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नोएडा में 80 से ज्यादा जगह उपद्रव, 7 FIR और कई हिरासत में
नोएडा मजदूर विवाद पर आज फैसला संभव, हाई-लेवल कमेटी समाधान के करीब
अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरा
Noida Protest Today: योगी सरकार ने बनाई हाई-लेवल कमेटी
Workers Protest in Noida: नोएडा हिंसा पर मदरसन ग्रुप का बयान – गलत जानकारी से भड़का मामला
वायरल वीडियो पर पुलिस का बड़ा खंडन – फर्जी दावों की पोल खुली
नोएडा हिंसक प्रदर्शन पर अखिलेश का हमला – बोले, अन्याय चरम पर
हिंसा भड़काने वाले लोगों की पहचान कर रही पुलिस
Noida Labour Protest: पुलिस ने बढ़ाई सतर्कता, DGP राजीव कृष्णा कर रहे हैं हालातों की निगरानी
Noida Workers Protest: नोएडा प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में हाई अलर्ट
Noida-Faridabad Protest: हमने धरना दिया तो हमारे साथ मार-पीट की गई, प्रदर्शनकारी महिला का आरोप
Noida Protest Today: नोएडा में कर्मचारियों ने कंपनी संपत्ति में की तोड़फोड़
Noida Workers Protest: नोएडा सेक्टर 59-60 और 62 में फैक्ट्रियों का काम ठप, प्रदर्शकारियों ने तोड़े कई वाहन
Noida Protest Today: कई कारखानों में घुसे प्रदनकारी
प्रशासन का प्रस्ताव ठुकराया, गाड़ियों में लगाई आग…जानें नोएडा में 3 दिन से क्यों सड़कों पर उतरे हैं कर्मचारी
’15 हजार देते हैं, 25 बताते हैं और 250 बढ़ाते हैं…’, कर्मचारियों ने खोली नोएडा में कंपनियों की पोल
Noida-Faridabad Protest: गुरुग्राम के मानेसर में भी कर्मचारियों ने किया था प्रदर्शन
नोएडा पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी
Noida Workers Protest: लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े कर्मचारी
Noida Traffic: कर्मचारियों के प्रदर्शन के चलते नोएडा में कई जगह ट्रैफिक जाम, इन रूट्स पर जाने से बचें
फरीदाबाद में कर्मचारियों ने शुरू किया प्रदर्शन
सैलरी-इंक्रीमेंट को लेकर नोएडा में कर्मचारियों का प्रदर्शन तीसरे दिन हुआ उग्र, गाड़ियों में की तोड़फोड़-आगजनी
Noida Labour Protest Live Updates: NCR के दो बड़े औद्योगिक शहरों- नोएडा और फरीदाबाद में श्रमिकों का आंदोलन उग्र हो गया है. सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए हैं. नोएडा में प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया तो वहीं फरीदाबाद में भी कर्मचारियों ने सेक्टर 37 काम बंद कर दिया और कंपनियों के बाद प्रदर्शन शुरू कर दिया है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फरीदाबाद के सेक्टर 37 और फेज 2 इलाके में आज सुबह से ही तनाव बना हुआ है. वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज होने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. कर्मचारियों में कंपनी प्रबंधन के खिलाफ भारी गुस्सा है, जिसके चलते मदरसन के अलावा कई अन्य कंपनियों के मजदूर भी काम छोड़कर सड़कों पर उतर आए हैं. पुलिस फिलहाल कर्मचारियों को शांत करवाने और बातचीत का रास्ता निकालने में जुटी हुई है.
उधर, नोएडा के फेज 2 और सेक्टर 84 में श्रमिकों का आंदोलन सोमवार को बेकाबू हो गया. पिछले तीन दिनों से शांतिपूर्ण धरना दे रहे मजदूरों ने मांगों पर सुनवाई न होने पर गाड़ियों में आग लगा दी. हालांकि, बीते दिन जिला प्रशासन, पुलिस और प्राधिकरण के अधिकारियों ने बैठक कर आश्वासन दिया था, लेकिन कर्मचारी इससे संतुष्ट नहीं हैं. सेक्टर एक में हिंसा की सूचना मिलने के बाद भारी संख्या में फोर्स तैनात की गई है.
नोएडा-फरीदाबाद में जारी उग्र प्रदर्शन की लाइव अपडेट्स के लिए पेज पर बने रहें…
नोएडा में मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 7 FIR दर्ज कर कई लोगों को हिरासत में लिया और हालात को नियंत्रण में बताया. पुलिस के मुताबिक, सोमवार को करीब 40 से 45 हजार मजदूर अलग-अलग इलाकों में सड़कों पर उतर आए. देखते ही देखते यह भीड़ नोएडा के करीब 80 से ज्यादा स्थानों पर फैल गई और कई जगह उपद्रव की घटनाएं सामने आईं.
