Weather News: बारिश में छप-छप भीगने का मजा हो सकता है किरकिरा, मॉनसून को लेकर IMD ने दे दिया बड़ा अपडेट – Zee News

IMD Warning: इस बार मॉनसून निराश कर सकता है. यानी औसत से भी कम बारिश होने का अनुमान है. मौसम विज्ञान विभाग ने यह जानकारी दी है. इसकी वजह EI Nio इफेक्ट को बताया जा रहा है.
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Monsoon in India: El Nio इफेक्ट की वजह से भारत में पिछले तीन साल में पहली बार मॉनसून एवरेज से भी कम रहने की संभावना है. सोमवार को मौसम विभाग ने यह जानकारी दी. सरकार के मुताबिक, मॉनसून, जो आमतौर पर 1 जून के आस-पास दक्षिणी राज्य केरल में आता है और सितंबर के मध्य तक लौट जाता है, इस साल लंबी अवधि के औसत का 92 प्रतिशत रहने की उम्मीद है.

‘इस बार कमजोर रहेगा मॉनसून’

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के डायरेक्टर जनरल मृत्युंजय मोहापात्रा के मुताबिक, ‘फिलहाल, कमजोर ला नीना जैसी स्थितियां अब सामान्य (न्यूट्रल) स्थितियों में बदल रही हैं. लेकिन जून के बाद, इस बात की बहुत ज्यादा संभावना है कि अल नीनो विकसित हो जाएगा.’

हालांकि देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है, लेकिन पूर्वोत्तर, उत्तर-पश्चिमी और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक मॉनसून रहने की उम्मीद है.

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क्या बोला मौसम विभाग?

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) सामान्य बारिश को चार महीने के मौसम के लिए 87 cm (35 इंच) के 50 साल के औसत का 96 प्रतिशत से 104 प्रतिशत के बीच बताता है.  एल नीनो एक मौसमी घटना है, जो तब होती है जब मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में समुद्र का तापमान सामान्य से ऊपर चला जाता है. इसका नतीजा आमतौर पर दक्षिण-पूर्व एशिया और दुनिया के अन्य हिस्सों में गर्म और सूखा मौसम होता है.
पहले, भारत में ज्यादातर एल नीनो वाले सालों में औसत से कम बारिश होती थी, जिससे अक्सर सूखा पड़ जाता था. इससे फसलें बर्बाद हो जाती थीं और अधिकारियों को कुछ अनाज के निर्यात पर रोक लगानी पड़ती थी. यह पूर्वानुमान ऐसे समय में आया है जब एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में कृषि उत्पादन और विकास को लेकर चिंता बढ़ रही है, क्योंकि यह ईरान युद्ध के कारण बढ़ी महंगाई से जूझ रही है. मॉनसून भारत की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है. यह खेतों की सिंचाई करने और जलभंडारों व जलाशयों को भरने के लिए जरूरी बारिश का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा देता है.

फर्स्ट स्टेज लॉन्ग रेंज फोरकास्ट (LRF) 2014 – 2025

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार

वर्ष क्वालिटेटिव रेनफॉल टू LPA (%) (अप्रैल में)
2025 108%
2024 106%
2023 96%
2022 99%
2021 98%
2020 100%
2019 96%
2018 97%
2017 96%
2016 93%
2015 93%
2014 95%

Source: IMD | 

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार
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रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनु…और पढ़ें
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