अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग को 5 सप्ताह पूरे हो चुके है. आज (6 अप्रैल) को युद्ध के 38वां दिन भी दोनों ओर से एक-दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है. लेबनान में एक दिन में इजरायल की ओर से अलग-अलग जगहों पर किए गए अटैक में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 53 लोग घायल हुए हैं. वहीं, इजरायल ने ईरान के कोम शहर की एक रिहायशी बिल्डिंग को भी निशाना बनाया. अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, एक लोकल अधिकारी ने बताया ईरानी शहर कोम में एक रिहायशी बिल्डिंग पर US-इजरायली हमले में कम से कम पांच लोग मारे गए हैं.
जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) खोलने के लिए ईरान को अल्टीमेटम दे रहे हैं. ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान को सोमवार तक की मोहलत दी. हालांकि, ईरान फिर से वही बात दोहराई कि होर्मुज स्ट्रेट खुला है. ईरान के लिए मंगलवार तक की चेतावनी जारी करते हुए कि यदि उन्होंने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ नहीं खोला, तो उनके बिजली केंद्रों और पुलों को निशाना बनाया जाएगा, जिससे वहां नर्क जैसे हालात पैदा हो जाएंगे. IRGC नौसेना का कहना है कि अमेरिका और इजरायल के लिए होर्मुज स्ट्रेट कभी भी अपनी पुरानी स्थिति में कभी वापस नहीं लौटेगा. एक बयान जारी कर इस रणनीतिक जलमार्ग पर ईरान ने अपने रुख को दोहराया है. आईआरजीसी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “होर्मुज स्ट्रेट कभी भी अपनी पुरानी स्थिति में वापस नहीं लौटेगा, खासकर अमेरिका और इजरायल के लिए.’
ईरान युद्ध को लेकर डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को अमेरिका में ही आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. US कांग्रेसी जेक ऑचिनक्लॉस ने बताया कि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर स्ट्राइक का ऑर्डर देकर पूरी तरह फेल हो गए, और उन्हें अमेरिकन हिस्ट्री का अकेला ऐसा प्रेसिडेंट बताया, जिसने अकेले जंग शुरू की और हार गया. युद्ध के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ फोन पर बातचीत की है. उन्होंने पिछले 37 दिनों में ईरानी लोगों के खिलाफ अमेरिका और इजरायली सरकार द्वारा किए गए हमलों के बारे में बताया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बताया कि कैसे F-15E लड़ाकू विमान के मार गिराए जाने के बाद पायलट को ईरान से बचाया गया. उन्होंने कहा, विमान से बाहर निकलने के बाद हमारे अधिकारी ने ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाके पर चढ़ाई की. अधिकारी ने अपने घावों का खुद इलाज किया और अपने स्थान से गुजरने के लिए अमेरिकी सेना से संपर्क किया. बचाव अभियान के लिए अमेरिकी सेना की व्यापक तैनाती में 155 विमान शामिल थे, जिनमें चार बॉम्बर्स, 64 लड़ाकू विमान, 48 ईंधन भरने वाले टैंकर, 13 बचाव विमान और अन्य शामिल थे.’
ट्रंप ने कहा, ‘हमने अपने दो सैनिकों को बचाया, जो शायद पहले कभी नहीं किया गया था, लेकिन हमने किया. हमारे पास बेहतरीन प्रतिभा थी. मुझे लगता है कि हमें थोड़ी किस्मत का भी साथ मिला. हमें बहुत से लोगों, बहुत से महान लोगों से मदद मिली.’
Source: IOCL
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