इनपुट: अरविंद ओझा
नोएडा में कंपनी और मजदूरों के बीच चल रहे विवाद को लेकर बनाई गई हाई-लेवल कमेटी आज रात तक कोई समाधान निकाल सकती है. जानकारी के मुताबिक, कमेटी सभी पक्षों से लगातार बातचीत कर रही है. इसमें मजदूर, कंपनी और अधिकारी शामिल हैं, ताकि हर किसी की बात सुनी जा सके और कोई बीच का रास्ता निकले. इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की नजर बनी हुई है. यानी सरकार इस मामले को गंभीरता से देख रही है और हर अपडेट पर ध्यान दिया जा रहा है.
इनपुट: कुमार अभिषेक
नोएडा में कर्मचारियों के प्रदर्शन को लेकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने योगी सरकार पर हमला किया है. उन्होंने एक्स पर लिखा कि आप मजदूरों के ज़ख़्मों पर मलहम नहीं लगा सकते तो न लगाएं लेकिन उन ज़ख़्मों पर नमक तो न छिड़कें.
अगर माननीय मुख्यमंत्री जी नोएडा के मज़दूरों के आंदोलन को किसी की साज़िश बता रहे हैं तो एक सवाल जनता आपसे पूछ रही है कि अगर ये सच है तो आपकी ख़ुफ़िया पुलिस क्या आपके साथ बंगाल प्रचार करने गयी थी या वनस्पति की खोजबीन में लीन थी या उसके प्रभाव में। मज़दूरों के आंदोलन को नक्सलवाद के…
लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद श्रमिकों के हित में बड़ा कदम उठाया गया है. सरकार ने नोएडा समेत अन्य जगहों पर चल रहे औद्योगिक विवादों को सुलझाने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है. इस कमेटी का मकसद है – मजदूरों और कंपनियों के बीच चल रहे विवाद को खत्म करना और दोनों पक्षों के बीच बातचीत से समाधान निकालना.
नोएडा में हुई हिंसा पर कंपनी मदरसन ग्रुप ने अपना बयान जारी किया है. कंपनी का कहना है कि यह मामला सिर्फ उनकी कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा लेबर इश्यू है, जो नोएडा और कुछ अन्य शहरों की कई इंडस्ट्रीज को प्रभावित कर रहा है. कंपनी के मुताबिक, मजदूरी बढ़ाने को लेकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है, जिसकी वजह से यह स्थिति बनी है.
मदरसन ग्रुप ने यह भी कहा कि उनकी कंपनी सभी नियमों और कानूनों का पूरी तरह पालन कर रही है और इस घटना का कंपनी के कामकाज पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है.
इनपुट: चेतन भूटानी
नोएडा में कर्मचारियों के प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर कई अकाउंट्स द्वारा वीडियो शेयर किए जा रहे हैं. इनमें से कुछ वीडियो सही हैं, जबकि कुछ पुराने वीडियो को नए दावों के साथ साझा किया जा रहा है. इन भ्रामक दावों को लेकर पुलिस की ओर से खंडन जारी किया गया है.
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने नोएडा में कर्मचारियों के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुआ कहा है कि नोएडा में जो हुआ, वह दिखाता है कि मजदूर अपने हक के लिए बड़े स्तर पर लड़ रहे हैं. उनका कहना है कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब दूसरे राज्यों में मजदूरों की सैलरी बढ़ाई गई है, तो उत्तर प्रदेश में सरकार ने ऐसा क्यों नहीं किया. यानी उनके मुताबिक यहां के मजदूरों को राहत नहीं दी जा रही.
#WATCH Amethi, Uttar Pradesh: On violent protest by employees of a company in Noida Phase 2, Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav says, “Injustice has reached its peak under the BJP government. All kinds of injustice are happening. Injustice is happening economically. Injustice… pic.twitter.com/fyTCdSyUWR
नोएडा में हुई हिंसा पर डीजीपी राजीव कृष्ण का बयान आया है. उन्होंने कहा कि भड़काने वाले तत्वों को चिन्हित किया जा रहा है.
बाहरी तत्वों को भी चिन्हित किया जा रहा है. सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. बताया गया कि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
नोएडा में प्राइवेट कंपनियों को कर्मचारियों के उग्र प्रदर्शन को लेकर अब पुलिस विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है. इसी क्रम में यूपी के डीजीपी राजीव कृष्णा और एडीजी लॉ अमिताभ यश कंट्रोल रूम में मौजूद है और स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं.
