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Iran-US War: ईरान का अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमला
Trump on Iran War: ट्रंप का ईरान में ‘रिजीम चेंज’ बड़ा दावा
Trump on Iran War: ट्रंप ने खुद को बताया ‘महान’
Donald Trump: ट्रंप से मिलेंगे नाटो चीफ
Trump Nation Address: ईरान को लेकर व्हाइट हाउस का बड़ा दावा
ईरानी समुदाय हमारे समुदाय का अहम हिस्सा- UAE सरकार
US-Iran War Update: नाटो में अमेरिकी राजदूत का दावा
US-Iran War Live: ट्रंप की यूरोपीय देशों को धमकी
Iran-US Live: ईरानी राष्ट्रपति का अमेरिकी जनता के नाम पत्र
Donald Trump: आर्टेमिस II मिशन पर ट्रंप ने जताई खुशी
Donald Trump Live: ट्रंप जल्द खत्म करेंगे ईरान जंग!
Trump Nation Address: ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल की जंग को 34 दिन हो गए हैं. अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जल्द अपनी जंग खत्म करने के संकेत दिए हैं. आज सुबह 6 बजकर 30 मिनट पर ट्रंप ईरान जंग पर देश को संबोधित करेंगे.
ट्रंप ने बताया था कि दो-तीन हफ्ते अमेरिकी सेना ईरान छोड़ सकती है. उन्होंने ये भी दावा किया था कि इस युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका को किसी समझौते की जरूरत नहीं है. हालांकि, अमेरिका कोई समझौता करने के बारे में सोच भी सकता है. ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने ईरान में रिजीम चेंज कर दिया हैय
अपने संबोधन में ईरान युद्ध को खत्म करने के लिए दो से तीन हफ्ते की समय-सीमा को एक बार फिर दोहरा सकते हैं. ट्रंप इस दौरान युद्ध विराम और अमेरिकी सेना की वापसी की योजना को लेकर स्थिति और भी साफ कर सकते हैं.
ईरान ने अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर हमले का एक नया दौर शुरू कर दिया है. इसे ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ की 89वीं लहर बताया जा रहा है. ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ ने बताया कि ईरान और उसके सहयोगी गुटों ने मिलकर भारी मिसाइलों, आत्मघाती ड्रोन्स और रॉकेटों से अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायली ठिकानों पर हमला किया है. ईरान का दावा है कि उसने इजरायल के इलात, तेल अवीव और बनी ब्राक जैसे इलाकों में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. ईरान के मुताबिक इन हमलों में इजरायल को बड़ा नुकसान हुआ है.
IRGC ने दावा किया है कि उन्होंने बहरीन में एक ऐसे ठिकाने पर हमला किया जहां 80 अमेरिकी सैनिक मौजूद थे. इसके अलावा, कुवैत में एक अमेरिकी बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें गिराई गईं, जिससे एक अमेरिकी हेलीकॉप्टर तबाह हो गया,
ट्रंप ने दावा किया है कि उनके प्रशासन ने ईरान में ‘रिजीम चेंज’ कर लिया है. वॉशिंगटन में ईस्टर के मौके पर एक इवेंट में ट्रंप ने कहा, ‘हमने पहले शासन को पूरी तरह से हटा दिया… फिर 88 लोगों ने एक नया शासन चुनने के लिए बैठक की और जब वो मतदान कर रहे थे, हमने उन्हें हटा दिया. तो ये दूसरा शासन था और अब हम लोगों के तीसरे समूह से निपट रहे हैं, और वो बहुत कम कट्टरपंथी हैं. रिजीम चेंज संयोग से हुआ क्योंकि मुझे रिजीम चेंज का विचार कभी पसंद नहीं आया. ये बहुत मुश्किल है.
डोनाल्ड ट्रंप अपने मुंह मियां मिट्ठू बने हैं. उन्होंने दावे के साथ कहा, ‘अगर मैं नहीं होता… तो इजरायल नहीं होता. मिडिल-ईस्ट भी नहीं होता. आपके पास परमाणु हथियार होते. इसके बाद ट्रंप ने अपने भाषण में और अधिक जानकारी देने का वादा किया. उन्होंने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल की सफलताओं पर जोर देते हुए कहा, ‘आज रात, मैं सबको बताऊंगा कि मैं कितना महान हूं. मैंने कितना शानदार काम किया है.’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अब जापान, फ्रांस, साउथ कोरिया और चीन जैसे देशों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए. ट्रंप का मानना है कि दूसरे देशों को भी इस समुद्री रास्ते को सुरक्षित रखने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए. इसके साथ ही ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि ईरान ने सीजफायर की मांग की है, लेकिन वो इस पर तभी विचार करेंगे जब तेहरान इस रास्ते को रोकना बंद कर देगा. हालांकि, ईरान ने ऐसी किसी भी मांग से इनकार किया है.
