तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई ने राष्ट्रवाद, देश की एकता, युवाओं की राजनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने दो टूक कहा कि उनको कोई राष्ट्रवाद का पाठ न पढ़ाए.
अन्नामलाई ने कहा, ‘आज मुझे अपने से बड़ा कोई राष्ट्रवादी दिखाइए, चाहे वह बीजेपी के भीतर हो या पूरे देश में. मेरा जन्म तमिलनाडु में हुआ, पढ़ाई लखनऊ में की, दो साल आंध्र प्रदेश में आईपीएस की ट्रेनिंग ली, एक साल दिल्ली में प्रशिक्षण लिया और नौ साल कर्नाटक में सेवा की. मैंने देश के अलग-अलग राज्यों में रहकर भारत की एकता और विविधता को समझा है. इसलिए मुझे कोई राष्ट्रवाद का पाठ न पढ़ाए.’
कृष्णागिरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यहां अलग-अलग भाषा और संस्कृति के लोग तमिल और भारतीय होने की पहचान के साथ मिलजुलकर रहते हैं. यही असली भारत की ताकत है.
कर्नाटक-तमिलनाडु संबंध पर क्या कहा?
कर्नाटक-तमिलनाडु संबंधों पर अन्नामलाई ने कहा, ‘हम ऐसा भारत चाहते हैं जहां हर राज्य आगे बढ़े. गुजरात बढ़े, तमिलनाडु बढ़े, दिल्ली और हरियाणा भी बढ़ें. कर्नाटक की सीमा पर बैरिकेड लगाकर लोगों को रोकने के बजाय तमिलनाडु के ज्यादा लोग बेंगलुरु जाएं और कर्नाटक के लोग होसुर आएं. दोनों राज्यों के बीच संपर्क बढ़ेगा, तभी विकास होगा. अगर यहां तक मेट्रो आती है तो आने दीजिए.’
युवाओं से क्या कहा?
युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति सिर्फ सोशल मीडिया पर लाखों लाइक्स और तालियां बटोरने का माध्यम नहीं है. असली मकसद प्रशासनिक सत्ता तक पहुंचकर बदलाव लाना होना चाहिए. पंचायत अध्यक्ष से लेकर मुख्यमंत्री तक, एक हस्ताक्षर लाखों लोगों की किस्मत बदल सकता है.
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विदेशी फंडिंग और देशविरोधी गतिविधियों को लेकर भी अन्नामलाई ने सख्त रुख अपनाया. उन्होंने कहा, ‘अगर कोई विदेशी फंडिंग लेकर देश में अशांति फैलाता है या विदेशी एजेंट के तौर पर काम करता है तो उसे गिरफ्तार कर जेल में डालिए. ट्विटर पर बयानबाजी करने की जरूरत नहीं. केंद्र सरकार के पास IB, RAW, दिल्ली पुलिस और तमाम जांच एजेंसियां हैं. देश की संप्रभुता की रक्षा करना केंद्र सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है.’
अन्नामलाई ने युवाओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा कि बदलाव की बातें करना आसान है, लेकिन वास्तविक बदलाव लाना बेहद कठिन है.
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