आगरा में नोएडा जैसे बवाल की कोशिश, खुफिया विभाग ने मजदूरों को भड़का रहे युवक को किया गिरफ्तार – Live Hindustan

UP News: नोएडा में वेतन वृद्धि को लेकर हुए हिंसक आंदोलन की आग को ताजनगरी आगरा तक पहुँचाने की कोशिश को पुलिस और खुफिया विभाग (LIU) ने समय रहते नाकाम कर दिया। आगरा के सिकंदरा इलाके में मजदूरों को फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ भड़काने और उग्र प्रदर्शन के लिए उकसाने वाले एक अमित चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद आगरा प्रशासन हाई अलर्ट पर है।

नोएडा की तर्ज पर आगरा के औद्योगिक क्षेत्रों में अशांति फैलाने की योजना की भनक लगते ही पुलिस और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) सक्रिय हो गई थी। सिकंदरा पुलिस को सूचना मिली कि अमित चौधरी नामक युवक पिछले दो दिनों से मजदूरों के बीच जाकर उन्हें फैक्ट्रियां बंद करने और सड़कों पर उतरने के लिए उकसा रहा है।

पुलिस के अनुसार, अमित मजदूरों पर विरोध प्रदर्शन के लिए दबाव बना रहा था, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बनने लगा था। इंस्पेक्टर प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि आरोपित का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी भड़काऊ गतिविधियों में शामिल रहा है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर शांतिभंग की धाराओं में जेल भेज दिया है।

आगरा में एलआईयू के कर्मचारी सादी वर्दी में मजदूरों की बस्तियों और फैक्ट्री परिसरों के चक्कर काट रहे हैं। कथित मजदूर और किसान नेताओं की गतिविधियों की सूची तैयार की जा रही है ताकि नोएडा जैसी स्थिति दोबारा कहीं और पैदा न हो सके।

नोएडा की घटना से सबक लेते हुए अब आगरा के सिकंदरा, नुनिहाई और शास्त्रीपुरम जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस का कड़ा पहरा बैठा दिया गया है। खुफिया विभाग (LIU) विशेष रूप से उन व्हाट्सएप ग्रुपों और सोशल मीडिया हैंडल्स की निगरानी कर रहा है, जहाँ मजदूरों को गुमराह करने वाले संदेश साझा किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अमित चौधरी जैसे तत्वों का मकसद केवल वेतन वृद्धि नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़कर शहर में अराजकता फैलाना था।

उधर, नोएडा मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस के सबसे बड़े अधिकारी DGP राजीव कृष्ण खुद कमान संभाले हुए हैं। लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय के कंट्रोल रूम से डीजीपी, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद और एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने नोएडा की स्थिति का जायजा लिया।

अभी तक नोएडा पुलिस ने अब तक 7 अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर 300 से अधिक उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों और एसटीएफ को शक है कि इस बवाल के पीछे दिल्ली के कुछ विशेष संगठनों का हाथ है। इसकी गहनता से पड़ताल की जा रही है। डीजीपी मुख्यालय की सोशल मीडिया सेल भ्रामक और भड़काऊ संदेश फैलाने वालों को चिन्हित कर रही है। डीजीपी ने साफ कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।
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