नाटो चीफ मार्क रुटे अगले हफ्ते वाशिंगटन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे. नाटो के प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि ये दौरा काफी समय पहले से तय था. इस मुलाकात को मौजूदा वैश्विक हालातों और अमेरिका-नाटो संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.
व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी कर कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप के साफ और अडिग लक्ष्यों की वजह से ईरानी शासन के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिल रही है. ट्रंप आज रात देश को इस सैन्य अभियान की जानकारी देंगे. व्हाइट हाउस का कहना है कि ये अमेरिकी ताकत का वो प्रदर्शन है जो ईरानी शासन की उन क्षमताओं को खत्म कर रहा है, जिनसे अमेरिका और दुनिया को खतरा था. ट्रंप की अगुवाई में अमेरिकी सेना इस मिशन को पूरी ताकत और सटीक निशाने के साथ अंजाम दे रही है.
संयुक्त अरब अमीरात ने कहा है कि उसके देश में रह रहा ईरानी समुदाय वहां के समाज का एक अहम हिस्सा है. यूएई सरकार के मुताबिक, वो अपने देशों में रहने वाले ईरानियों का पूरा सम्मान और कद्र करती है. इसके साथ ही, यूएई ने उन दावों को ‘गलत’ करार दिया है जिनमें वहां रह रहे ईरानियों के रेजिडेंसी स्टेटस (विजा या रहने की अनुमति) को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे.
नाटो में अमेरिकी राजदूत व्हिटेकर ने कहा है कि उन्हें भरोसा है कि ईरान के पास अभी भी युद्ध से बाहर निकलने का रास्ता मौजूद है, जिसे वो चुन सकता है. उन्होंने ये भी कहा कि अमेरिका ईरान में सही लोगों से बातचीत कर रहा है, जिससे कूटनीतिक समाधान की उम्मीद बनी हुई है. इसके अलावा, उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप एक ऐसा नाटो चाहते हैं जो हर हालात में अमेरिका के साथ मजबूती से खड़ा रहे.
ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर यूरोपीय देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए गठबंधन में शामिल नहीं होते, तो अमेरिका यूक्रेन को दी जाने वाली हथियारों की सप्लाई रोक देगा.
ट्रंप के संबोधन से पहले ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिकी जनता के नाम एक पत्र लिखकर कहा है कि ईरान की आम अमेरिकियों से कोई दुश्मनी नहीं है. उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला करना सीधे तौर पर वहां की जनता को निशाना बनाना है, जिसका नतीजा भविष्य में ईरान की सीमाओं से काफी दूर तक देखने को मिल सकते हैं. पेजेश्कियान ने ये भी कहा कि ईरान को एक ‘खतरे’ के रूप में पेश करना ऐतिहासिक सच्चाई नहीं है.
ईरान जंग पर संबोधन से पहले ट्रंप ने आर्टेमिस II मिशन पर खुशी जाहिर की है. सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने लिखा, ‘आज शाम 6:24 बजे पर, 50 सालों से ज्यादा समय में पहली बार, अमेरिका चांद पर वापस जा रहा है. आर्टेमिस II, अब तक के सबसे शक्तिशाली रॉकेटों में से एक, हमारे बहादुर अंतरिक्ष यात्रियों को उस स्तर तक गहरे अंतरिक्ष में ले जा रहा है जहां कोई भी इंसान आज तक नहीं पहुंचा है. हम अंतरिक्ष में, पृथ्वी पर और इनके बीच हर जगह जीत रहे हैं- आर्थिक रूप से, सैन्य रूप से और अब, सितारों से परे भी. कोई भी हमारे करीब नहीं आ सकता! अमेरिका सिर्फ मुकाबला नहीं करता, हम प्रभुत्व स्थापित करते हैं, और पूरी दुनिया देख रही है. हमारे अद्भुत अंतरिक्ष यात्रियों को ईश्वर का आशीर्वाद मिले, नासा को ईश्वर का आशीर्वाद मिले और अब तक के सबसे महान राष्ट्र, संयुक्त राज्य अमेरिका को ईश्वर का आशीर्वाद मिले!’
डोनाल्ड ट्रंप अपने संबोधन में ईरान के साथ जंग खत्म करने को लेकर बड़ा ऐलान कर सकते हैं. ट्रंप ने एक दिन पहले ही संकेत दिए थे कि अमेरिका दो-तीन हफ्ते में ईरान से बाहर निकल कर सकता है. ऐसे में सभी की नजरें ट्रंप के संबोधन पर टिकी हैं.
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