Saayoni Ghosh News: अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की अध्यक्ष ममता बनर्जी से बगावत करके लोकसभा में अलग ग्रुप का दर्जा मांग रहे सांसदों में 19 एमपी शामिल हैं, लेकिन जब से उस लिस्ट में सायोनी घोष का नाम और साइन सामने आया है, बाकी बागियों पर चर्चा और बहस पीछे छूट गई है। काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में लोकसभा के अंदर पार्टी को दो तिहाई सांसदों के साथ तोड़ने वाले 19 सांसदों में कोई भी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर इतना आक्रामक नहीं रहता था या रहती थी। महुआ मोइत्रा और सायोनी घोष की चर्चा ही सदन में तीखे और चुटीले भाषण से सरकार पर हमले के लिए होती रही है। पाला बदलने की खबरों के बाद अपने पुराने भाषण और वीडियो को लेकर सायोनी घोष खूब ट्रोल हो रही हैं।
बांग्ला फिल्मों की चर्चित एक्ट्रेस से टीएमसी की नेता और युवा अध्यक्ष बनीं सायोनी घोष का ऐसा ही एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें चुनाव प्रचार के दौरान वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को लेकर कह रही हैं- ‘अपना काम बनता, भाड़ में जाए जनता।’ सायोनी घोष इस पुराने वायरल वीडियो में कहती हैं- ‘एक ही बात बोलती है ना। वादा करो नहीं छोड़ेगे तुम मेरा साथ, जहां तुम हो, वहां मैं भी हूं। यही बोलता है ना। और इलेक्शन के बाद आप लोग क्या बोलते हो। आप लोग बोलते हो। क्या हुआ तेरा वादा, वो कसम वो इरादा। सब सारे हो गए। खत्म, ओके, टाटा, बाय-बाय, खल्लास। ये सब जुमलेबाजी की राजनीति नहीं चलेगी। ये जुमलेबाजी… भारतीय जुमला पार्टी है ना… लॉलीपॉप थमा देते हैं इलेक्शन के पहले और जब इलेक्शन खत्म हो जाए तो नीम की जो काठी होती है, वो दे देते हैं हाथ में। अपना काम बनता, भाड़ में जाए जनता।’
सयानी निकलीं सायोनी; जिनके काबा-मदीना गाने से बर्बाद हुईं ममता, वो घोष भी चड्ढा हो गईं
बंगाल चुनाव के दौरान सभा में सायोनी घोष के काबा और मदीना वाले गाने से राज्य में मतदान से पहले तीखा ध्रुवीकरण हुआ, जिसका भरपूर फायदा भाजपा को मिला। भाजपा को बंगाल में 208 सीटों के साथ दो तिहाई से ऊपर बहुमत से सरकार बनाने वाली ऐतिहासिक जीत मिली। टीएमसी 80 सीट के साथ विपक्ष में पहुंच गई। ममता बनर्जी की हार के बाद विधानसभा में नेता विपक्ष के पद को लेकर 57 विधायकों के समर्थन से ऋतब्रत बनर्जी ने पहली बगावत की और स्पीकर की मंजूरी से इस पद को हासिल कर लिया।
इससे पहले पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने 70 विधायकों के समर्थन के आधार पर सोहनदेव चटोपाध्याय को विपक्ष का नेता बनाने के लिए स्पीकर को चिट्ठी भेजी थी। ऋतब्रत ने अभिषेक पर इस लेटर में विधायकों के फर्जी साइन का आरोप लगाया, जिसके बाद उनको पार्टी से निकाल दिया गया था। अब ऋतब्रत के आरोपों की सीआईडी जांच चल रही है। उस केस में अभिषेक से पूछताछ भी हुई है। ऋतब्रत को नेता विपक्ष बनाने के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर पार्टी के मुकदमे पर सुनवाई शुरू हो गई है, लेकिन कोर्ट ने स्पीकर के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
TMC के बागी विधायकों से अलग सांसदों की रणनीति, काकोली बोलीं- ऋतब्रत से मेरा कोई लेना-देना नहीं
विधानसभा के बाद बगावत की आग धीरे-धीरे पार्टी के संसदीय दल में फैल गई। दिल्ली में काकोली घोष दास्तीदार के नेतृत्व में 19 सांसदों ने स्पीकर को पत्र भेजकर अलग समूह के तौर पर दर्जा देने की मांग की है। दास्तीदार का दावा है कि उनके साथ 28 में 20 लोकसभा सांसद हैं। इन बागियों में सायोनी घोष के अलावा शताब्दी रॉय और यूसुफ पठान जैसे एमपी भी हैं। कल्याण बनर्जी भी कोर्ट केस से हटाने से भड़क गए हैं और ममता बनर्जी से कह रहे हैं कि अभिषेक की बदतमीजी बर्दाश्त से बाहर हो रही है। ममता या तो अभिषेक को साथ रख लें या उन लोगों को साथ रखें। ममता के साथ इस समय 8 सांसद दिख रहे हैं, जिनमें महुआ मोइत्रा, शत्रुघन सिन्हा और कीर्ति आजाद शामिल हैं।
दीदी को धोखा नहीं देंगे बिहारी! शत्रुघ्न के बाद कीर्ति भी मुसीबत में ममता के साथ; बागियों को ललकारा
लोकसभा के साथ-साथ टीएमसी राज्यसभा में भी टूट रही है। राज्यसभा में टीएमसी के 13 सांसदों में 4 ने बारी-बारी से इस्तीफा दिया है। इस्तीफा देने वाले सांसदों में सुखेंदु शेखर राय, सुष्मिता देव, प्रकाश चिक बड़ाईक और कोयल मलिक शामिल हैं। लोकसभा और राज्यसभा में टीएमसी की टूट से नरेंद्र मोदी सरकार को दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत की तरफ बढ़ने में मदद मिलेगी।
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