US-Israel-Iran War LIVE: इजरायल की तरफ ईरान ने दागी मिसाइलों की नई खेप… यरुशलम में धमाके की आवाजें, उधर लेबनान पर हमला जारी – AajTak

Feedback
Middle East tension: ईरान ने रात में इज़रायल पर किया मिसाइल हमला, यरुशलम में सायरन 
Iran Attacks on US: ईरान ने फिर दागी इजरायल पर मिसाइल
Middle East tension: कुवैत हमले में मारे गए 6 US सैनिकों के आखिरी दो नाम जारी किए
Iran Attacks on US: कुवैत के तट के पास हमला, कमर्शियल शिपिंग के लिए खतरा
ईरान के बुकान शहर पर भारी बमबारी, सरकारी इमारत भी निशाने पर
ईरान पर हमले रोकने वाला बिल अमेरिकी सीनेट में खारिज
US-Israel Iran Strike Latest News & LIVE Updates: मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग गुरुवार को छठवें दिन में प्रवेश कर गई है. दोनों तरफ से हो रहे लगातार हमलों से यह तय हो गया है कि मिडिल ईस्ट में जारी यह संकट अभी कुछ दिनों तक चलेगा. हालात सुधरने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. जिन देशों के नागरिकों को संकट का सामना करना पड़ रहा है, उसमें अरब के कई मुस्लिम देश शामिल हैं. ईरान अलग-अलग देशों में स्थित अमेरिकी दूतावासों और सैन्य अड्डों को निशाना बना रहा है. लगातार हो रहे हमलों और जवाबी हमलों के बीच अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान में अब तक जान गंवाने वालों की तादाद एक हजार से ज्यादा हो गई है. वहीं, लेबनान में करीब 60, इजरायल में लगभग एक दर्जन लोगों की जान गई है. इस संघर्ष में अब तक अमेरिका के 6 सैनिकों के भी मारे जाने की खबर है. इजरायल ने बुधवार को ईरान पर नए सिरे से हवाई हमले किए. इलेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों को भी निशाना बनाया गया.
लेबनान की राजधानी बेरूत और उसके आस-पास के इलाकों में कई एयरस्ट्राइक की खबर सामने आई है. इजरायल और अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है. 
टाइम्स ऑफ़ इज़राइल की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने इज़राइल पर एक और बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया, जिसके बाद पूरे यरुशलम में सायरन बजने लगे और ज़ोरदार धमाके सुनाई दिए. सेना ने बताया कि वह आने वाले खतरे का पता लगा रही है और डिफेंसिव सिस्टम से उस पर जवाब दे रही है. लोगों को लॉन्च के बारे में अलर्ट कर दिया गया है और अधिकारी हालात पर नज़र रख रहे हैं.
इजरायल डिफेंस फोर्स ने कहा है कि कुछ समय पहले ईरान से इज़राइल की ओर मिसाइलें दागी गई हैं. आईडीएफ ने एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो जाने की जानकारी दी है और कहा है कि मोबाइल फोन के जरिये शुरुआती निर्देश जारी कर दिए गए हैं. आईडीएफ ने लोगों से निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
 
पेंटागन ने बुधवार रात कुवैत में हुए हमले में मारे गए छह US सैनिकों के आखिरी दो नाम जारी किए. सैनिकों की पहचान चीफ वारंट ऑफिसर 3 रॉबर्ट मार्ज़न (54) सैक्रामेंटो के रहने वाले और मेजर जेफरी ओ’ब्रायन, 45) इंडियनोला के रहने वाले के तौर पर हुई है.
पेंटागन के एक बयान के मुताबिक, मार्ज़न कुवैत में कमांड सेंटर पर ड्रोन हमले के समय मौजूद थे और माना जा रहा है कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई. अधिकारियों ने कहा कि एक मेडिकल एग्ज़ामिनर उनकी पहचान की आखिरी पुष्टि करेगा.
गुरुवार सुबह कुवैत के तट के पास हुए एक नए हमले से इस इलाके में कमर्शियल शिपिंग के लिए खतरा बढ़ने का संकेत मिला है. ब्रिटिश सेना द्वारा ऑपरेट किए जाने वाले यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बताया कि यह घटना कुवैत के तट के पास उत्तरी फारस की खाड़ी में हुई.
UKMTO के मुताबिक, इलाके में एक धमाका हुआ और ऐसा लग रहा है कि एक टैंकर को निशाना बनाया गया था. धमाके के तुरंत बाद एक छोटा जहाज़ निकलता हुआ देखा गया. हालांकि, UKMTO ने वजह नहीं बताई लेकिन ईरान पहले भी जहाजों से जुड़ी लिमपेट माइंस का इस्तेमाल करके ऐसे ही हमले कर चुका है.
अब तक, ऐसी घटनाएं ज़्यादातर होर्मुज की खाड़ी और ओमान की खाड़ी तक ही सीमित थीं.
(इनपुट- एसोसिएटेड प्रेस)
ईरान के उत्तर-पश्चिमी शहर बुकान में भारी बमबारी की खबर है, जिसमें गवर्नरेट बिल्डिंग समेत कई घरों और कारोबारिक इमारतों को नुकसान पहुंचा है, ईरानी की तसनीम न्यूज एजेंसी ने यह जानकारी दी.
अमेरिकी सीनेट ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई को रोकने से जुड़े प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. रिपब्लिकन सदस्यों ने बुधवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध अभियान को सीमित करने की कोशिश को नाकाम कर दिया.‘वॉर पावर्स रेजोल्यूशन’ के नाम से पेश यह बिल 47 के मुकाबले 53 वोट से गिर गया. वोटिंग ज्यादातर पार्टी लाइन के अनुसार हुई, हालांकि रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल ने बिल के पक्ष में वोट दिया, जबकि डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन फेटरमैन ने इसके खिलाफ मतदान किया.
 