नोएडा में प्रदर्शन हिंसक होने के बाद दिल्ली पुलिस ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है. सोमवार को अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी शहर नोएडा में फैक्ट्री श्रमिकों के प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद दिल्ली पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जिसके चलते राष्ट्रीय राजधानी में एंट्री के प्रमुख रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
उन्होंने बताया कि विभिन्न औद्योगिक यूनिटों के बड़ी संख्या में कर्मचारी वेतन वृद्धि की अपनी लंबे वक्त से लंबित मांग को लेकर इकट्ठा हुए और प्रदर्शन के दौरान नारे लगाए. हालांकि, प्रदर्शन हिंसक हो गया और नोएडा के फेज-2 और सेक्टर 60 इलाकों से आगजनी, तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आईं है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, अशांति को फैलने से रोकने के लिए नोएडा को दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से जोड़ने वाली सभी मोटर योग्य सड़कों पर, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के साथ प्रमुख सीमा बिंदुओं पर, कई टीमें तैनात की गई हैं.
STORY | Delhi Police on high alert after Noida protest turns violent
Delhi Police has been put on high alert after a protest by factory workers in neighbouring Noida turned violent, prompting authorities to tighten security along key entry points into the national capital,… pic.twitter.com/qARxWgOFVB
नोएडा में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने से एक लक्ष्मी ने बताया कि मैं मदरसन में काम करती हूं. वो हमें कम वेतन दे रहे हैं. हमें ज्यादा वेतन चाहिए. जब हमने धरना दिया तो उन्होंने बिना किसी गलती के हमारी पिटाई की. सिलेंडर, सब्ज़ियां और सब कुछ महंगा है… आज जब हमने विरोध प्रदर्शन किया तो हमारी पिटाई हुई. मेरे पैरों में चोट लगी. मेरी मांग है कि हमें 20,000 रुपये वेतन दिया जाए. तभी हम अपना गुज़ारा कर पाएंगे, वरना विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.
#WATCH | Laxmi, one of the protesters, says, “I work at Motherson. They are paying us less salary. We want more. When we staged a sit-in protest, they beat us up with no fault of ours. Cylinders, vegetables and everything are expensive…We were beaten up when we protested today.… https://t.co/Vrlihfk4bT pic.twitter.com/Bv4h86o0cp
सैलरी बढ़ोतरी की मांग को लेकर नोएडा के फेज-2 में एक कंपनी के बाहर कर्मचारियों के प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया. गुस्साएं प्रदर्शनकारियों ने कंपनी के बाहर खड़े कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया और कंपनी की संपत्तियों ने तोड़फोड़ की. स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.
#WATCH | Uttar Pradesh: Vehicles and properties vandalised and stones pelted in Phase 2 of Noida where a large number of employees of a company gathered in protest over their demands for a salary increment. Heavy Police deployment made here to bring the situation under control.… pic.twitter.com/1B0axJZSBN
Noida Workers Protest: सैलरी बढ़ोतरी की मांग को लेकर नोएडा के अलग-अलग इलाके में प्रदर्शन के चलते सेक्टर 59-60 और 62 स्थित फैक्ट्रियों में काम पूरी तरह ठप हो गया है. प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने पत्थरबाजी कर कई गाड़ियों को शीशे तोड़ दिए हैं और दो बाइक को आग के हवाले कर दिया. वहीं, प्रशासन ने स्थिति पर काबू पाने के लिए प्रभावित इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल समेत PAC और RAF को तैनात कर दिया है.
Noida Protest Today: ताजा जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों का सेक्टर 62 में प्रदर्शन उग्र हो गया है. बताया जा रहा है कि कर्मचारियों ने जबरदस्ती कारखानों के अंदर घुसकर कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों को घेर लिया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कंपनी मालिक भीड़ को शांत करने में जुटे हैं. वहीं, मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने बाइक और कारों को आग के हवाले कर दिया है.
उत्तर प्रदेश के नोएडा में सैलरी बढ़ाने और कामकाजी परिस्थितियों में सुधार को लेकर प्राइवेट कंपनी के कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है. सोमवार सुबह पिछले तीन दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे इस प्रदर्शनकारियों का गुस्सा फूट पड़ा, जिसके चलते सेक्टर-60 और 62 के आसपास सड़कों पर जाम लग गया. ट्रैफिक जाम होने से दफ्तर जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यहां पढ़ें पूरी खबर…
नोएडा में पिछले तीन दिनों से सुलग रहा प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों का असंतोष सोमवार को अचानक भड़क उठा. कल तक जो प्रदर्शन नारेबाजी और शांतिपूर्ण विरोध तक सीमित था, सोमवार को उग्र रूप ले बैठा. सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतर आए, कई जगहों पर जाम लगा दिया, और कुछ स्थानों पर गाड़ियों में तोड़फोड़ व आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं. हालात बिगड़ते देख पुलिस को तुरंत मोर्चा संभालना पड़ा और कई रूटों पर यातायात डायवर्ट करना पड़ा. यहां पढ़ें पूरी खबर…
नोएडा-फरीदाबाद से पहले दिल्ली से सटे गुरुग्राम के औद्योगिक क्षेत्र IMT मानेसर में भी पिछले दिनों कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया था. कर्मचारियों के प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा धारा 163 लागू कर दी गई है. बताया जाता है कि हड़ताली कर्मी भारी संख्या में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए मौके से हटने को कहा, लेकिन प्रदर्शनकारी टस से मस होने को तैयार नहीं हैं. स्थिति तनावपूर्ण होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर कर स्थिति पर काबू पाने की कोशिश की.
