के मद्देनजर लिया गया है जिसमें बुधवार को 30 लोगों की मौत हो गई थी और 60 लोग घायल हो गए थे।
सरकारी बयान के अनुसार, संचालन की देखरेख के लिए पांच विशेष सचिव स्तर के अधिकारियों को नियुक्त किया जा रहा है।