अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान की 'एयरलाइंस की लैंडिंग, ईंधन भरने और टिकट बिक्री' पर रोक लगाएगा.
दीपक मंडल, सुमंत सिंह
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अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान की 'एयरलाइंस की लैंडिंग, ईंधन भरने और टिकट बिक्री' पर रोक लगाएगा.
इससे पहले अमेरिका ने बुधवार को ईरान की पर्शियन गल्फ़ स्ट्रेट अथॉरिटी (पीजीएसए) पर प्रतिबंध लगाए थे.
स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को एक्स पर लिखा, "अमेरिकी वित्त विभाग ईरानी शासन के ख़िलाफ़ अपना 'इकोनॉमिक फ़्यूरी' अभियान जारी रखे हुए है… ईरान की पर्शियन गल्फ़ स्ट्रेट अथॉरिटी एक मज़ाक है और ट्रेज़री विभाग ने उस पर प्रतिबंध लगाए हैं."
उन्होंने कहा, "हम ईरान की दोनों एयरलाइंस की लैंडिंग, ईंधन भरने और टिकट बिक्री तक पहुंच भी बंद करेंगे."
इससे पहले अमेरिकी वित्त विभाग ने पर्शियन गल्फ़ स्ट्रेट अथॉरिटी पर प्रतिबंध लगाते हुए आरोप लगाया कि इसके ज़रिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) 'होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाज़ों के आवागमन से टोल' कमाता है.
अमेरिका ने 'पर्शियन गल्फ़ स्ट्रेट अथॉरिटी के साथ सहयोग करने वाले सभी लोगों' को अपनी प्रतिबंध सूची में डाल दिया है.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, इससे पहले पर्शियन गल्फ़ स्ट्रेट अथॉरिटी के आधिकारिक एक्स अकाउंट ने होर्मुज़ स्ट्रेट में 'निगरानी क्षेत्र' का एक नक्शा जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि इस क्षेत्र में यातायात के लिए इस संगठन के साथ 'तालमेल और अनुमति ज़रूरी' है.
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पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक़ डार शुक्रवार, 29 मई को वॉशिंगटन का दौरा करेंगे. इसकी जानकारी पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने दी है.
इसहाक़ डार इस वक़्त अमेरिका दौरे पर हैं. गुरुवार को उन्होंने न्यूयॉर्क में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाक़ात की.
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, इसहाक़ डार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बहस में हिस्सा लेने गए हैं. यह बहस 'अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों को कायम रखने और संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को मज़बूत करने' के विषय पर थी.
यह बहस 26 मई को सुरक्षा परिषद में चीन की अध्यक्षता के दौरान आयोजित की गई थी.
डार के वॉशिंगटन दौरे के बारे में पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने बताया, "इस दौरे के दौरान वह अमेरिकी विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्को रुबियो से मुलाक़ात करेंगे. दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेंगे और साझा हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा करेंगे."
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि यह यात्रा 'संवाद और कूटनीति के ज़रिए क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान की कोशिशों' को भी दर्शाती है.
पाकिस्तानी विदेश मंत्री की यह यात्रा ऐसे वक़्त पर हो रही है, जब अमेरिका और ईरान, दोनों ने एक-दूसरे पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है.
पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका में है.
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ईरान के बंदर अब्बास में अमेरिका के ताज़ा हमलों और ईरान के जवाबी हमलों पर रूस की प्रतिक्रिया आई है.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने गुरुवार को एक प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान इस पर बयान दिया.
ज़खारोवा ने अमेरिका और ईरान से युद्ध की ओर वापस न लौटने और बातचीत जारी रखने की अपील की है.
इसके अलावा उन्होंने कहा कि रूस, ईरान से एनरिच्ड यूरेनियम को हटाने में मदद करने के लिए तैयार है, लेकिन रूस "इस प्रस्ताव को थोपेगा नहीं."
