पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में लोगों के साथ की गई बर्बरता के लिए भारत ने मंगलवार को इस्लामाबाद की कड़ी आलोचना की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा कि वह उस देश को उसके अत्याचारों के लिए जवाबदेह ठहराए। पीओके के कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई में कथित तौर पर 20 से अधिक लोगों की मौत के बाद भारत की प्रतिक्रिया आई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान की आलोचना करते हुए कहा कि इस्लामाबाद ने अपनी नाकामियों को छिपाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान भटकाने की हताशा भरी कोशिशें की हैं।
रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘इस संदर्भ में हम पाकिस्तान से आने वाली फेक न्यूज और वीडियो का एक चलन लगातार देख रहे हैं। यह पाकिस्तान की अपनी नाकामियों को छिपाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान भटकाने की एक हताशा भरी कोशिश है।’ जायसवाल ने कहा, ‘पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पुलिस की भारी बर्बरता की खबरें हैं, जिसमें कई प्रदर्शनकारी मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं। हमें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके गलत कामों और ज्यादतियों के लिए जवाबदेह ठहराएगा।’
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 विधानसभा सीटों को लेकर तनाव चरम पर है। जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार इन सीटों का इस्तेमाल अपने हित साधने के लिए करती है और इन्हें खत्म करने की मांग को लेकर क्षेत्र में हिंसक विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। पीओके की यह अशांति 27 जुलाई को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच हुई है। यह विरोध-प्रदर्शन हाल के वर्षों में इलाके में हुई सबसे घातक अशांति के एक दिन बाद हो रहा है, जिसमें कम से कम 11 लोग मारे गए और 60 से अधिक घायल हो गए। इससे अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इलाके में और अस्थिरता का डर पैदा हो गया है।
रावलकोट में जेएएसी समर्थकों के एक साथी कार्यकर्ता की हत्या के विरोध में इकट्ठा होने के बाद प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। जेएएसी आर्थिक शिकायतों, प्रशासन में सुधार और राजनीतिक मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रही है और उसने रिफ्यूजी सीटों के मुद्दे को अपने आंदोलन का मुख्य केंद्र बनाया है। गठबंधन का तर्क है कि 45 सदस्यों वाली विधानसभा में आरक्षित 12 सीटों का इस्तेमाल मुख्यधारा की पाकिस्तानी राजनीतिक पार्टियां इलाके में सरकार बनाने की प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए करती हैं, जिससे स्थानीय लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व कमजोर होता है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मारे गए लोगों में कम से कम चार सुरक्षाकर्मी शामिल थे, जबकि झड़पों के दौरान लगभग 20 अन्य लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने जेएएसी समर्थकों पर अशांति के दौरान रावलकोट में सेना द्वारा चलाए जा रहे अस्पताल पर हमला करने का आरोप लगाया। पुलिस अधिकारियों ने आरोप लगाया कि हाल ही में प्रतिबंधित संगठन के सदस्य सरकारी संस्थानों पर हिंसक हमलों में शामिल थे। गत 5 जून को क्षेत्रीय प्रशासन ने जेएएसी को आतंकवाद-रोधी कानूनों के तहत एक प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया। इस कदम ने अधिकारियों और विरोध आंदोलन के बीच गतिरोध को और बढ़ा दिया है।
पत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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