ईरान के एक सैन्य अधिकारी ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इजरायल ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश करते हैं तो इसका जवाब दिया जाएगा.उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में ईरान इजरायल की डिमोना न्यूक्लियर साइट को भी निशाना बना सकता है.ईरान की यह चेतावनी मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सामने आई है.
संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी के मुताबिक, युद्ध के पहले दो दिनों में लगभग 1 लाख लोग तेहरान छोड़कर चले गए. ईरानी अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि रोज करीब 1000 से 2000 वाहन राजधानी से निकलकर ज्यादातर उत्तर दिशा की ओर जा रहे हैं. UNHCR के प्रवक्ता बाबर बलोच ने कहा कि फिलहाल इस संघर्ष के कारण सीमा पार लोगों की आवाजाही में कोई बड़ा इजाफा नहीं देखा गया है, लेकिन हालात तेजी से बदल सकते हैं.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका की सीनेट राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ युद्ध अभियान पर आज मतदान करने जा रही है. यह वोट ऐसे समय हो रहा है जब यह संघर्ष तेजी से बढ़कर पूरे क्षेत्र में फैल चुका है और अमेरिकी सेना के लिए इससे बाहर निकलने की स्पष्ट रणनीति सामने नहीं आई है. AP न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह प्रस्ताव ‘वॉर पावर्स रेजोल्यूशन’ के तहत लाया गया है, जिसके जरिए सांसद यह मांग कर सकते हैं कि ईरान पर आगे किसी भी सैन्य कार्रवाई से पहले कांग्रेस की मंजूरी ली जाए.
 

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से फोन पर बात कर क्षेत्र की स्थिति और ईरान से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की. रॉयटर्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह बातचीत मिडिल ईस्ट में जारी ताजा संकट को लेकर हुई.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान के एक हफ्ते से भी कम समय में अमेरिकी सेना बेहद मजबूत स्थिति में पहुंच गई है.
हिज्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने कहा है कि लेबनान में इजरायल की हालिया सैन्य कार्रवाई पहले से योजना बनाकर किया गया हमला है. उनका आरोप है कि इजरायल ने सोच-समझकर यह कार्रवाई की.यह बयान ऐसे समय आया है जब लेबनान से इज़रायल की ओर रॉकेट दागे जाने के बाद इजरायली सेना ने जवाबी हमला किया. इन रॉकेट और प्रोजेक्टाइल हमलों की जिम्मेदारी हिज्बुल्लाह ने ली है.
ईरान के मिनाब में स्कूल पर हुए हमले को लेकर अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है. साथ ही यह भी कहा गया कि अमेरिकी सेना आम तौर पर सैन्य अभियानों में नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने से बचती है और इस घटना की परिस्थितियों की समीक्षा की जा रही है.
 
व्हाइट हाउस ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच वहां फंसे अमेरिकियों की सुरक्षित वापसी के लिए आने वाले दिनों में अतिरिक्त कदमों की घोषणा की जाएगी. प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं.
व्हाइट हाउस की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि ईरान ने शांति का रास्ता इसलिए ठुकराया क्योंकि उसका शासन अमेरिका को धमकाने के लिए परमाणु हथियार बनाना चाहता था.व्हाइट हाउस ने कहा कि जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोई चेतावनी देते हैं तो वह ब्लफ नहीं करते, उनके शब्द दुनिया की सबसे ताकतवर सेना के समर्थन से आते हैं.
 
इजरायल की सेना ने दावा किया है कि उसने तेहरान में एक बड़े सैन्य और सुरक्षा परिसर पर व्यापक हमला किया है. बुधवार को जारी बयान में इज़रायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने कहा कि इस परिसर में ईरान की कई सुरक्षा एजेंसियों के मुख्यालय मौजूद थे.आईडीएफ के अनुसार, इस परिसर में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की इकाइयों और खुफिया विभागों के दफ्तर भी स्थित थे.इजरायली सेना ने बताया कि इस हमले का निशाना वह केंद्रीय कमांड साइट थी, जिसका इस्तेमाल ईरान का नेतृत्व और सुरक्षा एजेंसियां सैन्य और सुरक्षा अभियानों के समन्वय के लिए करती थीं.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News