अमेरिका ने ईरान के बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के इलाक़ों में हमले किए हैं. इसके जवाब में ईरान ने कहा कि उसने अमेरिकी अड्डे को निशाना बनाया है.
वहीं, कुवैत ने अपने क्षेत्र में हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों के लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराया है.
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अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कुवैत पर ईरान के मिसाइल हमले को युद्धविराम का घोर उल्लंघन बताया है.
सेंटकॉम ने कहा, "ईरान ने कुवैत की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिसे कुवैती बलों ने सफलतापूर्वक रोक दिया. ईरानी शासन की तरफ़ से युद्धविराम का यह गंभीर उल्लंघन उस घटना के कुछ घंटों बाद हुआ, जब ईरानी बलों ने एकतरफ़ा हमला करते हुए ड्रोन दागे. इससे होर्मुज़ स्ट्रेट और उसके आसपास के क्षेत्र में ख़तरा पैदा हुआ."
बयान में आगे कहा गया, "अमेरिकी बलों ने सभी ड्रोन को सफलतापूर्वक रोक दिया. साथ ही बंदर अब्बास में ईरानी ग्राउंड कंट्रोल साइट से छठे ड्रोन के लॉन्च को भी रोक दिया गया."
कुवैत ने भी इन हमलों के लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराया है और इसकी निंदा की है.
उधर, ईरान की ओर से कहा गया कि जिस अमेरिकी अड्डे से बंदर अब्बास में हमले हुए, उसे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने निशाना बनाया है. हालांकि बयान में यह नहीं बताया गया कि यह अमेरिकी अड्डा किस देश में है.
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कुवैत ने गुरुवार सुबह उसके क्षेत्र में हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों के लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराया और इसकी निंदा की.
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में ईरानी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'गंभीर तौर पर तनाव बढ़ाने वाला' और 'संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा का स्पष्ट उल्लंघन' बताया.
मंत्रालय ने ईरान से 'इन हमलों को तत्काल और बिना शर्त रोकने' की अपील की और कहा कि 'इन कार्रवाइयों के लिए तेहरान पूरी तरह से ज़िम्मेदार' है.
इससे पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने कहा था कि उसने उस अमेरिकी अड्डे को निशाना बनाया है, जहां से ईरान में ताज़ा हमले हुए.
आईआरजीसी ने यह नहीं बताया कि उसने जिस अमेरिकी अड्डे को निशाना बनाया है, वह किस देश में है.
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भारत और चीन ने बुधवार, 27 मई को पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) की स्थिति पर चर्चा की.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार, 28 मई को इस चर्चा को लेकर प्रेस रिलीज़ जारी की, जिसमें यह जानकारी दी गई.
बयान के मुताबिक़, "बीजिंग में वर्किंग मैकेनिज़्म फ़ॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन की बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने सीमा से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की."
बयान में कहा गया कि दोनों देशों ने इस बात पर भी सहमति जताई कि सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने से आपसी संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य करने में मदद मिली है.
विदेश मंत्रालय ने कहा, "दोनों पक्षों ने भारत-चीन सीमा क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने में हुई प्रगति पर संतोष जताया, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य करने की दिशा में आगे बढ़ना संभव हुआ है."
दोनों देशों ने चीन में होने वाली विशेष प्रतिनिधियों की अगली बैठक की 'ठोस तैयारी' के लिए साथ मिलकर काम करने पर भी सहमति जताई.
भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, यह चर्चा 'भविष्य को ध्यान में रखकर' की गई और 'सार्थक' रही.
भारत और चीन ने पिछले एक साल में संबंध सुधारने के लिए कई कदम उठाए हैं.
साल 2020 में एलएसी पर हुई हिंसक झड़पों और उसके बाद चले सैन्य तनाव के कारण दोनों देशों के रिश्तों में भारी तनाव आ गया था.
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बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, ईरान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बंदर अब्बास के इलाक़ों पर अमेरिकी हमले की 'कड़ी' निंदा की है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने अमेरिकी हमलों को 'अंतरराष्ट्रीय क़ानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन' बताया है.
