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Budget Session Live: अनुपूरक अनुदान मांगों का बिल राज्यसभा में पेश
राज्यसभा में भोजनावकाश, राज्यसभा में रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा जारी
Budget Session Live: राज्यसभा में चल रहा प्रश्नकाल
Parliament Session Live: लोकसभा में रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा शुरू
Lok Sabha Live: वेणुगोपाल ने उठाया सांसदों के निलंबन का मुद्दा
अगले हफ्ते शनिवार-रविवार को भी संसद की बैठक, राज्यसभा सभापति ने दी जानकारी
विपक्ष ने नहीं सुना पेट्रोलियम मंत्री का बयान- रिजिजू
‘अराजकता लाने का प्रयास कर रहा विपक्ष’, खड़गे के बयान पर नड्डा का पलटवार
राज्यसभा में खड़गे ने उठाया एलपीजी संकट का मुद्दा, की चर्चा की डिमांड
राज्यसभा में टीएमसी ने उठाया चुनाव आयोग के फैसले का मुद्दा
संसद के बजट सत्र का दूसरा हाफ चल रहा है. लोकसभा में प्रश्नकाल चल रहा है. वहीं, राज्यसभा में शून्यकाल की कार्यवाही चल रही है. राज्यसभा में सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन को 19 और 20 मार्च के अवकाश की जानकारी दी और कहा कि इसकी भरपाई के लिए सदन की बैठक 28 और 29 मार्च, यानी शनिवार और रविवार को भी होगी.
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुपूरक अनुदान मांगों का प्रस्ताव वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में पेश कर दिया है. यह बिल लोकसभा से पारित हो चुका है. इस बिल पर चर्चा की शुरुआत हो गई है. चर्चा की शुरुआत कांग्रेस के सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने की है.
राज्यसभा में भोजनावकाश हो गया है. भोजनावकाश के बाद राज्यसभा की कार्यवाही दो बजे से फिर शुरू होगी. वहीं, लोकसभा में रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा जारी है.
राज्यसभा में प्रश्नकाल चल रहा है. वहीं, लोकसभा में रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा चल रही है.
लोकसभा में रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा शुरू हो गई है. बिहार के कटिहार से कांग्रेस के सांसद तारिक अनवर ने चर्चा की शुरुआत की है. उन्होंने कहा कि चिंताजनक बात यह है कि सरकार ने आंकड़े ही पेश नहीं किए हैं. सरकार को अपने ही लक्ष्य पूरी होते नहीं दिख रहे है.
लोकसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही पूर्ण होने के बाद कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने आठ सांसदों के निलंबन का मुद्दा उठाया. स्पीकर ने इस पर कहा कि आप वरिष्ठ सदस्य हैं. सदन में सदन के निर्णयों पर चर्चा नहीं होती. आगे से इसका ध्यान रखिएगा.
संसद में अगले हफ्ते शनिवार-रविवार को भी बैठक होगी. राज्यसभा में सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को शून्यकाल की कार्यवाही शुरू होने से पहले यह जानकारी दी है. सभापति ने कहा कि इस हफ्ते गुरुवार और शुक्रवार (19 और 20 मार्च) को सदन में अवकाश रहेगा. इसकी भरपाई के लिए अगले हफ्ते शनिवार और रविवार (28 और 29 मार्च) को बैठक होगी.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता ने नोटिस दिया. कहा कि हम शाम चार बजे इस पर बोलेंगे. इधर-उधर की बात बोले. मंत्री का बयान हुआ, विपक्ष ने नहीं सुना. नारेबाजी करते रहे.
नेता सदन जेपी नड्डा ने इस पर आपत्ति की और कहा कि यह शून्यकाल है और एलओपी तीन मिनट बोल चुके हैं. नियम सभी के लिए समान होते हैं. हमें दुख है कि विपक्ष देश में विपत्ति काल में भी राजनीति करने से पीछे नहीं हटते. यह विपत्ति भारत के कारण नहीं आई है. हम सब जानते हैं कि ये क्राइसिस आई है. कांग्रेस का नेता सिलेंडर की होल्डिंग में पकड़ा गया है. ये जनता को उकसाने का प्रयास कर रहे हैं. ये विपत्ति में देश के साथ खड़ा होने की बजाय देश में अराजकता लाने का प्रयास कर रहे हैं.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के हालात परेशानी का सबब बन गए हैं. होटल-ढाबे से लेकर रसोई तक, सब बंद हैं. एलपीजी सिलेंडर मिलने में दिक्कत हो रही है. पांच हजार से अधिक कीमत पर भी लोग खरीद कर रहे हैं. पेट्रोलियम मंत्री ने लोकसभा में दावा किया कि एलपीजी की कोई कमी नहीं है. अफवाहों से सावधान रहें. सरकार जब ईरान में भारतीयों को सावधान रहने के लिए एडवाइजरी जारी कर रही थी, तब सरकार को यह भी साफ करना था कि एनर्जी सिक्योरिटी की तैयारी कितनी है. सरकार को एलपीजी आयात को लेकर तैयारी पहले की गई होती, तो आज हालात इतने बुरे नहीं होते. इंडस्ट्रियल कन्ज्यूमर्स से फर्टिलाइजर्स प्लांट्स तक की सप्लाई लिमिटेड की गई है. घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें 60 रुपये तक बढ़ा दी गई है. अगर सप्लाई इतनी ही स्मूद होती, तो इतनी पाबंदी क्यों लगती. सिलेंडर की बुकिंग वेटिंग पीरियड को बढ़ा दिया गया है. इससे पैनिक बुकिंग और जमाखोरी बढ़ रही है. सरकार को पता था कि हालात बिगड़ सकते हैं, इसे लेकर पहले तैयारी क्यों नहीं की गई. यह पॉलिसी की कमजोरी भी बताता है. उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा की डिमांड की.
राज्यसभा में शून्यकाल की कार्यवाही शुरू होने से पहले टीएमसी के फ्लोर लीडर डेरेक ओ’ब्रायन ने चुनाव आयोग के फैसले का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि हम सदन की कार्यवाही में डिसरप्शन नहीं चाहते.चुनाव आयोग ने रात के अंधेरे में मुख्य सचिव, गृह सचिव को हटा दिए. चुनाव आयोग को यह अधिकार भी है. डेरेक ने इसके बाद कहा कि हम डिसरप्शन नहीं चाहते और इस फैसले के खिलाफ प्रोटेस्ट करते हुए सदन की कार्यवाही से दिनभर के लिए वॉकआउट कर रहे हैं.
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