नोएडा में प्राइवेट कर्मचारियों के प्रदर्शन को लेकर गाजियाबाद पुलिस ने पूरे जिले में हाईअलर्ट जारी कर दिया है. पुलिस उपायुक्त नगर/मुख्यालय द्वारा सहायक पुलिस आयुक्त इन्दिरापुरम धवल जायसवाल ने पुलिस बल के साथ शान्ति एवं कानून-व्यवस्था के दृष्टिगत एनएच-09, सेक्टर 62 कट थाना क्षेत्र इन्दिरापुरम का दौरा किया.
पुलिस ने बताया कि फ्लैगमार्च के दौरान पुलिस उपायुक्त महोदय द्वारा वर्तमान स्थिति का जायजा लेते हुए सभी सम्बन्धित अधिकारीगणों/कर्मचारीगणों को अलर्ट रहते हुए यातायात को सुचारू रूप से संचालित कराने तथा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु दिशा-निर्देश प्रदान किए गए.
नोएडा के अलग-अलग सेक्टर में जारी कर्मचारियों के प्रदर्शन का सीधा असर दिल्ली-एनसीआर के यातायात पर भी पड़ा है. सेक्टर-62 फॉर्टिस हॉस्पिटल के पास कंपनी कर्मचारियों के धरने के कारण ट्रैफिक पुलिस ने डायवर्जन लागू कर दिया है. इसी तरह सेक्टर-59 मेट्रो स्टेशन के नीचे से यातायात का संचालन कराया जा रहा है, ताकि जाम की स्थिति से बचा जा सके. पुलिस ने लोगों से वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की है.
नोएडा में प्रदर्शन कर रहे प्राइवेट कंपनियों को कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई के दौर में मौजूदा वेतन में गुजारा करना मुश्किल है. प्रशासन और श्रम विभाग के अधिकारियों ने मजदूरों को समझाने की कोशिश की है, लेकिन कर्मचारी लिखित आश्वासन और तुरंत वेतन वृद्धि की मांग पर अड़े हैं. पुलिस ने कुछ इलाकों में सख्ती दिखाते हुए भीड़ को हटाया है, लेकिन तनाव अब भी बरकरार है.
मजदूर यूनियन के सैलरी बढ़ोतरी को लेकर जारी प्रदर्शन के कारण दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर आज (सोमवार) सुबह से भारी ट्रैफिक जाम लगा हुआ है. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने कई जगहों पर यातायात को डायवर्ट किया है. नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने आधिकारिक X अकाउंट पर जानकारी दी है कि चिल्ला बॉर्डर की ओर जाने वाले सभी वाहनों को DND टोल की ओर डायवर्ट किया जा रहा है. साथ ही पुरी स्क्वायर रूट पर भी ट्रैफिक डायवर्जन किया गया है ताकि आवाजाही सुचारू रूप से चल सके. यहां पढ़ें पूरी खबर…
नोएडा के बाद फरीदाबाद के सेक्टर-37 स्थित मदरसन कंपनी के हजारों कर्मचारियों ने सोमवार सुबह काम बंद कर दिया और सैलरी बढ़ोतरी की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं. वहीं, प्रदर्शनकारियों को भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है, ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो. साथ ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्के बल का भी प्रयोग किया है. इसी तरह फेज-2 इलाके में भी प्रदर्शन की तीव्रता बढ़ गई. इसके अलावा सेक्टर-37 में कई अन्य कंपनियों के मजदूर भी काम छोड़कर बाहर निकल आए और प्रदर्शन में शामिल हो गए. पुलिस कर्मचारियों को शांत कराने की कोशिश में जुटी हुई है, लेकिन स्थिति अभी तनावपूर्ण बनी हुई है.
नोएडा के फेज-2 इलाके में पिछले तीन दिनों से चल रहा प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन सोमवार को अचानक उग्र हो गया. वेतन बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी संख्या में कर्मचारी सुबह से ही सड़कों पर उतर आए. पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए हल्के बल का प्रयोग किया. जिसके बाद देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और प्रदर्शनकारियों ने गुस्से में आकर पुलिस के वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी. इसके अलावा कई अन्य गाड़ियों में भी आग लगा दी. यहां पढ़ें पूरी खबर….
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