उन्होंने कहा, "यह आक्रामक कार्रवाई ईरान की क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय संप्रभुता के ख़िलाफ़ है और अंतरराष्ट्रीय क़ानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का स्पष्ट उल्लंघन है."
बग़ाई ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को अमेरिका को जवाबदेह ठहराने की अपनी क़ानूनी ज़िम्मेदारी पूरी करनी चाहिए."
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ओमान के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणी की भी निंदा की है.
बग़ाई ने ओमान के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा, "क्षेत्र में मध्यस्थता और सार्थक भूमिका निभाने वाले संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश को नष्ट करने की धमकी, अंतरराष्ट्रीय संबंधों में अराजकता और दादागिरी के सामान्यीकरण का एक और ख़तरनाक संकेत है."
ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान होर्मुज़ स्ट्रेट के नियंत्रण को लेकर ईरान और ओमान के बीच समन्वय की ख़बरों पर टिप्पणी की थी.
उन्होंने कहा, "ओमान को बाक़ियों की तरह व्यवहार करना होगा, नहीं तो हमें उन्हें तबाह कर देना पड़ेगा."
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इसराइली सेना के मुताबिक़, दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाते हुए इसराइल ने कई हवाई हमले किए हैं.
इससे पहले सेना ने दक्षिणी लेबनान के बड़े हिस्सों को खाली करने का आदेश जारी किया था.
लेबनान के सबसे बड़े शहरों में शामिल तायर से सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में ढही इमारतों के आसपास धूल के गुबार में लोग जमा होते दिखाई दे रहे हैं.
बुधवार को इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ (आईडीएफ़) ने लोगों से ज़हरानी नदी के उत्तर की ओर जाने की अपील की थी. यह इलाक़ा इसराइली सीमा से क़रीब 40 किलोमीटर दूर है. सेना ने कहा था कि वह "बेहद ताक़त के साथ" कार्रवाई करेगी.
इसराइल और ईरान समर्थित शिया संगठन हिज़्बुल्लाह ने 17 अप्रैल से लागू युद्धविराम के बार-बार उल्लंघन के लिए एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं.
लेबनान की सरकारी नेशनल न्यूज़ एजेंसी (एनएनए) के मुताबिक़, गुरुवार सुबह इसराइल ने तायर और शहर के पूर्वी हिस्से में दो बार हवाई हमले किए.
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कुवैत की सेना ने कहा है कि देश की वायु रक्षा प्रणालियों ने मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोका है. हालांकि, सेना ने यह नहीं बताया कि ये हमले कहां से हुए थे.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, कुवैती सेना ने एक बयान में कहा कि देश में जिन धमाकों की आवाज़ें सुनाई दीं, वह एयर डिफ़ेंस सिस्टम की मदद से ख़तरों को इंटरसेप्ट किए जाने के कारण हुईं.
वहीं, नागरिकों से आधिकारिक दिशानिर्देशों के पालन का अनुरोध किया गया है. कुवैत की सेना का बयान ऐसे समय पर आया है जब अमेरिका ने ईरान पर नए हमले किए.
वहीं ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने एक बयान जारी कर दावा किया कि उसने उस अमेरिकी अड्डे को निशाना बनाया है, जहां से ईरान में ताज़ा हमले हुए.
हालांकि, आईआरजीसी ने यह नहीं बताया कि उसने जिस अमेरिकी अड्डे को निशाना बनाया है, वह किस जगह पर है.
इससे पहले कुवैत की सरकारी समाचार एजेंसी ने देश में ख़तरे के सायरन बजने की जानकारी दी थी.
एजेंसी ने कहा था कि कुवैत के वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय हो गई है और विमान रोधी प्रणालियां ड्रोन और मिसाइल हमलों का मुक़ाबला कर रही हैं.
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में बगावत और इस्तीफ़ों का सिलसिला लगातार तेज़ हो रहा है.
गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शांतनु सेन ने पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को पत्र भेज कर अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया. हालांकि यह नहीं पता चल सका है कि उनका इस्तीफ़ा स्वीकार हुआ है या नहीं.
शांतनु ने अपने पत्र में लिखा है कि आम लोगों की राय स्वीकार करते हुए उन्होंने इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला किया है.
इससे पहले आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जूनियर डॉक्टर की मौत के बाद सेन ने अस्पताल में भ्रष्टाचार पर टिप्पणी की थी. उस समय पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में उनको प्रवक्ता पद से हटाते हुए पार्टी से निलंबित कर दिया गया था. बाद में उनको दोबारा प्रवक्ता बनाया गया था.
वैसे, सेन ने बीते कुछ दिनों से बगावती सुर अपना रखा है. राज्य में नई सरकार के सत्ता में आने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बीजेपी सरकार का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को धन्यवाद दिया था.
इसके बाद बुधवार को उन्होंने कहा था कि वह आरजी कर की घटना की नए सिरे से जांच में हरसंभव मदद करने को तैयार हैं.
लेकिन प्रवक्ता के पद से अचानक इस्तीफा क्यों दिया? इसके जवाब में सेन ने पत्रकारों से कहा, "पार्टी के प्रवक्ता के तौर पर मुझे कई अनैतिक कामों का समर्थन करना पड़ा था. विधानसभा चुनाव के नतीजों से साफ़ है कि आम लोगों ने आरजी कर की घटना और नौकरियों में भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ वोट डाला है. लोगों की राय का सम्मान करते हुए मैंने इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला किया है."
चुनाव में हार के बाद पार्टी के कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से शीर्ष नेतृत्व और सरकार के कामकाज की आलोचना की है. कई नेताओं ने विभिन्न नगरपालिकाओं में अपने पद से इस्तीफ़े भी दिए हैं.
इससे पहले चार बार की सांसद रही काकोली घोष दस्तीदार ने भी पार्टी के तमाम पदों से इस्तीफ़ा दे दिया था.
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अमेरिका की ओर से ईरान के रणनीतिक पोर्ट सिटी बंदर अब्बास स्थित एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाए जाने के बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने कहा है कि उसने जवाबी हमला किया है.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, आईआरजीसी का कहना है कि अमेरिका ने जिस अड्डे से हमले किए, उसने उसी को निशाना बनाया है.
आईआरजीसी का बयान ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने गुरुवार सुबह प्रकाशित किया.
बयान में कहा गया, "गुरुवार तड़के अमेरिकी सेना की ओर से बंदर अब्बास हवाई अड्डे के बाहरी इलाक़े में हवाई हमले के बाद जिस अमेरिकी अड्डे से हमला किया गया था, उसे सुबह 4:50 बजे निशाना बनाया गया."
आईआरजीसी ने कहा, "यह जवाबी कार्रवाई दुश्मन को एक गंभीर चेतावनी है, जिससे उसे पता चले कि हमले का जवाब ज़रूर दिया जाएगा और अगर यह दोहराया गया तो हमारी प्रतिक्रिया और भी निर्णायक होगी. इसके परिणामों की ज़िम्मेदारी हमलावर की होगी."
इससे पहले कुवैत की सरकारी समाचार एजेंसी ने देश में ख़तरे के सायरन बजने की जानकारी दी थी.
एजेंसी ने कहा था कि कुवैत के वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय हो गई है और विमान रोधी प्रणालियां ड्रोन और मिसाइल हमलों का मुक़ाबला कर रही हैं.
हालांकि, यह अब तक स्पष्ट नहीं है कि आईआरजीसी ने जिस अमेरिकी अड्डे को निशाना बनाने की बात कही है, वह किस देश में है.
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मशहूर उर्दू शायर और साहित्यकार बशीर बद्र का गुरुवार को भोपाल में निधन हो गया. वह 91 वर्ष के थे. परिवार के मुताबिक़ उन्होंने दोपहर क़रीब 12 बजे अंतिम सांस ली.
