धौलपुर में 26 जून को अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस के उपलक्ष्य में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। एडीआर परिसर में स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष सुरेश प्रकाश भट्ट, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव रेखा यादव ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की “डॉन-ड्रग जागरूकता एवं कल्याण, मार्गदर्शन-ड्रग मुक्त भारत के लिए योजना 2025” का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य युवाओं, बच्चों और संवेदनशील वर्गों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना तथा नशा पीड़ित व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता, परामर्श, उपचार और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ना है। उन्होंने विभिन्न विभागों के समन्वय से नशा मुक्त समाज के निर्माण के प्रयासों पर जोर दिया।
इसी दिन सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में जिला कारागृह धौलपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण जिला एवं सेशन न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव मागो और सचिव रेखा यादव की अध्यक्षता में गठित बोर्ड ऑफ विजिटर्स द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान बंदियों के अभिलेखों, बैरकों, रसोईघर, शौचालयों और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
बोर्ड ने बंदियों से सीधे संवाद कर जातिगत भेदभाव, कार्य विभाजन और साफ-सफाई व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। बंदियों ने बताया कि जेल में सभी के साथ समान व्यवहार होता है और कोई जातिगत भेदभाव नहीं है। निरीक्षण के दौरान भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। जेल प्रशासन को निर्देश दिए गए कि किसी भी बंदी के साथ जाति के आधार पर भेदभाव न हो और सर्वोच्च न्यायालय तथा नालसा के दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाए। इस निरीक्षण में विभिन्न विभागों के अधिकारी और कारागृह स्टाफ भी मौजूद रहे।
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