Jharkhand News: पाकुड़ में राज्य सरकार की कामधेनु योजना से जुड़कर एक दंपती ने गौ-पालन के जरिए आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है. 20 गायों से शुरू हुआ सफर आज 60 गायों और प्रतिमाह 1.5 लाख रुपये की आय तक पहुंच चुका है.
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Jharkhand News: पाकुड़ नगर के पुलिस लाइन के समीप स्थित एक साधारण सी गौशाला आज स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण उद्यमिता की एक प्रेरणादायक कहानी बन चुकी है. राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कामधेनु योजना ने इस दंपती के जीवन में नई रोशनी भर दी है. जिला गव्य विकास विभाग द्वारा संचालित इस योजना से जुड़कर दंपती ने न केवल अपने लिए आजीविका का सशक्त माध्यम तैयार किया, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन का भी उदाहरण पेश किया है. सीमित संसाधनों से शुरू हुआ यह प्रयास आज सफलता की मिसाल बनकर उभरा है.
20 गायों से हुई शुरुआत
कामधेनु योजना के लाभुक मनोज कुमार शाह ने बताया कि उन्होंने सरकार की इस योजना के तहत शुरुआत में मात्र 20 गायों के साथ गौ-पालन कार्य आरंभ किया था. लगातार मेहनत, लगन और बेहतर प्रबंधन के बल पर आज उनकी गौशाला में विभिन्न नस्लों की लगभग 60 गायें हैं. उन्होंने बताया कि यह कार्य उन्होंने अपनी पत्नी के साथ मिलकर शुरू किया और दोनों पति-पत्नी दिन-रात गायों की देखभाल में जुटे रहते हैं, जिससे गौशाला का संचालन सुचारु रूप से हो पा रहा है.
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रोज 400 लीटर दूध का उत्पादन
वर्तमान में इस गौशाला में 8 से 9 स्थानीय लोगों को नियमित रोजगार प्रदान किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं. मनोज कुमार शाह के अनुसार उनकी गौशाला से प्रतिदिन करीब 400 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है. उत्पादित दूध की नियमित आपूर्ति पाकुड़ बाजार क्षेत्र में घरों और मिठाई दुकानों में की जाती है, जिससे बाजार में शुद्ध दूध की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है.
हर महीने 1 से 1.5 लाख की आय
गौ-पालन से दंपती को प्रतिमाह लगभग एक से डेढ़ लाख रुपये तक की आय हो रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन चुके हैं. इस सफलता से दंपती बेहद प्रसन्न और संतुष्ट हैं. उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे गाय पालन जैसे स्वरोजगार के अवसरों को अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं. साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का सही उपयोग कर लोग न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी साकार कर सकते हैं. इस उपलब्धि के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री सहित संबंधित विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया है.
रिपोर्ट – सोहन प्रमाणिक
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