बीबीसी से बात करते हुए बशीर बद्र की पत्नी डॉक्टर राहत बद्र ने इस ख़बर की पुष्टि की है.
बशीर बद्र लंबे समय से डिमेंशिया से जूझ रहे थे. परिवार के मुताबिक़ पिछले कुछ समय से उनकी सेहत लगातार ख़राब रह रही थी उन्हें लोगों को पहचानने में दिक्कत हो रही थी.
उर्दू शायरी को आसान और बोलचाल की भाषा में नई पहचान देने वाले बशीर बद्र ने पारंपरिक अंदाज़ से अलग अपनी शैली विकसित की थी.
उनकी ग़ज़लों में मोहब्बत, तन्हाई, रिश्तों और रोज़मर्रा की जिंदगी के अनुभव दिखाई देते थे. उनके कई शेर आज भी मुशायरों और सोशल मीडिया पर अक्सर सुनाई देते हैं.
साल 1969 में उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई की थी. इसके बाद 1974 में मेरठ कॉलेज के उर्दू विभाग में बतौर लेक्चरर नियुक्त हुए और 1990 तक वहां पढ़ाया.
साहित्य जगत में 1974 से 1990 के बीच का दौर उनके रचनात्मक जीवन का अहम समय माना जाता है. इसी दौरान उनकी शायरी ने देश और विदेश में पहचान बनाई.
परिवार के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार बुधवार शाम को किया जा सकता है, हालांकि समय अभी तय नहीं हुआ है.
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कीनिया की राजधानी नैरोबी से लगभग 120 किलोमीटर पश्चिम में स्थित गिलगिल के एक बोर्डिंग स्कूल में आग लगने से 16 स्टूडेंट्स की मौत हो गई है.
घटनास्थल पर मौजूद एक पुलिस अधिकारी ने पत्रकारों को यह जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि इस हादसे में घायल हुए 74 अन्य स्टूडेंट्स का अस्पताल में इलाज चल रहा है.
कीनिया रेड क्रॉस और पुलिस के मुताबिक़, उतुमिशी गर्ल्स स्कूल में यह आग गुरुवार तड़के उस समय लगी, जब स्टूडेंट्स सो रहे थे.
पुलिस ने कहा कि बचाव और राहत अभियान जारी है. अधिकारी अब तक आग लगने के कारण का पता नहीं लगा पाए हैं.
कीनिया रेड-क्रॉस ने बताया कि आपातकालीन सहायता दल मौके पर मौजूद हैं और मदद मुहैया करा रहे हैं.
पुलिस कमांडर मसूद म्विनी ने स्कूल के बाहर मौजूद अभिभावकों और लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "यह बेहद दुखद और पीड़ादायक स्थिति है."
कीनिया के बोर्डिंग स्कूलों में आग लगने की घटनाएं असामान्य नहीं हैं.
हाल के वर्षों में ऐसे कई घातक हादसे सामने आए हैं. हॉस्टल में स्टूडेंट्स की ज्यादा तादाद और सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन न करना अक्सर बड़ी संख्या में हताहतों की वजह माना जाता है.
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भारत का रुपया गिर रहा है लेकिन दूसरे कई एशियाई देशों की मुद्रा मज़बूत कैसे हो रही है?
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'हेटर्स कहेंगे कि तुम 15 के नहीं हो…', गेल, रसेल से लेकर सचिन तक हुए वैभव के मुरीद, किसने क्या
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ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने गुरुवार को कहा कि उसका मूल्यांकन प्लेटफ़ॉर्म पूरी तरह सुरक्षित है.
सीबीएसई ने कहा, ''ये मजबूत आईटी प्लेटफ़ॉर्म है. वास्तविक मूल्यांकन पोर्टल में किसी भी तरह की सेंध या तकनीकी कमजोरी की कोई सूचना नहीं मिली है.''
सीबीएसई ने कहा, ''इस प्लेटफ़ॉर्म का अधिकृत सुरक्षा ऑडिट के ज़रिए परीक्षण और सर्टिफ़िकेशन किया गया है. साथ ही यह मज़बूत डिजिटल बुनियादी ढांचे से लैस है, जिसमें आंसर-शीट्स पुस्तिकाओं की सुरक्षित स्कैनिंग और प्रोसेसिंग के लिए कई स्तरों पर क्वालिटी चेक और सुरक्षा उपाय हैं.''
बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर कहा, '' स्टूडेंट्स की आंसर-शीट्स पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें कई क्वालिटी कंट्रोल प्रोसेस के तहद प्रोसेस किया गया है.''
सीबीएसई ने स्टूडेंट्स और अभिभावकों से किसी भी भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करने की अपील की है.
सीबीएसई की 10वीं और 12वीं क्लास के नतीजे आने के बाद बड़ी तादाद में स्टूडेंट्स ने अपनी स्कैन कॉपी मांगी है.
ये स्टूडेंट्स ऑन-स्क्रीन मार्किंग से संतुष्ट नहीं हैं. इसलिए बड़ी तादाद में आंसर शीट्स को दोबारा जांचने की मांग उठ रही है.
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भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और त्रिपुरा में नए पार्टी अध्यक्षों की नियुक्ति की है.
दिल्ली में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को पार्टी अध्यक्ष नियुक्त किया है.
वहीं पंजाब में सरदार केवल सिंह ढिल्लों को पार्टी अध्यक्ष बनाया गया है.
हरियाणा में डॉ. अर्चना गुप्ता पार्टी की नई अध्यक्ष होंगी, जबकि त्रिपुरा में अभिषेक देबरॉय को पार्टी प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई है.
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण कुमार की ओर से जारी लिखित बयान के मुताबिक़ सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं.
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीबीएसई रिजल्ट में 'हेर-फेर' के राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है.
गुरुवार को उन्होंने पत्रकारों से कहा,'' राहुल गांधी एक अलग मानसिकता में पहुंच चुके हैं. निरंतर चुनाव हारने के कारण वो फ्रस्ट्रेशन में जा चुके हैं. उन्होंने एसआईआर का विरोध किया. ईवीएम का विरोध किया. डिजिटल इंडिया का विरोध किया. भारत की वैज्ञानिक प्रगति के साथ वो नहीं हैं.''
उन्होंने कहा, ''मैं खुद इस विसंगति और अव्यवस्था का सरकार की ओर से दायित्व लेता हूं. उनसे अनुरोध करता हूं उनका इस संबंध में कोई भी बयान देना ठीक नहीं है. मैं पहले ही कह चुका हूं कि ये राजनीति का समय नहीं है. बच्चों का मानसिक तनाव और न बढ़े इसलिए इस तरह के बयान न दें.''
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) परीक्षा परिणामों में 'हेर-फे़र' का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार और 'कोएम्प्ट एडुटेक' नाम की कंपनी को इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराया है.
हालांकि सीबीएसई ने राहुल गांधी के इन आरोपों को ख़ारिज किया है.
सीबीएसई के मुताबिक़ राहुल गांधी के आरोप ग़लत, भ्रामक और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं.
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तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिख कर अपनी ही पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी पर संसद परिसर में अपने साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है.
इसके साथ ही उन्होंने कल्याण बनर्जी के ख़िलाफ़ महिला सांसदों के प्रति स्त्री-विरोधी व्यवहार करने का भी आरोप लगाया है.
यह शिकायत ऐसे समय आई है जब विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद टीएमसी के नेता एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं.
लोकसभा स्पीकर को लिखे अपने पत्र में काकोली घोष दस्तीदार ने शिकायत को औपचारिक रूप से दर्ज करने की अनुमति मांगी है और कल्याण बनर्जी के ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई की मांग की है.
इससे पहले काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के तमाम पदों से इस्तीफ़ा दे दिया था.
उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को भेजे पत्र में इस्तीफे़ की जानकारी दी थी.
हालांकि उन्होंने पार्टी में बने रहने की बात कही थी.
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